13 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजद के राजभवन मार्च पर पप्पू यादव का वार: 'राजनीतिक एजेंडा नहीं चलेगा', तेजस्वी को राहुल-अखिलेश से सीखने की नसीहत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजद के राजभवन मार्च पर पप्पू यादव का वार: 'राजनीतिक एजेंडा नहीं चलेगा', तेजस्वी को राहुल-अखिलेश से सीखने की नसीहत

सारांश

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राजद के 19 अगस्त के राजभवन मार्च को राजनीतिक एजेंडा करार देते हुए कहा कि जेन-जी युग में ऐसी राजनीति नहीं चलेगी। तेजस्वी को राहुल-अखिलेश से सीखने की नसीहत देने के साथ ही उन्होंने बिहार में शराबबंदी की विफलता और व्यापक भ्रष्टाचार पर भी तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

पप्पू यादव ने 13 अगस्त को राजद के 19 अगस्त के राजभवन मार्च को 'राजनीतिक एजेंडा' बताकर खारिज किया।
तेजस्वी यादव को राहुल गांधी और अखिलेश यादव से सीखने की सलाह; कुंभकर्ण की 'गहरी नींद' से तुलना।
बिहार में शराबबंदी को फेल बताया — कहा कि 20-25 वर्षों में कोई ठोस नीति मूल्यांकन नहीं हुआ।
नगर निगमों और अस्पतालों में भ्रष्टाचार का आरोप; ₹1,000 की चीज़ का ₹15,000 का बिल बनाने का दावा।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास और BJP पर भ्रष्टाचार के आरोप, झारखंड में पेपर लीक का मुद्दा उठाया।

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 19 अगस्त को प्रस्तावित राजभवन मार्च को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। 13 अगस्त को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में लोग अब किसी भी दल के राजनीतिक एजेंडे को स्वीकार नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से सबक लेने की सलाह दी।

मुख्य घटनाक्रम

पप्पू यादव ने कहा, "जेन-जी और अल्फा के आने से राजनीति का स्वरूप बदल गया है। लोगों का राजनीतिक दलों से भरोसा उठ गया है, सिवाय शायद एक-दो प्रतिशत नेताओं के। लगभग 98-99 प्रतिशत नेता बिहार के भविष्य के बारे में देखना पसंद नहीं करते। बिहार भी ऐसे लोगों के बारे में सोचना नहीं चाहता।"

तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "अगर वे कुछ सीखना चाहते हैं, तो उन्हें राहुल गांधी और अखिलेश यादव से सीखना चाहिए। लेकिन सीखने की कोई इच्छा नहीं है। वे कुंभकर्ण की तरह गहरी नींद में ही रहना चाहते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक पार्टियों, खासकर छोटे दलों की 'दुकानें' अब बंद होने की कगार पर हैं।

बिहार में शराबबंदी पर कड़ा रुख

राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (NCAER) की बिहार शराबबंदी से संबंधित अध्ययन का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा, "बिहार में शराबबंदी फेल हो गई है। ड्रग्स हर घर तक पहुँच गया है और अपराध बहुत बढ़ गया है। ऐसा लगता है कि सिर्फ नेता और अधिकारी ही खुद को बचा पा रहे हैं। आम आदमी भगवान भरोसे है। गरीबी चरम पर है।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि बीते 20-25 वर्षों में सरकार ने शराबबंदी नीति का कोई ठोस मूल्यांकन नहीं किया। उनके अनुसार इस नीति से राज्य को आर्थिक नुकसान हुआ है और ड्रग्स की समस्या और गहरी हुई है।

भ्रष्टाचार पर आरोप

पप्पू यादव ने बिहार में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस वस्तु की कीमत ₹1,000 है, उसका बिल ₹15,000 तक बनाया जा रहा है। उन्होंने नगर निगमों और अस्पतालों में अरबों-खरबों रुपयों की लूट का भी आरोप लगाया।

रघुबर दास और भाजपा पर तंज

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास के रांची छात्र आंदोलन में शामिल होने की घोषणा पर पप्पू यादव ने कहा, "रघुबर दास और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का अब कोई भविष्य नहीं बचा है। उन पर और उनके नेताओं पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। सबसे पहले उन्हें इन मुद्दों पर भाजपा के अंदर ही विरोध-प्रदर्शन करना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि रघुबर दास को यह जवाब देना चाहिए कि उनकी सरकार के कार्यकाल में झारखंड में कितने पेपर लीक हुए।

आगे क्या होगा

राजद का राजभवन मार्च 19 अगस्त को निर्धारित है और तेजस्वी यादव इसका नेतृत्व करेंगे। पप्पू यादव की इस तीखी टिप्पणी से बिहार की राजनीति में नई बहस छिड़ने की संभावना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि राजद इस आलोचना का किस तरह जवाब देता है और मार्च को कितना जन-समर्थन मिलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे परंपरागत दल अभी तक समझ नहीं पाए हैं। शराबबंदी की विफलता पर उनका रुख नया नहीं है, लेकिन NCAER अध्ययन के संदर्भ में इसे उठाना इस बहस को नीतिगत धरातल पर ले जाता है। असली सवाल यह है कि क्या पप्पू यादव जैसे निर्दलीय नेता इस असंतोष को संगठित राजनीतिक ताकत में बदल पाएंगे, या यह केवल मीडिया बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने राजद के राजभवन मार्च पर क्या कहा?
पप्पू यादव ने राजद के 19 अगस्त के राजभवन मार्च को 'राजनीतिक एजेंडा' बताते हुए कहा कि लोग अब ऐसे एजेंडे को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जेन-जी और अल्फा पीढ़ी के आने से राजनीति का स्वरूप बदल गया है और छोटे दलों की 'दुकानें' बंद होने वाली हैं।
पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव को किससे सीखने की सलाह दी?
पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से सीखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी में सीखने की इच्छाशक्ति नहीं है और वे 'कुंभकर्ण की तरह गहरी नींद' में हैं।
बिहार की शराबबंदी पर पप्पू यादव का क्या मत है?
पप्पू यादव ने बिहार की शराबबंदी को पूरी तरह विफल बताया। उनके अनुसार इस नीति से राज्य को आर्थिक नुकसान हुआ, ड्रग्स घर-घर पहुँच गया और अपराध बढ़ा। उन्होंने कहा कि 20-25 वर्षों में सरकार ने इस नीति का कोई मूल्यांकन नहीं किया।
पप्पू यादव ने रघुबर दास पर क्या आरोप लगाए?
पप्पू यादव ने कहा कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास और BJP का कोई भविष्य नहीं बचा है। उन्होंने रघुबर दास पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि उन्हें पहले यह जवाब देना चाहिए कि उनकी सरकार में झारखंड की जनता से क्या-क्या लूटा गया और कितने पेपर लीक हुए।
राजद का राजभवन मार्च कब और क्यों हो रहा है?
राजद का राजभवन मार्च 19 अगस्त को तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आयोजित होना है। यह मार्च बिहार सरकार की नीतियों के विरोध में राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से निर्धारित है, हालांकि पप्पू यादव ने इसे जनहित से जुड़ा नहीं बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले