19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

धौलपुर में ₹25,000 रिश्वत लेते कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार रंगे हाथ गिरफ्तार, मनरेगा हाजिरी का मामला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
धौलपुर में ₹25,000 रिश्वत लेते कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार रंगे हाथ गिरफ्तार, मनरेगा हाजिरी का मामला

सारांश

धौलपुर ACB ने रतनपुर ग्राम पंचायत के कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार को मनरेगा की हाजिरी सूची जारी करने के बदले ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने पुष्टि की कि शिकायत का गोपनीय सत्यापन 1 जून 2026 को हुआ था, जिसके बाद DSP ज्ञानचंद की टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की।

मुख्य बातें

धौलपुर ACB ने रतनपुर ग्राम पंचायत के कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार को ₹25,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
आरोप है कि रमेश कुमार मनरेगा की हाजिरी सूची जारी करने के बदले मूल रूप से ₹26,000 की मांग कर रहा था।
शिकायत का गोपनीय सत्यापन 1 जून 2026 को किया गया; कार्रवाई DSP ज्ञानचंद के नेतृत्व में हुई।
निगरानी पुलिस उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा और IG एस.
परिमाला की देखरेख में।
हाल ही में धौलपुर में पटवारी वीरेंद्र शर्मा भी ₹50,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ था।
आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज।

राजस्थान के धौलपुर ज़िले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को रतनपुर ग्राम पंचायत (पंचायत समिति बसेड़ी) में तैनात कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार को एक शिकायतकर्ता से ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई जयपुर स्थित ACB मुख्यालय के निर्देश पर की गई, और आरोपी पर मनरेगा योजना के तहत हाजिरी सूची जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, धौलपुर ACB चौकी को शिकायत मिली थी कि रमेश कुमार रतनपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा की हाजिरी सूची जारी करने के लिए ₹26,000 की रिश्वत मांग रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि रिश्वत न देने पर आरोपी काम रोककर उसे परेशान कर रहा था।

शिकायत का गोपनीय सत्यापन 1 जून 2026 को किया गया, जिसमें ₹25,000 की रिश्वत मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस उप महानिरीक्षक (ACB, भरतपुर रेंज) ओमप्रकाश मीणा की देखरेख और पुलिस उप अधीक्षक ज्ञानचंद के नेतृत्व में गठित टीम ने जाल बिछाकर बुधवार को कार्रवाई की।

कैसे हुई गिरफ्तारी

ऑपरेशन के दौरान आरोपी को शिकायतकर्ता से ₹25,000 की रिश्वत लेते समय मौके पर ही दबोच लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के पास से अवैध राशि भी बरामद कर ली गई।

आगे की कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक (ACB) एस. परिमाला की देखरेख में जारी है। ACB ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

धौलपुर में पहले भी हुई बड़ी कार्रवाई

गौरतलब है कि यह धौलपुर ज़िले में हाल के दिनों में दूसरी बड़ी ACB कार्रवाई है। इससे पहले हल्का पटवारी वीरेंद्र शर्मा को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि वह जमीन हस्तांतरण के बदले एक किसान से रिश्वत मांग रहा था।

उस मामले में भी ACB ने गोपनीय जांच के बाद विशेष टीम गठित की थी और जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को ₹50,000 सौंपे, सादे कपड़ों में मौजूद ACB कर्मियों ने उसे घेरकर हिरासत में ले लिया था।

क्यों मायने रखता है

राजस्थान में मनरेगा और भू-राजस्व से जुड़े निचले प्रशासनिक स्तर पर रिश्वतखोरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर हाजिरी सूची जारी करने जैसे रूटीन कार्यों के लिए रिश्वत मांगा जाना सीधे ग्रामीण मज़दूरों की मज़दूरी पर असर डालता है, जो योजना का असली लाभार्थी वर्ग है।

आगे क्या

ACB सूत्रों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के दौरान यह भी जांच की जाएगी कि क्या इस तरह की मांग पहले अन्य लाभार्थियों से भी की गई थी। शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कर लिया गया है और अदालत में चालान पेश करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और दोनों ही बार पीड़ित आम ग्रामीण रहे। मनरेगा जैसी कल्याणकारी योजना में हाजिरी सूची जैसे बुनियादी काम के लिए रिश्वत मांगा जाना दिखाता है कि भ्रष्टाचार सिस्टम के सबसे निचले छोर पर सबसे ज़्यादा चोट करता है, जहां शिकायत दर्ज कराना भी मुश्किल होता है। ट्रैप सफल हुए, यह अच्छी खबर है — पर असली परीक्षा यह है कि चार्जशीट कितनी जल्दी दाखिल होती है और दोषसिद्धि दर क्या रहती है। राजस्थान में ACB के पास पिछले वर्षों के लंबित मामलों की भारी संख्या इस सवाल को और तीखा बनाती है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धौलपुर ACB ने किसे और किस आरोप में गिरफ्तार किया?
ACB ने रतनपुर ग्राम पंचायत (पंचायत समिति बसेड़ी) में तैनात कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह मनरेगा योजना के तहत हाजिरी सूची जारी करने के बदले रिश्वत मांग रहा था।
शिकायतकर्ता ने क्या आरोप लगाया था?
शिकायतकर्ता के अनुसार, रमेश कुमार ने हाजिरी सूची जारी करने के लिए शुरू में ₹26,000 की मांग की थी और भुगतान न होने तक काम रोककर उसे परेशान कर रहा था। बाद में सत्यापन के दौरान ₹25,000 की मांग की पुष्टि हुई।
कार्रवाई किसकी देखरेख में हुई?
ट्रैप ऑपरेशन पुलिस उप महानिरीक्षक (ACB, भरतपुर रेंज) ओमप्रकाश मीणा की देखरेख और DSP ज्ञानचंद के नेतृत्व में किया गया। आगे की कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक (ACB) एस. परिमाला की निगरानी में जारी है, और पूरा अभियान पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता के निर्देशन में चलाया गया।
क्या धौलपुर में हाल ही में ऐसी कोई और कार्रवाई हुई है?
हां, इससे पहले धौलपुर में हल्का पटवारी वीरेंद्र शर्मा को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि वह जमीन हस्तांतरण के बदले एक किसान से रिश्वत मांग रहा था।
आरोपी पर कौन-सी धाराओं में मामला दर्ज हुआ है?
रमेश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के समय बरामद अवैध राशि को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया गया है और जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले