धौलपुर में ₹25,000 रिश्वत लेते कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार रंगे हाथ गिरफ्तार, मनरेगा हाजिरी का मामला
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के धौलपुर ज़िले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को रतनपुर ग्राम पंचायत (पंचायत समिति बसेड़ी) में तैनात कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार को एक शिकायतकर्ता से ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई जयपुर स्थित ACB मुख्यालय के निर्देश पर की गई, और आरोपी पर मनरेगा योजना के तहत हाजिरी सूची जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, धौलपुर ACB चौकी को शिकायत मिली थी कि रमेश कुमार रतनपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा की हाजिरी सूची जारी करने के लिए ₹26,000 की रिश्वत मांग रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि रिश्वत न देने पर आरोपी काम रोककर उसे परेशान कर रहा था।
शिकायत का गोपनीय सत्यापन 1 जून 2026 को किया गया, जिसमें ₹25,000 की रिश्वत मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस उप महानिरीक्षक (ACB, भरतपुर रेंज) ओमप्रकाश मीणा की देखरेख और पुलिस उप अधीक्षक ज्ञानचंद के नेतृत्व में गठित टीम ने जाल बिछाकर बुधवार को कार्रवाई की।
कैसे हुई गिरफ्तारी
ऑपरेशन के दौरान आरोपी को शिकायतकर्ता से ₹25,000 की रिश्वत लेते समय मौके पर ही दबोच लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के पास से अवैध राशि भी बरामद कर ली गई।
आगे की कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक (ACB) एस. परिमाला की देखरेख में जारी है। ACB ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
धौलपुर में पहले भी हुई बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि यह धौलपुर ज़िले में हाल के दिनों में दूसरी बड़ी ACB कार्रवाई है। इससे पहले हल्का पटवारी वीरेंद्र शर्मा को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि वह जमीन हस्तांतरण के बदले एक किसान से रिश्वत मांग रहा था।
उस मामले में भी ACB ने गोपनीय जांच के बाद विशेष टीम गठित की थी और जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को ₹50,000 सौंपे, सादे कपड़ों में मौजूद ACB कर्मियों ने उसे घेरकर हिरासत में ले लिया था।
क्यों मायने रखता है
राजस्थान में मनरेगा और भू-राजस्व से जुड़े निचले प्रशासनिक स्तर पर रिश्वतखोरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर हाजिरी सूची जारी करने जैसे रूटीन कार्यों के लिए रिश्वत मांगा जाना सीधे ग्रामीण मज़दूरों की मज़दूरी पर असर डालता है, जो योजना का असली लाभार्थी वर्ग है।
आगे क्या
ACB सूत्रों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के दौरान यह भी जांच की जाएगी कि क्या इस तरह की मांग पहले अन्य लाभार्थियों से भी की गई थी। शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कर लिया गया है और अदालत में चालान पेश करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।