20 सितंबर 2026
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केतन अग्रवाल हत्याकांड: ५,०५३ पन्नों की चार्जशीट में खुलासा — ChatGPT, फर्जी इंस्टाग्राम और हत्या की फिल्मों से रची गई साजिश

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केतन अग्रवाल हत्याकांड: ५,०५३ पन्नों की चार्जशीट में खुलासा — ChatGPT, फर्जी इंस्टाग्राम और हत्या की फिल्मों से रची गई साजिश

सारांश

पुणे के लोहागढ़ किला हत्याकांड में 5,053 पन्नों की चार्जशीट ने साजिश की परतें उघाड़ दीं — ChatGPT से तरीका सीखा, पॉडकास्ट से पुलिस से बचने के उपाय ढूंढे, और फर्जी 'माही' इंस्टाग्राम अकाउंट से पीड़ित को किले पर बुलाया। यह मामला डिजिटल उपकरणों के आपराधिक दुरुपयोग की एक डरावनी मिसाल बन गया है।

मुख्य बातें

20 सितंबर 2026 को पुणे पुलिस ने केतन अग्रवाल हत्याकांड में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की।
मुख्य आरोपी सिया गोयल , उसके प्रेमी चेतन चौधरी और रितेश हांगे ने मिलकर 18 जून को लोहागढ़ किले से 26 वर्षीय केतन अग्रवाल को धक्का दिया।
आरोपियों ने ChatGPT और हत्या से जुड़ी फिल्मों से हत्या के तरीके सीखे तथा पुलिस से बचने के उपायों पर पॉडकास्ट सुने।
रितेश हांगे ने 'माही' नाम का फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर पीड़ित को किले पर बुलाया, जो घटना के बाद डिलीट कर दिया गया।
आरोपियों ने लोनावला के कई स्थानों की रेकी के बाद लोहागढ़ किले को इसलिए चुना क्योंकि वहाँ पहले भी एक मौत हो चुकी थी।
तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं; मामले की अगली सुनवाई में आरोप तय होने की संभावना है।

पुणे के लोहागढ़ किला हत्याकांड मामले में 20 सितंबर 2026 को दायर 5,053 पन्नों की चार्जशीट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके सह-आरोपियों ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की सुनियोजित हत्या के लिए ChatGPT, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और हत्या से संबंधित फिल्मों का सहारा लिया था। 26 वर्षीय व्यवसायी अग्रवाल को 18 जून 2026 को पुणे के लोहागढ़ किले से धक्का देकर मार डाला गया था।

मुख्य घटनाक्रम

आरोपपत्र के अनुसार, सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी और एक अन्य आरोपी रितेश हांगे के साथ मिलकर यह हत्या की। तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपियों ने पहले अग्रवाल को गंभीर रूप से घायल करने की योजना पर विचार किया था और महाराष्ट्र के बाहर से किसी को किराए पर लेने की संभावना भी तलाशी थी।

पुलिस के अनुसार, यह योजना इसलिए रद्द कर दी गई क्योंकि आरोपियों को डर था कि भाड़े का हमलावर साजिश का भंडाफोड़ कर सकता है। उल्लेखनीय है कि इस चरण के दौरान संपर्क किया गया एक व्यक्ति बाद में जाँच में गवाह बन गया।

ChatGPT और पॉडकास्ट का इस्तेमाल

चार्जशीट के अनुसार, अंतिम योजना तय होने के बाद आरोपियों ने ChatGPT का उपयोग कर हत्या के तरीकों पर जानकारी जुटाई। इसके अलावा, उन्होंने हत्या से जुड़ी फिल्में भी देखीं और पुलिस से बचने के तरीकों पर पॉडकास्ट सुने।

जाँचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने पिछले वर्ष मेघालय में हनीमून के दौरान हुए एक अन्य हत्याकांड पर भी शोध किया था — जिसमें इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की उनकी पत्नी सोनम ने राज्य के पूर्वी खासी हिल्स जिले में हत्या कर दी थी। इस मामले को उन्होंने अपनी योजना का संदर्भ बिंदु बनाया।

फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट से 'जाल'

चार्जशीट के अनुसार, रितेश हांगे ने परिचित एक महिला की तस्वीर का इस्तेमाल कर 'माही' नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया। इस अकाउंट से केतन अग्रवाल को संदेश भेजे गए और उन्हें 18 जून को गोयल के जन्मदिन के 'सरप्राइज प्लान' के बहाने लोहागढ़ किले पर बुलाया गया।

पुलिस के अनुसार, घटना के तुरंत बाद यह फर्जी अकाउंट डिलीट कर दिया गया था। यह पूरा षड्यंत्र पीड़ित को एकांत स्थान पर फंसाने के लिए सुनियोजित तरीके से रचा गया था।

स्थान की रेकी और लोहागढ़ का चुनाव

चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने लोहागढ़ किले को अंतिम रूप देने से पहले लोनावला के आसपास के कई स्थानों की रेकी की। सिया गोयल और चेतन चौधरी एकांत स्थान की तलाश में टाइगर प्वाइंट और अन्य जगहों पर भी गए थे।

पुलिस के अनुसार, अंततः लोहागढ़ किले को इसलिए चुना गया क्योंकि वहाँ पिछले वर्ष मार्च में एक मौत हो चुकी थी। आरोपियों ने यह अनुमान लगाया था कि अग्रवाल की मृत्यु को उस स्थान पर दुर्घटना के रूप में दिखाया जा सकता है।

आगे की कार्यवाही

5,053 पन्नों की यह विस्तृत चार्जशीट दर्शाती है कि पुलिस के पास डिजिटल साक्ष्य, गवाह बयान और आरोपियों की पूर्व-नियोजित गतिविधियों का पूरा ब्योरा मौजूद है। तीनों आरोपी — सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे — इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की अगली सुनवाई में अदालत आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के सुनियोजित आपराधिक दुरुपयोग की एक खतरनाक नज़ीर है। ChatGPT जैसे AI उपकरणों के 'सेफगार्ड' पर सवाल उठना स्वाभाविक है — क्योंकि यह पहला मामला नहीं है जहाँ इनका दुरुपयोग आरोप का हिस्सा बना है। चिंताजनक यह भी है कि मेघालय के रघुवंशी हत्याकांड को 'रोलमॉडल' की तरह इस्तेमाल किया गया, जो दर्शाता है कि हाई-प्रोफाइल अपराधों की मीडिया कवरेज अनजाने में प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। 5,053 पन्नों की यह चार्जशीट डिजिटल फॉरेंसिक की बढ़ती क्षमता की गवाही देती है, लेकिन यह भी रेखांकित करती है कि तकनीकी साक्षरता अब अपराध-योजना का हथियार बन चुकी है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केतन अग्रवाल हत्याकांड क्या है?
यह पुणे के लोहागढ़ किले पर 18 जून 2026 को हुई एक सुनियोजित हत्या का मामला है, जिसमें 26 वर्षीय व्यवसायी केतन अग्रवाल को उनकी मंगेतर सिया गोयल ने प्रेमी चेतन चौधरी और रितेश हांगे की मदद से किले से धक्का देकर मार डाला। तीनों आरोपी गिरफ्तार हैं।
चार्जशीट में ChatGPT के इस्तेमाल का क्या खुलासा हुआ?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हत्या की योजना को अंजाम देने के तरीके जानने के लिए ChatGPT का उपयोग किया। उन्होंने हत्या से जुड़ी फिल्में भी देखीं और पुलिस से बचने के उपायों पर पॉडकास्ट सुने।
फर्जी 'माही' इंस्टाग्राम अकाउंट का क्या काम था?
चार्जशीट के अनुसार, आरोपी रितेश हांगे ने एक परिचित महिला की तस्वीर से 'माही' नाम का फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया। इसके जरिए केतन अग्रवाल को 18 जून को लोहागढ़ किले पर सिया गोयल के जन्मदिन के 'सरप्राइज प्लान' के बहाने बुलाया गया और घटना के बाद यह अकाउंट डिलीट कर दिया गया।
आरोपियों ने लोहागढ़ किले को क्यों चुना?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लोनावला के टाइगर पॉइंट सहित कई स्थानों की रेकी के बाद लोहागढ़ किले को इसलिए चुना क्योंकि वहाँ पिछले वर्ष मार्च में पहले भी एक मौत हो चुकी थी। उन्हें उम्मीद थी कि अग्रवाल की मृत्यु को वहाँ दुर्घटना के रूप में दिखाया जा सकेगा।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। तीनों आरोपी — सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे — फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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