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लखनऊ अग्निकांड के बाद UP ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने जारी किए बिजली सुरक्षा दिशानिर्देश

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लखनऊ अग्निकांड के बाद UP ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने जारी किए बिजली सुरक्षा दिशानिर्देश

सारांश

लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी आग ने 15 जानें लीं — और अब UP सरकार ने पूरे प्रदेश में बिजली सुरक्षा व भवन नियमों के कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने माना कि इस त्रासदी से सबक लेना ज़रूरी था।

मुख्य बातें

लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 लोगों की मौत और 7 लोग घायल हुए थे।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 30 जून को पूरे उत्तर प्रदेश में बिजली सुरक्षा और भवन नियमों के कड़े दिशानिर्देश जारी किए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि लखनऊ की घटना विद्युत कारणों से नहीं हुई थी, फिर भी समग्र सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं।
भवन अनुमति आवास विभाग के अधिकार क्षेत्र में है; ऊँची इमारतों के लिए विशेष सतर्कता का निर्देश दिया गया।
जारी दिशानिर्देश जल्द ही धरातल पर लागू किए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 30 जून को मऊ में बताया कि लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड — जिसमें 15 लोगों की मौत और 7 लोग घायल हुए थे — से सबक लेते हुए राज्य सरकार ने बिजली सुरक्षा और भवन निर्माण नियमों के पालन को लेकर पूरे प्रदेश में कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये निर्देश भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएंगे।

लखनऊ अग्निकांड की पृष्ठभूमि

मंत्री एके शर्मा ने बताया कि लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना के तुरंत बाद वे स्वयं घटनास्थल और अस्पताल पहुँचे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने राज्य प्रशासन को गहरे सबक दिए हैं। गौरतलब है कि इस हादसे में एक नगरीय क्षेत्र की बहुमंज़िला इमारत में आग फैली थी, जिससे आपातकालीन निकासी बेहद कठिन हो गई थी।

बिजली सुरक्षा के कारण और दिशानिर्देश

ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आग के कारण केवल विद्युत सुरक्षा तक सीमित नहीं होते — बिजली लाइनों में स्पार्किंग, संयंत्रों के रखरखाव में लापरवाही जैसे कारण भी इस तरह की घटनाओं को जन्म देते हैं। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लखनऊ की घटना इन विद्युत कारणों से नहीं हुई थी। इसके बावजूद राज्य सरकार ने समग्र दृष्टिकोण अपनाते हुए विद्युत विभाग और नगर विकास विभाग दोनों के स्तर पर निर्देश जारी किए हैं।

भवन अनुमति और नगरीय विकास पर जोर

मंत्री शर्मा ने कहा कि किसी भी भवन को निर्माण अनुमति देते समय अधिकारियों को अत्यंत सतर्क रहना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन अनुमति देने का कार्य आवास विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि नगरीय विकास विभाग के। बावजूद इसके, नगरीय क्षेत्र में किसी भी भूमिका की गंभीरता से जाँच होनी चाहिए — विशेषकर ऊँची इमारतों के मामले में कड़ी सतर्कता बरतना अनिवार्य है।

आगे की राह

मंत्री एके शर्मा के अनुसार जारी किए गए दिशानिर्देशों को जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। यह घटना ऐसे समय में आई है जब देश के कई शहरों में अनधिकृत व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक गंभीर चिंता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना ठोस क्रियान्वयन तंत्र के केवल दिशानिर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — उत्तर प्रदेश में पहले भी अग्नि सुरक्षा को लेकर दिशानिर्देश जारी होते रहे हैं, पर ज़मीनी पालन कमज़ोर रहा है। लखनऊ की घटना नगरीय क्षेत्र में हुई और मंत्री स्वयं मानते हैं कि भवन अनुमति का नियंत्रण ऊर्जा विभाग के पास नहीं है — यह विभागीय समन्वय की कमी को उजागर करता है। बिना स्पष्ट जवाबदेही तंत्र और नियमित निरीक्षण के, ये निर्देश भी पिछली घोषणाओं की तरह कागज़ों तक सीमित रहने का जोखिम उठाते हैं।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड में क्या हुआ था?
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर की इमारत में आग लग गई थी, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई और 7 लोग घायल हुए। यह घटना एक नगरीय क्षेत्र में हुई थी और इसने भवन सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए।
UP सरकार ने अग्निकांड के बाद कौन से दिशानिर्देश जारी किए?
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के अनुसार, राज्य सरकार ने विद्युत सुरक्षा और भवन निर्माण नियमों के पालन को लेकर पूरे प्रदेश में कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। नगर विकास और आवास विभाग दोनों स्तरों पर निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें जल्द लागू किया जाएगा।
क्या लखनऊ की आग बिजली से लगी थी?
नहीं। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने स्पष्ट किया कि लखनऊ की घटना बिजली लाइनों में स्पार्किंग या रखरखाव की लापरवाही जैसे विद्युत कारणों से नहीं हुई थी। फिर भी सरकार ने समग्र सुरक्षा उपायों के तहत विद्युत विभाग के दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।
ऊँची इमारतों के लिए क्या विशेष निर्देश दिए गए हैं?
मंत्री शर्मा ने कहा कि ऊँची इमारतों के मामले में विशेष सतर्कता बरतना अनिवार्य है और भवन अनुमति देने से पहले गहन जाँच होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन अनुमति का अधिकार आवास विभाग के पास है।
ये नए दिशानिर्देश कब तक लागू होंगे?
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के अनुसार जारी किए गए दिशानिर्देशों को 'जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा।' हालाँकि, कोई निश्चित समयसीमा सार्वजनिक रूप से नहीं बताई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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