पार्थ चटर्जी पर जबरन वसूली का आरोप: ₹1 करोड़ की मांग और जान से मारने की धमकी, ठाकुरपुकुर में शिकायत दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता पार्थ चटर्जी के खिलाफ 29 जून 2026 को ठाकुरपुकुर पुलिस स्टेशन, कोलकाता में जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी देने की गंभीर शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2020 की एक कथित घटना से जुड़ा है — जो शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार कांड में चटर्जी की प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा गिरफ्तारी से दो साल पहले की बात है।
शिकायत में किन पर आरोप
शिकायत में पार्थ चटर्जी के अलावा कोलकाता नगर निगम (KMC) की पूर्व पार्षद धनश्री वाघ, तिलक भट्टाचार्य और सुदीप घोष के नाम भी शामिल हैं। शिकायतकर्ता ठाकुरपुकुर रोड की रहने वाली एक महिला हैं, जिन्होंने राजनीतिक परिस्थितियाँ बदलने के बाद यह कदम उठाया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके ससुर, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता थे, उन्हें एक स्थानीय घटना में झूठा फंसाया गया था जिसमें एक युवक घायल हुआ था। पुलिस के बयान के अनुसार, घटनास्थल पर मौजूद न होने के बावजूद उन्हें पहले पुलिस हिरासत और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जबरन वसूली के आरोपों का ब्यौरा
शिकायत के अनुसार, जब परिवार ने इस गिरफ्तारी का विरोध किया, तो कथित तौर पर चटर्जी और स्थानीय पार्षद ने उन्हें बुलाकर चुप रहने का दबाव डाला। शिकायतकर्ता का आरोप है कि धनश्री वाघ ने उनके ससुर को रिहा कराने का वादा करके उनके पति से ₹25 लाख वसूले। इसके बाद आरोपियों ने ₹1 करोड़ की अतिरिक्त मांग रखी और मांग पूरी न होने पर जान से मारने की धमकी दी।
शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि परिवार के व्यवसाय को लगभग छह महीने तक बाधित किया गया, जिससे करीब ₹40 लाख का नुकसान हुआ। उन पर कोई भी कानूनी सहायता न लेने का दबाव भी डाला गया।
देरी से शिकायत की वजह
शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया कि वे 2020 में इसलिए पुलिस के पास नहीं जा सकीं क्योंकि उस समय तृणमूल कांग्रेस सत्ता में थी और उन्हें प्रतिशोध का डर था। यह ऐसे समय में आया है जब पार्थ चटर्जी पहले से ही शिक्षक भर्ती घोटाले में ED और CBI की जांच का सामना कर रहे हैं। गौरतलब है कि राज्य में राजनीतिक समीकरण बदलने के बाद इस तरह की लंबित शिकायतें सामने आने का यह पहला मामला नहीं है।
जांच की स्थिति
पुलिस ने पुष्टि की है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। धनश्री वाघ और तिलक भट्टाचार्य को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। पार्थ चटर्जी के खिलाफ भी समानांतर जांच आरंभ की गई है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है और सभी आरोप जांच के दायरे में हैं।
आगे क्या होगा
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पार्थ चटर्जी पहले से ही शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार कांड में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। नई शिकायत उनकी कानूनी मुश्किलों को और गहरा कर सकती है। पुलिस की जांच के नतीजे और संभावित गिरफ्तारियाँ आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा तय करेंगी।