11 अगस्त 2026
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एनसीडीसी संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में पारित, विपक्षी हंगामे के बीच सदन दिनभर के लिए स्थगित

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एनसीडीसी संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में पारित, विपक्षी हंगामे के बीच सदन दिनभर के लिए स्थगित

सारांश

विपक्षी हंगामे के बावजूद लोकसभा ने 11 अगस्त को एनसीडीसी संशोधन विधेयक 2026 और केरल नाम परिवर्तन विधेयक — दोनों ध्वनि मत से पारित कर दिए। बिना चर्चा के पारित इन विधेयकों ने संसदीय विमर्श की गुणवत्ता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 लोकसभा में 11 अगस्त 2026 को ध्वनि मत से पारित।
विधेयक एनसीडीसी अधिनियम, 1962 में संशोधन कर सहकारी समितियों के लिए निधिकरण प्रक्रिया को तेज और लचीला बनाएगा।
सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने अमित शाह की ओर से विधेयक पेश किया।
केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 भी ध्वनि मत से पारित; राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव।
विपक्ष नीट प्रदर्शनकारियों पर 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह का बयान माँग रहा था।
दोनों विधेयक बिना विस्तृत संसदीय चर्चा के पारित; सदन दिनभर के लिए स्थगित ।

नई दिल्ली, 11 अगस्त 2026: विपक्षी सांसदों की जोरदार नारेबाजी और हंगामे के बीच लोकसभा ने मंगलवार को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को ध्वनि मत से पारित कर दिया। विधेयक पारित होने के बाद सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।

विधेयक का उद्देश्य और प्रावधान

सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की ओर से यह विधेयक सदन में पेश किया। इस विधेयक का मूल लक्ष्य राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 में संशोधन करना है, जिससे देशभर में सहकारी समितियों के लिए निधिकरण प्रक्रिया को तेज और अधिक लचीला बनाया जा सके।

सहकारिता मंत्रालय के अधीन कार्यरत वैधानिक निकाय एनसीडीसी (NCDC) की भूमिका के विस्तार का प्रस्ताव इस संशोधन में किया गया है। एनसीडीसी सहकारी समितियों को वित्तपोषित और प्रोत्साहित करने का कार्य करता है, और यह संशोधन उसे देशभर के सहकारी क्षेत्रों तक अपनी पहुँच और गहरी करने में सक्षम बनाएगा।

सदन में हंगामा और अध्यक्ष की अपील

सदन की अध्यक्षता कर रहे कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने विपक्षी सांसदों से सदन को सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया, परंतु विरोध प्रदर्शन थमा नहीं। इसके बाद बिना किसी विस्तृत चर्चा के विधेयक ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष 20 जुलाई को नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति और बयान की माँग को लेकर संसद में लगातार दबाव बना रहा है।

केरल नाम परिवर्तन विधेयक भी पारित

इसी सत्र में केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 भी लोकसभा में ध्वनि मत से पारित हो गया। इस विधेयक में केरल राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह विधेयक सदन में पेश किया।

नित्यानंद राय और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने केरल नाम परिवर्तन विधेयक पर चर्चा से बचने के लिए विपक्ष की आलोचना की। हंगामा जारी रहने पर यह विधेयक भी बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया।

आगे क्या

दोनों विधेयकों के लोकसभा में पारित होने के बाद अब इन्हें राज्यसभा में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि संसद सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच टकराव के कारण कई महत्त्वपूर्ण विधेयक बिना पर्याप्त चर्चा के पारित हो रहे हैं, जो संसदीय विमर्श की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हंगामे की रणनीति उसी विमर्श को नष्ट करती है जिसकी वह माँग करता है। एनसीडीसी संशोधन सहकारी क्षेत्र के लिए संरचनात्मक बदलाव का दावा करता है, लेकिन इसके क्रियान्वयन की जवाबदेही तय करने वाली संसदीय बहस का अभाव एक बड़ी चूक है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीडीसी संशोधन विधेयक 2026 क्या है?
यह विधेयक राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 में संशोधन करता है, जिसका उद्देश्य देशभर में सहकारी समितियों के लिए निधिकरण प्रक्रिया को तेज और अधिक लचीला बनाना है। इसके तहत एनसीडीसी की भूमिका का विस्तार किया जाएगा ताकि वह अधिक सहकारी क्षेत्रों को वित्तपोषित कर सके।
लोकसभा में 11 अगस्त को हंगामा क्यों हुआ?
विपक्षी सांसद 20 जुलाई को नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति और बयान की माँग कर रहे थे। इसी हंगामे के बीच एनसीडीसी और केरल नाम परिवर्तन — दोनों विधेयक बिना चर्चा के पारित हो गए।
केरल नाम परिवर्तन विधेयक 2026 में क्या प्रस्ताव है?
इस विधेयक में केरल राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे लोकसभा में पेश किया और यह ध्वनि मत से पारित हो गया।
एनसीडीसी संशोधन विधेयक किसने पेश किया?
सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की ओर से यह विधेयक लोकसभा में पेश किया।
इन विधेयकों का अगला चरण क्या होगा?
लोकसभा में पारित होने के बाद दोनों विधेयकों को अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा की मंजूरी के बाद ही ये विधेयक कानून का रूप लेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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