बीजद का BJP सरकार पर हमला: एलपीजी ₹415 से ₹968, पेट्रोल-डीजल पर GST लागू करने की मांग
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (बीजद) ने सोमवार, 8 जून को भुवनेश्वर में केंद्र और ओडिशा की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकारों पर तीखा हमला बोला — आरोप लगाया कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का फायदा उपभोक्ताओं तक नहीं पहुँचाया जा रहा, जबकि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी ने पेट्रोलियम उत्पादों पर करों में तत्काल कटौती और पेट्रोल-डीजल को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाने की माँग की।
मुख्य आरोप और आँकड़े
भुवनेश्वर के शंख भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजू महिला जनता दल की अध्यक्ष स्नेहांगिनी छुरिया ने कहा कि 2014 में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग ₹415 थी, जो अब बढ़कर ₹968 हो गई है — यानी एक दशक में दोगुने से भी अधिक की वृद्धि। उनके अनुसार, पेट्रोल, डीजल और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी असामान्य उछाल आया है।
छुरिया ने सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के सस्ता होने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को राहत क्यों नहीं मिल रही। उन्होंने BJP की 'डबल इंजन' सरकार को इस विसंगति के लिए सीधे ज़िम्मेदार ठहराया।
आम जनता पर असर
छुरिया के अनुसार, बढ़ती कीमतों का सबसे गंभीर असर निम्न-आय वर्ग और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। इसके अलावा छोटे व्यापारी, चाय दुकान संचालक और होटल मालिक भी बढ़ती लागत से बुरी तरह प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि खाना पकाने की गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण आम परिवारों के लिए घरेलू बजट संभालना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में महंगाई को लेकर विपक्षी दलों का केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लाने की माँग कई राज्य सरकारें और विपक्षी दल लंबे समय से उठाते रहे हैं।
बीजद की प्रमुख माँगें
बीजद ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह किया:
पहली, पेट्रोलियम उत्पादों पर लगाए गए करों में तत्काल कटौती की जाए। दूसरी, पेट्रोल और डीजल को GST के अंतर्गत लाया जाए, ताकि एकसमान कर ढाँचे से कीमतें नियंत्रित हों। तीसरी, घरेलू एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में राहत दी जाए।
महिला सुरक्षा पर भी उठाई आवाज़
प्रेस कॉन्फ्रेंस में छुरिया ने ओडिशा में महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि राज्य में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने सरकार पर इन मुद्दों के प्रति असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने की माँग की।
आगे क्या
बीजद ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने जल्द राहत नहीं दी, तो पार्टी जन-आंदोलन तेज़ करेगी। पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने का मुद्दा अब विधानसभा और संसद दोनों में उठाए जाने की संभावना है।