राजद के राजभवन मार्च पर पप्पू यादव का वार: 'राजनीतिक एजेंडा नहीं चलेगा', तेजस्वी को राहुल-अखिलेश से सीखने की नसीहत
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 19 अगस्त को प्रस्तावित राजभवन मार्च को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। 13 अगस्त को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में लोग अब किसी भी दल के राजनीतिक एजेंडे को स्वीकार नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से सबक लेने की सलाह दी।
मुख्य घटनाक्रम
पप्पू यादव ने कहा, "जेन-जी और अल्फा के आने से राजनीति का स्वरूप बदल गया है। लोगों का राजनीतिक दलों से भरोसा उठ गया है, सिवाय शायद एक-दो प्रतिशत नेताओं के। लगभग 98-99 प्रतिशत नेता बिहार के भविष्य के बारे में देखना पसंद नहीं करते। बिहार भी ऐसे लोगों के बारे में सोचना नहीं चाहता।"
तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "अगर वे कुछ सीखना चाहते हैं, तो उन्हें राहुल गांधी और अखिलेश यादव से सीखना चाहिए। लेकिन सीखने की कोई इच्छा नहीं है। वे कुंभकर्ण की तरह गहरी नींद में ही रहना चाहते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक पार्टियों, खासकर छोटे दलों की 'दुकानें' अब बंद होने की कगार पर हैं।
बिहार में शराबबंदी पर कड़ा रुख
राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (NCAER) की बिहार शराबबंदी से संबंधित अध्ययन का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा, "बिहार में शराबबंदी फेल हो गई है। ड्रग्स हर घर तक पहुँच गया है और अपराध बहुत बढ़ गया है। ऐसा लगता है कि सिर्फ नेता और अधिकारी ही खुद को बचा पा रहे हैं। आम आदमी भगवान भरोसे है। गरीबी चरम पर है।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि बीते 20-25 वर्षों में सरकार ने शराबबंदी नीति का कोई ठोस मूल्यांकन नहीं किया। उनके अनुसार इस नीति से राज्य को आर्थिक नुकसान हुआ है और ड्रग्स की समस्या और गहरी हुई है।
भ्रष्टाचार पर आरोप
पप्पू यादव ने बिहार में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस वस्तु की कीमत ₹1,000 है, उसका बिल ₹15,000 तक बनाया जा रहा है। उन्होंने नगर निगमों और अस्पतालों में अरबों-खरबों रुपयों की लूट का भी आरोप लगाया।
रघुबर दास और भाजपा पर तंज
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास के रांची छात्र आंदोलन में शामिल होने की घोषणा पर पप्पू यादव ने कहा, "रघुबर दास और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का अब कोई भविष्य नहीं बचा है। उन पर और उनके नेताओं पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। सबसे पहले उन्हें इन मुद्दों पर भाजपा के अंदर ही विरोध-प्रदर्शन करना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि रघुबर दास को यह जवाब देना चाहिए कि उनकी सरकार के कार्यकाल में झारखंड में कितने पेपर लीक हुए।
आगे क्या होगा
राजद का राजभवन मार्च 19 अगस्त को निर्धारित है और तेजस्वी यादव इसका नेतृत्व करेंगे। पप्पू यादव की इस तीखी टिप्पणी से बिहार की राजनीति में नई बहस छिड़ने की संभावना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि राजद इस आलोचना का किस तरह जवाब देता है और मार्च को कितना जन-समर्थन मिलता है।