4 अगस्त 2026
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राम मंदिर दान विवाद: खरगे ने राज्यसभा में PM मोदी से माँगा जवाब, संसद में चर्चा की माँग

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राम मंदिर दान विवाद: खरगे ने राज्यसभा में PM मोदी से माँगा जवाब, संसद में चर्चा की माँग

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने राज्यसभा में राम मंदिर दान विवाद पर PM मोदी से सीधा जवाब माँगा — ट्रस्ट गठन, 70 एकड़ भूमि हस्तांतरण और ईडी-सीबीआई की चुप्पी को आधार बनाकर। मानसून सत्र में यह टकराव और गहराने के संकेत हैं।

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 4 अगस्त को राज्यसभा में PM मोदी से राम मंदिर दान विवाद पर जवाब माँगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 70 एकड़ से अधिक भूमि हस्तांतरित की गई थी; ट्रस्ट गठन की घोषणा PM ने संसद में की थी।
खरगे ने ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।
विपक्ष ने राज्यसभा सभापति सी.पी.
राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को चर्चा के लिए पत्र लिखा।
गृह मंत्री अमित शाह की सदन से बार-बार अनुपस्थिति पर भी खरगे ने आपत्ति जताई।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 4 अगस्त को राज्यसभा में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को प्राप्त दान और चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा जवाब माँगा। उन्होंने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला बताते हुए संसद में विस्तृत चर्चा कराने की माँग की।

मुख्य आरोप और खरगे का तर्क

खरगे ने सदन में कहा कि राम मंदिर से जुड़े कीमती चढ़ावे, नकद दान और भूमि लेनदेन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था और इसकी घोषणा स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में की थी। इसके अलावा ट्रस्ट को 70 एकड़ से अधिक भूमि भी हस्तांतरित की गई थी। उनका तर्क था कि प्रधानमंत्री ने भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक के प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लिया, इसलिए वे जवाबदेही से नहीं बच सकते।

केंद्रीय जाँच एजेंसियों पर सवाल

खरगे ने यह भी पूछा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों ने इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि 'भगवान श्रीराम के नाम पर लूट' करने वालों को देश से माफी माँगनी चाहिए और जनता को गुमराह करना बंद करना चाहिए। इस बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने तीखा विरोध जताया, जिससे सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई।

सभापति और लोकसभा अध्यक्ष को पत्र

संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में खरगे ने बताया कि विपक्ष ने राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर राम मंदिर दान विवाद तथा छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर संबंधित नियमों के तहत चर्चा कराने की माँग की है। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा होने से सच्चाई देश के सामने आएगी, परंतु केंद्र सरकार इस पर बहस से बचना चाहती है।

अमित शाह पर भी निशाना

खरगे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोप लगाया कि उनका बार-बार सदन से अनुपस्थित रहना या तो सवालों का सामना करने के डर को दर्शाता है या संसदीय परंपराओं के प्रति उदासीनता को। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद को सुचारु रूप से चलाने का एकमात्र तरीका यह है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आकर अपना पक्ष रखें।

आगे क्या होगा

खरगे के इस हमले के बाद मानसून सत्र के दौरान राम मंदिर दान विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के आसार हैं। सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमत होगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है — लेकिन विपक्ष का दबाव मानसून सत्र के शेष दिनों में बना रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि शासन और जवाबदेही का मुद्दा बना रहे हैं। गौरतलब है कि ईडी और सीबीआई, जो विपक्षी नेताओं के मामलों में अक्सर सक्रिय दिखती हैं, इस मामले में अब तक मौन हैं — यह विरोधाभास विपक्ष के लिए सबसे धारदार हथियार है। दूसरी ओर, सरकार यदि चर्चा से बचती रही तो यह मुद्दा मानसून सत्र से बाहर भी जनता के बीच गूँजता रहेगा। असली परीक्षा यह है कि क्या विपक्ष इस मुद्दे को ठोस दस्तावेज़ी साक्ष्य के साथ आगे बढ़ा सकता है, या यह केवल संसदीय शोर बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दान विवाद क्या है?
यह विवाद अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को प्राप्त नकद दान, कीमती चढ़ावे और भूमि लेनदेन के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों पर आधारित है। विपक्ष का आरोप है कि इन मामलों की जाँच केंद्रीय एजेंसियों द्वारा नहीं की जा रही।
खरगे ने PM मोदी को जवाबदेह क्यों ठहराया?
खरगे का तर्क है कि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया, इसकी घोषणा PM मोदी ने संसद में की, और उन्होंने भूमि पूजन व प्राण प्रतिष्ठा जैसे प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लिया — इसलिए वे इस मामले में जवाबदेही से नहीं बच सकते।
विपक्ष ने संसद में चर्चा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
विपक्ष ने राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर संबंधित नियमों के तहत राम मंदिर दान विवाद और छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर चर्चा कराने की माँग की है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कितनी भूमि मिली थी?
खरगे के बयान के अनुसार ट्रस्ट को 70 एकड़ से अधिक भूमि हस्तांतरित की गई थी। यह भूमि हस्तांतरण भी विवाद के केंद्र में है।
इस विवाद का मानसून सत्र पर क्या असर पड़ सकता है?
खरगे के हमले के बाद मानसून सत्र के शेष दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है। सरकार यदि चर्चा से इनकार करती है तो विपक्ष इसे सदन में बाधा का आधार बना सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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