बरगी डैम क्रूज हादसा: जबलपुर कोर्ट का स्वतः संज्ञान, चालक समेत अन्य पर 2 दिन में एफआईआर के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
जबलपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 5 मई 2026 को बरगी डैम क्रूज हादसे में स्वतः संज्ञान लेते हुए क्रूज चालक और अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध दो दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। 30 अप्रैल को हुए इस हादसे में 13 लोगों की जान जा चुकी है और कई अन्य घायल हुए थे।
कोर्ट ने क्यों लिया स्वतः संज्ञान
न्यायिक मजिस्ट्रेट डीपी सूत्रकार ने विभिन्न समाचार पत्रों और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया। अदालत ने बरगी थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि दो दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज कर उसकी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी जाए और मामले की विस्तृत जाँच की जाए।
कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में स्पष्ट किया कि क्रूज चालक ने लापरवाही से क्रूज संचालित किया और हादसे के समय यात्रियों को डूबता छोड़कर खुद बच निकला। अदालत ने यह भी कहा कि डूबते लोगों को बचाने का प्रयास न करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि कोर्ट ने हादसे के दौरान बचाव कार्य में जुटे लोगों की सराहना भी की।
किन धाराओं में बनता है मामला
न्यायालय ने माना कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और धारा 110 के तहत बनता है। अदालत ने चेताया कि यदि इस तरह के मामलों में एफआईआर और जाँच नहीं हुई, तो भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है, इसलिए सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
हादसे का विवरण
30 अप्रैल को मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में क्रूज पलटने से 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। यह ऐसे समय में आया है जब जलाशयों और पर्यटन स्थलों पर नौका सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जैसे ही घटना की जानकारी मिली, प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और रेस्क्यू ऑपरेशन पर पूरी नज़र रखी गई। उन्होंने बताया कि मंत्री राकेश सिंह उनसे पहले ही मौके पर पहुँच चुके थे और सभी अधिकारी पूरी रात घटनास्थल पर मौजूद रहे।
लोधी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद इस घटना पर नज़र बनाए हुए हैं और प्रदेश सरकार पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर है। उन्होंने स्वीकार किया कि जिन लोगों को बचाया जा सकता था उन्हें सुरक्षित निकाला गया, किंतु दुर्भाग्यवश 13 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
आगे क्या होगा
अदालत के आदेश के बाद अब बरगी थाना पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने और विस्तृत जाँच रिपोर्ट न्यायालय को सौंपने का दायित्व है। यह मामला मध्य प्रदेश में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की माँग को और बल दे सकता है।