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ट्विशा शर्मा केस: सीसीटीवी इंस्टॉलर विनोद वाणी का खुलासा — सॉफ्टवेयर अपडेट न होने से '2 दिन, 2 घंटे, 20 मिनट' पीछे था सिस्टम

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ट्विशा शर्मा केस: सीसीटीवी इंस्टॉलर विनोद वाणी का खुलासा — सॉफ्टवेयर अपडेट न होने से '2 दिन, 2 घंटे, 20 मिनट' पीछे था सिस्टम

सारांश

ट्विशा शर्मा की मौत की जाँच में सीसीटीवी फुटेज के समय में '2 दिन, 2 घंटे, 20 मिनट' की गड़बड़ी को लेकर इंस्टॉलर विनोद वाणी ने छेड़छाड़ की आशंका खारिज की है। उनका कहना है कि यह सॉफ्टवेयर अपडेट न होने की तकनीकी खामी थी और रिकॉर्डिंग पूरी तरह सुरक्षित है।

मुख्य बातें

सीसीटीवी इंस्टॉलर विनोद वाणी ने दावा किया कि पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर का सिस्टम '2 दिन, 2 घंटे और 20 मिनट' पीछे चल रहा था।
वाणी के अनुसार यह गड़बड़ी सॉफ्टवेयर अपडेट न होने की वजह से थी, किसी छेड़छाड़ के कारण नहीं।
सीसीटीवी सेटअप 2023 में लगाया गया था और उसमें आठ कैमरे और करीब एक टेराबाइट डेटा है।
स्टाफ सदस्य रोहित विश्वकर्मा ने पुलिस को शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक की फुटेज दिखाई।
पुलिस ने फुटेज और उपकरण जब्त किए; जब्ती के दो दिन बाद नया सीसीटीवी सेटअप लगाया गया।

भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत की जाँच के दौरान एक अहम बयान सामने आया है। सीसीटीवी इंस्टॉलर विनोद वाणी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के आवास पर लगा सीसीटीवी सिस्टम '2 दिन, 2 घंटे और 20 मिनट' पीछे चल रहा था — और इसकी वजह कोई छेड़छाड़ नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर का समय पर अपडेट न होना था। वाणी के अनुसार रिकॉर्डिंग पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें लगभग एक टेराबाइट डेटा संग्रहीत है।

मुख्य घटनाक्रम

विनोद वाणी ने बताया कि उन्होंने 2023 में गिरिबाला सिंह के घर पर आठ कैमरों का सीसीटीवी सेटअप लगाया था। 12 मई को हुई घटना के बाद उन्हें एक कॉल आया, लेकिन शुरू में उन्हें घटना की गंभीरता का अंदाज़ा नहीं था, क्योंकि ऐसे कॉल आमतौर पर चोरी या फुटेज निकालने से जुड़े होते हैं।

13 मई को पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह का फोन आने पर वाणी ने बताया कि वे तुरंत वहाँ नहीं पहुँच सकते। इसलिए उन्होंने अपने स्टाफ सदस्य रोहित विश्वकर्मा को सिस्टम जाँचने के लिए भेजा।

सॉफ्टवेयर समस्या का खुलासा

वाणी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'सीसीटीवी सिस्टम में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई थी। यह सॉफ्टवेयर की समस्या थी। अगर सॉफ्टवेयर समय पर अपडेट किया गया होता, तो यह गड़बड़ी नहीं होती।' उन्होंने यह भी बताया कि रिकॉर्डिंग पूरी है और उसमें करीब एक टेराबाइट डेटा जमा है।

स्टाफ सदस्य रोहित विश्वकर्मा ने भी इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जब वे गिरिबाला सिंह के घर पहुँचे, तो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहले से मौजूद थे। अधिकारियों के निर्देश पर उन्होंने शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक की फुटेज दिखाई। विश्वकर्मा के अनुसार, समय की यह गड़बड़ी सिस्टम की नियमित सर्विसिंग न होने के कारण हुई।

पुलिस को फुटेज सौंपी गई

वाणी ने बताया कि उनके स्टाफ ने फुटेज पुलिस को सौंप दी। इसके बाद पुलिस ने फुटेज और उपकरण जब्त कर लिए। जब्ती के बाद वाणी को घर पर नया सीसीटीवी सेटअप लगाने के लिए कहा गया, ताकि आगे की किसी भी गतिविधि पर नज़र रखी जा सके। वाणी ने बताया कि दो दिनों बाद नया सेटअप लगाया गया।

जाँच पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब ट्विशा शर्मा की मौत की जाँच कई अहम सवालों के घेरे में है। सीसीटीवी फुटेज के समय में गड़बड़ी को लेकर पहले छेड़छाड़ की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन इंस्टॉलर के बयान ने इस पहलू पर नई रोशनी डाली है। जाँच एजेंसियाँ अब तकनीकी विशेषज्ञों से इस दावे की स्वतंत्र जाँच करा सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह दावा स्वतंत्र तकनीकी जाँच के बिना पूरी तरह स्वीकार्य नहीं माना जा सकता। सॉफ्टवेयर की खामी और छेड़छाड़ के बीच का फर्क फोरेंसिक विश्लेषण से ही तय होगा — इंस्टॉलर के एकतरफा बयान से नहीं। यह भी उल्लेखनीय है कि फुटेज जब्ती के बाद उसी इंस्टॉलर को नया सेटअप लगाने का काम दिया गया, जो जाँच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा केस में सीसीटीवी फुटेज के समय में गड़बड़ी क्यों थी?
सीसीटीवी इंस्टॉलर विनोद वाणी के अनुसार, पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर का सिस्टम सॉफ्टवेयर अपडेट न होने के कारण '2 दिन, 2 घंटे और 20 मिनट' पीछे चल रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं हुई थी।
सीसीटीवी फुटेज पुलिस को कैसे सौंपी गई?
इंस्टॉलर विनोद वाणी ने अपने स्टाफ सदस्य रोहित विश्वकर्मा को 13 मई को घटनास्थल पर भेजा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में रोहित ने शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक की फुटेज दिखाई और बाद में पुलिस ने फुटेज व उपकरण जब्त कर लिए।
क्या सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग पूरी तरह सुरक्षित है?
विनोद वाणी के दावे के अनुसार, रिकॉर्डिंग पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें करीब एक टेराबाइट डेटा संग्रहीत है। हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र तकनीकी जाँच अभी बाकी है।
फुटेज जब्त होने के बाद क्या हुआ?
पुलिस द्वारा फुटेज और उपकरण जब्त किए जाने के बाद, विनोद वाणी को घर पर नया सीसीटीवी सेटअप लगाने के लिए कहा गया। वाणी के अनुसार जब्ती के दो दिन बाद नया सेटअप लगाया गया ताकि आगे की गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके।
ट्विशा शर्मा की मौत किससे जुड़ी है?
ट्विशा शर्मा की मौत की जाँच भोपाल में पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के आवास से जुड़ी है, जहाँ 12 मई को घटना हुई थी। जाँच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के समय में गड़बड़ी एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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