झांसी की वंदना चौधरी ने सॉफ्ट टॉयज से बनाई नई पहचान, 20 महिलाओं को मिला रोजगार
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) ने राज्य में महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस योजना के अंतर्गत मिलने वाले प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन के अवसरों के चलते अनेक लोग स्वरोजगार के पथ पर अग्रसर हो रहे हैं।
झांसी की वंदना चौधरी इस परिवर्तन की एक प्रेरणादायक कहानी हैं, जिन्होंने सॉफ्ट टॉयज के निर्माण में अपनी विशेष पहचान बनाई। आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाली वंदना ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का साहस दिखाया। वर्ष 2021 में, उन्हें ओडीओपी योजना के तहत दो लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ और उद्योग विभाग द्वारा सॉफ्ट टॉयज निर्माण का प्रशिक्षण भी मिला।
प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद, उन्हें सरकार की ओर से निःशुल्क सिलाई मशीन दी गई, जिसने उनके लिए स्वरोजगार का एक नया रास्ता खोला। शुरुआत में, वंदना ने छोटे स्तर पर सॉफ्ट टॉयज बनाकर स्थानीय बाजार में बिक्री शुरू की। उनके द्वारा निर्मित आकर्षक और रंग-बिरंगे सॉफ्ट टॉयज ने धीरे-धीरे लोगों का ध्यान खींचा। इसके बाद, उन्हें प्रयागराज, हरिद्वार जैसे कई शहरों में आयोजित प्रदर्शनियों में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला, जिससे उनके कारोबार को नई पहचान मिली।
वंदना की मेहनत और लगन का फल यह रहा कि उन्हें नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला। इस मंच पर उन्होंने झांसी के हुनर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया। वंदना बताती हैं कि ट्रेड फेयर और प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाने से उनके उत्पादों की बिक्री में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में, वंदना और उनके पति झांसी में ‘श्री राधे सॉफ्ट टॉयज’ नाम से एक दुकान चला रहे हैं।
अब उनके साथ 20 से 25 महिलाएं भी जुड़ी हुई हैं, जिन्हें रोजगार के अवसर मिले हैं। वंदना ‘कर्मठ महिला स्वयं सहायता समूह’ की अध्यक्ष भी हैं और अपने समूह के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
झांसी के उपायुक्त (उद्योग) मनीष चौधरी के अनुसार, भारत मंडपम जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्थानीय उद्यमियों की भागीदारी से उनके उत्पादों को बड़े बाजारों में पहुंचने का अवसर मिलता है। इससे न केवल उद्यमियों की आय में वृद्धि होती है, बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नई गति मिलती है।