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परिसीमन पर राज्यों के नेताओं से भी हो बातचीत: भाई जगताप का किरेन रिजिजू को जवाब

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परिसीमन पर राज्यों के नेताओं से भी हो बातचीत: भाई जगताप का किरेन रिजिजू को जवाब

सारांश

महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भाई जगताप ने परिसीमन पर केंद्र को घेरा — कहा, केवल राहुल गांधी से बात काफी नहीं, सभी राज्यों के नेताओं को शामिल करो। भागवत के जेन-जी बयान पर व्यंग्य किया और PM मोदी के हैंडलूम संदेश पर भी पलटवार किया।

मुख्य बातें

भाई जगताप ने कहा कि परिसीमन पर राहुल गांधी के साथ-साथ देश के सभी राज्यों के नेताओं से भी बातचीत होनी चाहिए।
किरेन रिजिजू के बयान के जवाब में जगताप ने कहा — यह मुद्दा सिर्फ एक नेता तक सीमित नहीं, यह राष्ट्रीय मसला है।
मोहन भागवत के 'जेन-जी देशभक्त है' वाले बयान पर जगताप ने कहा — 'देर आए, दुरुस्त आए'; PM और मंत्रियों को भी यह समझाएँ।
आरक्षण पर जगताप का कहना — वंचित वर्ग को शिक्षा से दूर रखा गया, इसलिए आरक्षण उनका अधिकार है।
PM मोदी के हैंडलूम संदेश पर तंज — 'पहले खुद पहनें, फिर देशवासियों से अपील करें।'

महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भाई जगताप ने 7 अगस्त को मुंबई में परिसीमन, छात्र आंदोलन और आरक्षण सहित कई राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया में केवल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से चर्चा पर्याप्त नहीं है — देश के विभिन्न राज्यों के नेताओं को भी इस संवाद में शामिल किया जाना चाहिए।

परिसीमन पर जगताप का रुख

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें परिसीमन को लेकर राहुल गांधी से चर्चा का उल्लेख था, भाई जगताप ने कहा, 'राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं, उनसे बातचीत होनी चाहिए — लेकिन यह मुद्दा देश के विभिन्न राज्यों से जुड़ा है। वहाँ के नेताओं से भी संवाद ज़रूरी है।' उन्होंने जोड़ा कि परिसीमन को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं और यह विशुद्ध रूप से राष्ट्रीय मुद्दा है, जिस पर व्यापक चर्चा अनिवार्य है।

भागवत के 'जेन-जी' बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के उस वक्तव्य पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि 'जेन-जी देशभक्त है, उन्हें देशद्रोही कहना ठीक नहीं' — जगताप ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'देर आए, दुरुस्त आए।' उनका कहना था कि यह संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सरकार के मंत्रियों और RSS से जुड़े तमाम लोगों तक पहुँचाया जाना चाहिए, क्योंकि इन्हीं हलकों से छात्रों को कथित तौर पर 'आतंकवादी' और 'पाकिस्तानी' जैसे शब्दों से नवाज़ा गया था। जगताप ने कहा कि देश की जेन-जी ने मोदी सरकार को पीछे हटने पर मजबूर किया और यदि यह पहले किया जाता, तो ऐसी स्थिति ही नहीं बनती।

आरक्षण पर जगताप का पक्ष

आरक्षण के मुद्दे पर भाई जगताप ने कहा कि सामाजिक भेदभाव की जड़ें ऐतिहासिक हैं और समाज के एक बड़े वर्ग को दीर्घकाल तक शिक्षा से दूर रखा गया। उनके अनुसार, जब तक वंचित तबके पढ़-लिख नहीं सकते, तब तक यह भेदभाव समाप्त नहीं होगा और ऐसे में आरक्षण उनका अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत से लोग आरक्षण का लाभ नहीं उठाते।

हैंडलूम संदेश पर PM मोदी को नसीहत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हैंडलूम को बढ़ावा देने के संदेश पर जगताप ने कहा कि अपील करने से पहले स्वयं उदाहरण पेश करना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने हमेशा यही किया है। साथ ही उन्होंने यह भी उठाया कि कई राज्यों में बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से तबाही मची है, फिर भी केंद्र का ध्यान उस ओर नहीं है।

आगे क्या

परिसीमन पर राजनीतिक बहस आने वाले हफ्तों में और तेज़ होने की संभावना है, क्योंकि दक्षिण भारत के राज्यों सहित कई राज्य इस प्रक्रिया से अपनी संसदीय सीटों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित हैं। जगताप का बयान इस संदर्भ में कांग्रेस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसमें परिसीमन को केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि बहुदलीय और बहु-राज्यीय विमर्श का विषय बनाने की कोशिश है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परतें गहरी हैं। परिसीमन को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों की आशंका पहले से जगज़ाहिर है — ऐसे में कांग्रेस का यह संदेश कि 'केवल राहुल गांधी से बात काफी नहीं' दरअसल उत्तर-केंद्रित राजनीतिक विमर्श को चुनौती देने की कोशिश है। भागवत के जेन-जी बयान पर व्यंग्य भी रणनीतिक है — यह युवा मतदाताओं को यह याद दिलाने का प्रयास है कि छात्र आंदोलन के दौरान किसने क्या कहा था। हालाँकि, कांग्रेस को यह भी स्पष्ट करना होगा कि वह परिसीमन पर केवल प्रक्रिया की माँग कर रही है या किसी ठोस वैकल्पिक फॉर्मूले की पैरवी भी करती है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई जगताप ने परिसीमन पर क्या कहा?
भाई जगताप ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया में केवल राहुल गांधी से चर्चा पर्याप्त नहीं है — देश के विभिन्न राज्यों के नेताओं को भी इस संवाद में शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि यह मुद्दा सभी राज्यों से जुड़ा है।
किरेन रिजिजू ने परिसीमन पर क्या कहा था?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने परिसीमन को लेकर राहुल गांधी से चर्चा का उल्लेख किया था, जिस पर भाई जगताप ने यह प्रतिक्रिया दी कि बातचीत का दायरा व्यापक होना चाहिए।
मोहन भागवत के जेन-जी बयान पर जगताप की क्या प्रतिक्रिया थी?
भाई जगताप ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा 'देर आए, दुरुस्त आए' और माँग की कि भागवत यह संदेश PM मोदी, सरकारी मंत्रियों और RSS के सभी लोगों तक पहुँचाएँ, जिन्होंने कथित तौर पर छात्रों को 'आतंकवादी' और 'पाकिस्तानी' कहा था।
जगताप ने आरक्षण के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि समाज के एक बड़े वर्ग को ऐतिहासिक रूप से शिक्षा से दूर रखा गया और जब तक यह भेदभाव समाप्त नहीं होता, आरक्षण वंचित तबके का अधिकार है।
PM मोदी के हैंडलूम संदेश पर जगताप ने क्या कहा?
जगताप ने कहा कि देशवासियों से अपील करने से पहले प्रधानमंत्री को स्वयं हैंडलूम पहनकर उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब कई राज्यों में आपदा से तबाही मची है, तब इस तरह की अपील की प्राथमिकता पर सवाल उठते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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