पलानी मंदिर भूमि घोटाला: सीबीसीआईडी ने ₹100 करोड़ की धोखाधड़ी में चार आरोपी गिरफ्तार किए
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु की क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीबीसीआईडी) ने 29 जुलाई को डिंडीगुल जिले के प्रसिद्ध पलानी मंदिर से संबद्ध दंडपाणि स्वामी मठ की लगभग ₹100 करोड़ मूल्य की भूमि के कथित धोखाधड़ीपूर्ण हस्तांतरण मामले में चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने जाली दस्तावेजों के ज़रिये सक्रिय अदालती आदेशों का उल्लंघन करते हुए मठ की बहुमूल्य संपत्ति को निजी नामों पर स्थानांतरित कराया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
सीबीसीआईडी ने बुधवार को वेल्लाथुराई, अनवरदीन, मुरुगाडोस और सेतुपति को औपचारिक रूप से हिरासत में लिया। वेल्लाथुराई तिरुप्पुर जिले के उडुमलपेट क्षेत्र के पप्पनकुलम के निवासी हैं, जबकि सेतुपति पलानी के हैं। मुरुगाडोस का संबंध मंदिर ट्रस्ट से बताया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद पलानी मंदिर की तलहटी में पार्क रोड स्थित दंडपाणि स्वामी मठ की भूमि के एक हिस्से से जुड़ा है। जांचकर्ताओं के अनुसार, लगभग ₹100 करोड़ मूल्य की इस संपत्ति को कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से निजी व्यक्तियों के नाम पर दर्ज करा दिया गया। एक शिकायत के बाद यह कथित घोटाला प्रकाश में आया, जिसके बाद सीबीसीआईडी ने विस्तृत जांच शुरू की।
जांच का दायरा
सीबीसीआईडी अधिकारियों ने बताया कि अब तक 82 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है — इनमें कोर्ट मामले के पक्षकार, दस्तावेज पंजीकरण अधिकारी, विक्रेता, भूमि लेन-देन से लाभान्वित व्यक्ति, गवाह, दलाल, क्लर्क और प्रशासनिक कर्मचारी शामिल हैं। जांच के दौरान एजेंसी ने सब-रजिस्ट्रार जस्टिन मणिकंदन सहित मंदिर प्रशासन, राजस्व विभाग और पंजीकरण विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की है।
सरकारी अधिकारियों पर संदेह
जांचकर्ता यह निर्धारित करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या सरकारी अधिकारियों ने मंदिर संपत्ति के अवैध हस्तांतरण में सक्रिय सहयोग किया या इसे जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया। एजेंसी ने कथित साजिश और भूमि हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेजी एवं मौखिक साक्ष्य भी एकत्र किए हैं।
आगे की कार्यवाही
चारों गिरफ्तार आरोपियों को संबंधित अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है। सीबीसीआईडी ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित भूमि हड़प और दस्तावेज जालसाजी में सरकारी अधिकारियों सहित अन्य व्यक्ति भी संलिप्त थे या नहीं। जांच आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।