प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना: अजमेर के गांवों में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को मिली नई रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत अजमेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों रुपए की लागत से जल संरक्षण और सिंचाई के व्यापक विकास कार्य पूरे किए गए हैं। इन कार्यों से न केवल ग्रामीण इलाकों में पानी की उपलब्धता बढ़ी है, बल्कि वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर में सुधार के भी उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के अजमेर जिला नोडल अधिकारी शलभ टंडन ने बताया कि PMKSY के अंतर्गत जिले में विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। टिकावड़ा गांव में वाटर रिचार्ज शाफ्ट, टैंक, जल संरक्षण संरचनाएं और वर्षा जल संचयन के कार्य किए गए हैं। इससे बरसात के पानी को संरक्षित कर भूजल स्तर बढ़ाने में सहायता मिल रही है।
टंडन ने यह भी बताया कि हाईवे क्षेत्रों में जल निकासी और जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पुलियों का निर्माण भी कराया गया है, जिससे वर्षा जल का बेहतर उपयोग और भूजल पुनर्भरण सुनिश्चित हो सके।
योजना का दूसरा चरण और बजट
नोडल अधिकारी के अनुसार, वर्तमान में योजना का दूसरा चरण संचालित किया जा रहा है। इस चरण के लिए करोड़ों रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है और इसे केंद्र सरकार का पूर्ण सहयोग प्राप्त है। योजना का मुख्य उद्देश्य 'हर खेत को पानी' और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' के लक्ष्य को ज़मीनी स्तर पर साकार करना है।
गौरतलब है कि PMKSY राष्ट्रीय स्तर पर कृषि जल उपयोग दक्षता बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रमुख पहलों में से एक है। यह ऐसे समय में और अधिक प्रासंगिक हो जाती है जब राजस्थान जैसे अर्ध-शुष्क राज्यों में जल संकट एक स्थायी चुनौती बना हुआ है।
किसानों और ग्रामीणों पर असर
टंडन के अनुसार, इन कार्यों से अजमेर जिले के किसानों को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है और भविष्य की जल जरूरतों को भी सुरक्षित करने में मदद मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ने से कृषि उत्पादकता में सुधार की संभावना है।
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब राजस्थान के कई ज़िलों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और किसान सिंचाई के लिए मानसून पर निर्भर रहते हैं। PMKSY के तहत हो रहे ये कार्य उस निर्भरता को कम करने की दिशा में एक ठोस कदम माने जा रहे हैं।
क्या होगा आगे
दूसरे चरण के तहत अजमेर जिले में और अधिक जल संरचनाओं के निर्माण की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, योजना का विस्तार जिले के अन्य गांवों तक भी किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और भूजल पुनर्भरण की यह मुहिम आने वाले वर्षों में अजमेर की कृषि तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है।