ट्रंप की चेतावनी: अमेरिका-ईरान समझौता अभी अधूरा, 'नहीं माने तो फिर बरसेंगे बम'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जून 2025 को एवियन (फ्रांस) में जारी जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान स्पष्ट किया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता अभी अंतिम नहीं है — यह केवल एक समझौता ज्ञापन (MOU) है और कई महत्वपूर्ण बिंदु अभी तय होने बाकी हैं। साथ ही उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने 'ठीक से व्यवहार नहीं किया' तो अमेरिका फिर से बमबारी करेगा।
समझौते की वास्तविक स्थिति
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मुलाकात से ठीक पहले पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'यह समझौता सिर्फ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग है।' उन्होंने स्वीकार किया कि अमेरिकी-ईरान ढाँचा 'बहुत मजबूत' है, लेकिन यह भी जोड़ा कि 'कोई नहीं जानता कि यह क्या है।' यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनियाभर में इस समझौते को एक ऐतिहासिक कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा था।
गौरतलब है कि ट्रंप ने दावा किया कि लगभग 99.99 प्रतिशत संभावना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। यह बयान परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर अमेरिकी रुख की एक झलक देता है।
बमबारी की चेतावनी और शर्तें
ट्रंप ने दो बार यह चेतावनी दोहराई कि यदि ईरान ने समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया, तो परिणाम गंभीर होंगे। उनके शब्दों में, 'अगर उन्होंने ठीक से व्यवहार नहीं किया, तो हम फिर बम बरसाएंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का पिछले 47 वर्षों का बर्ताव ठीक नहीं रहा है, जिसे वे इस कड़े रुख की वजह बताते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस समझौते को स्थायी शांति की दिशा में एक कदम मान रहा था। आलोचकों का कहना है कि ट्रंप के इस तरह के बयान कूटनीतिक प्रक्रिया को अनिश्चितता में डाल सकते हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य और बाज़ार पर असर
ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अगले एक-दो दिन में पूरी तरह खुल जाएगा और समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उन्होंने कहा कि शेयर बाज़ार इस खबर से 'बेहद खुश' है और तेल की कीमतें गिर रही हैं, जिसे वे इस समझौते की सफलता का संकेत मानते हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जहाँ से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। इस मार्ग के खुलने की संभावना से वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में राहत देखी जा रही है।
अमेरिकी फंडिंग पर ट्रंप का इनकार
ट्रंप ने ईरान के पुनर्निर्माण के लिए अमेरिकी फंडिंग की खबरों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा, 'हम 10 सेंट भी नहीं लगा रहे हैं, हम कोई निवेश नहीं कर रहे हैं।' 300 अरब डॉलर के फंड की चर्चाओं को उन्होंने 'गलत' करार दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि वे खाड़ी देशों से ईरान में निवेश की माँग नहीं कर रहे, लेकिन अगर वे स्वेच्छा से ऐसा करते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी — हालाँकि यह तभी संभव होगा जब ईरान के व्यवहार को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाए।
मिस्र की प्रतिक्रिया और आगे की राह
जी7 सम्मेलन के दौरान मौजूद मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने इस समझौते को 'बहुत महत्वपूर्ण' बताया और कहा कि मिस्र अंतिम समझौते का इंतजार कर रहा है ताकि वह अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दे सके। यह संकेत देता है कि क्षेत्रीय शक्तियाँ भी इस प्रक्रिया को ध्यान से देख रही हैं।
अब सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि MOU से पूर्ण समझौते तक की यात्रा कितनी सुगम होगी और ट्रंप की शर्तें ईरान की स्वीकृति पाती हैं या नहीं।