2 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली पुलिस ने फर्जी शादी रैकेट का भंडाफोड़ किया, पति-पत्नी सहित तीन गिरफ्तार; पीड़ित से ₹6 लाख की ठगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली पुलिस ने फर्जी शादी रैकेट का भंडाफोड़ किया, पति-पत्नी सहित तीन गिरफ्तार; पीड़ित से ₹6 लाख की ठगी

सारांश

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया जो शादीशुदा महिला को कुंवारी दुल्हन बनाकर पेश करता था और भोले-भाले पुरुषों से लाखों ठगता था। राजस्थान के एक पीड़ित से ₹6 लाख की ठगी के बाद पति-पत्नी सहित तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन अन्य अभी फरार।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 2 जुलाई 2026 को फर्जी शादी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपी लवली उर्फ ललिता — जो पहले से विवाहित थी और जिसके चार बच्चे हैं — को कुंवारी बताकर राजस्थान के जालौर निवासी श्रवण वैष्णव से 1 जून 2026 को फर्जी शादी करवाई गई।
गिरोह ने पीड़ित से ₹6 लाख वसूले और आपस में बाँट लिए।
गिरफ्तार आरोपियों में लवली उर्फ ललिता , उसके पति कमल लोहरा (झारखंड, गुमला) और दीपू उर्फ राकेश एक्का (दिल्ली, रघुबीर नगर) शामिल हैं।
अंकित वर्मा , दीपिका और गोपाल सहित तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं; जाँच जारी है।
29 जून 2026 को ख्याला थाने में FIR दर्ज की गई।

दिल्ली पुलिस ने 2 जुलाई 2026 को एक सुनियोजित फर्जी शादी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो शादीशुदा महिलाओं को कुंवारी बताकर भोले-भाले पुरुषों से मोटी रकम ठगते थे। ख्याला थाना क्षेत्र से संचालित इस मामले में पीड़ित श्रवण वैष्णव, जो राजस्थान के जालौर के निवासी हैं, से ₹6 लाख की धोखाधड़ी की गई।

मामला कैसे सामने आया

यह प्रकरण तब उजागर हुआ जब 18 जून 2026 को ख्याला थाने में लवली उर्फ ललिता नाम की एक महिला के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने जाँच के लिए एक विशेष टीम गठित की, जिसने तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचना-तंत्र की मदद से पता लगाया कि वह महिला राजस्थान के पाली जिले में छिपी हुई है। टीम ने तत्परता से तखतगढ़ पुलिस स्टेशन पहुँचकर उसे बरामद किया।

रैकेट का तरीकाकार

पूछताछ में लवली उर्फ ललिता ने खुलासा किया कि उसकी शादी 18 साल पहले कमल लोहरा से हो चुकी है और दोनों के चार बच्चे हैं। इसके बावजूद, गिरोह ने उसे कुंवारी महिला बताकर 1 जून 2026 को जालौर निवासी श्रवण वैष्णव से उसकी फर्जी शादी करवाई। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने पीड़ित से ₹6 लाख वसूले और आपस में बाँट लिए। योजना यह थी कि शादी के बाद ससुराल से नकदी और कीमती सामान लेकर फरार हो जाएँ।

आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे शादीशुदा महिलाओं को दुल्हन के रूप में पेश करके कुंवारे पुरुषों को निशाना बनाते थे, शादी के नाम पर धन एकत्र करते थे और बाद में भागने की योजना बनाते थे।

गिरफ्तार आरोपी

पीड़ित की शिकायत और जाँच में मिले साक्ष्यों के आधार पर 29 जून 2026 को ख्याला थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया — लवली उर्फ ललिता और उसके पति कमल लोहरा (दोनों झारखंड के गुमला के निवासी), तथा दीपू उर्फ राकेश एक्का (दिल्ली के रघुबीर नगर के निवासी)। गिरोह के अन्य सदस्यों — अंकित वर्मा, दीपिका और गोपाल — की तलाश अभी जारी है।

आगे की जाँच

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह जाँच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह गिरोह दूसरे राज्यों में भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी को अंजाम दे चुका है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। यह मामला इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि अंतर-राज्यीय विवाह धोखाधड़ी के मामलों में समन्वित पुलिस कार्रवाई कितनी ज़रूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दिल्ली और राजस्थान को जोड़ता हुआ — यह सवाल उठाता है कि क्या ऐसे रैकेट अकेले नहीं, बल्कि एक व्यापक नेटवर्क के हिस्से के रूप में काम करते हैं। पुलिस की जाँच का दायरा अन्य राज्यों तक बढ़ाया जाना सही दिशा में कदम है, लेकिन तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तक यह मामला अधूरा है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में फर्जी शादी रैकेट क्या था?
यह एक संगठित गिरोह था जो शादीशुदा महिलाओं को कुंवारी दुल्हन बताकर कुंवारे पुरुषों से शादी करवाता था और उनसे मोटी रकम ठगता था। शादी के बाद गिरोह की योजना ससुराल से नकदी और कीमती सामान लेकर फरार होने की होती थी।
इस रैकेट में पीड़ित से कितने रुपए ठगे गए?
राजस्थान के जालौर निवासी श्रवण वैष्णव से गिरोह ने ₹6 लाख वसूले, जिन्हें आरोपियों ने आपस में बाँट लिया। 1 जून 2026 को उनसे फर्जी शादी करवाई गई थी।
इस मामले में कितने और कौन-से आरोपी गिरफ्तार हुए?
दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया — लवली उर्फ ललिता, उसके पति कमल लोहरा (दोनों झारखंड के गुमला के निवासी) और दीपू उर्फ राकेश एक्का (दिल्ली के रघुबीर नगर के निवासी)। अंकित वर्मा, दीपिका और गोपाल अभी फरार हैं।
यह मामला कैसे उजागर हुआ?
18 जून 2026 को ख्याला थाने में लवली उर्फ ललिता के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी से उसे राजस्थान के पाली जिले में खोजा और पूछताछ में पूरे रैकेट का खुलासा हुआ।
क्या यह गिरोह दूसरे राज्यों में भी सक्रिय था?
पुलिस इस पहलू की जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह गिरोह अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी को अंजाम दे चुका है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले