बांद्रा गरीब नगर में 1300 अतिक्रमण ध्वस्त, दीपावली के बाद मल्टी मॉडल रेलवे टर्मिनल का निर्माण शुरू होगा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने 30 अक्टूबर 2026 को मुंबई के बांद्रा गरीब नगर पहुँचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई वाली जगह का सीधे निरीक्षण किया। प्रशासन ने हाल ही में रेलवे की भूमि पर बने करीब 1300 अतिक्रमण ध्वस्त किए हैं और 100 परिवारों का पुनर्वास भी पूरा किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
सोमैया ने बताया कि लगभग 1400 परिवार उस भूमि पर अपना दावा जता रहे थे, जो वास्तव में रेलवे की संपत्ति थी। उन्होंने कहा, 'बांद्रा के लाखों निवासी आज चैन की सांस ले रहे हैं। हमने सभी भू-माफिया को लात मारकर भगा दिया है। करीब 1300 का डिमोलिशन हो गया और 100 परिवार का पुनर्वासन भी हो गया है।'
गौरतलब है कि बांद्रा गरीब नगर में लंबे समय से रेलवे की जमीन पर अवैध निर्माण का मामला चल रहा था। आरोप था कि भू-माफिया और झोपड़पट्टी माफिया ने सरकारी ज़मीन को अपने कब्जे में ले लिया था।
विकास परियोजना का खाका
सोमैया के अनुसार, दीपावली के बाद इस भूमि पर एक मल्टी मॉडल रेलवे टर्मिनल का निर्माण शुरू किया जाएगा। इसमें 5 से 7 डीजल लोको श्रेणी का यार्ड, पार्किंग सुविधा और ट्रेन की अतिरिक्त लाइन शामिल होगी। उन्होंने कहा, 'पूरा गरीब नगर रेलवे टर्मिनल का कायापलट सभी को 2 साल में दिखेगा।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'इस दीपावली से कंस्ट्रक्शन शुरू होगा और अगली दीपावली तक लगेगा कि बांद्रा रेलवे स्टेशन हमारा है। रिक्शा वालों की अव्यवस्था, ड्रग्स और लैंड माफिया, झोपड़पट्टी माफिया — सभी चीज़ें समाप्त होने वाली हैं।'
राजनीतिक प्रतिक्रिया
अवैध प्रवासियों के मतदाता सूचियों में नाम होने के सवाल पर सोमैया ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ठाकरे सेना और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि पुनर्वासित 100 परिवारों में अवैध लोगों के नाम घुसाने का प्रयास किया गया था, लेकिन यह नाकाम रहा। उन्होंने कहा, 'नरेंद्र और देवेंद्र ने करके दिखाया।'
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में चुनावी माहौल गर्म है और अवैध अतिक्रमण तथा भू-माफिया का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।
आम जनता पर असर
स्थानीय निवासियों के लिए यह कार्रवाई राहत लेकर आई है। मल्टी मॉडल टर्मिनल के बनने से बांद्रा के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और पार्किंग सुविधा मिलेगी। हालाँकि, पुनर्वासित परिवारों की दीर्घकालिक स्थिति और उनके लिए प्रदान की गई सुविधाओं का स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है।
क्या होगा आगे
सोमैया के बयान के अनुसार, दीपावली के तुरंत बाद निर्माण कार्य की शुरुआत होगी और लगभग 2 वर्षों में पूरे परिसर का कायापलट दिखने लगेगा। रेलवे अधिकारियों की ओर से परियोजना की विस्तृत समयसीमा की आधिकारिक घोषणा अपेक्षित है।