पुणे: गन्ना मजदूर दिलाने के बहाने किसान से ₹8.29 लाख की ठगी, यवत पुलिस ने दर्ज किया मामला
सारांश
मुख्य बातें
पुणे जिले के यवत पुलिस थाना क्षेत्र में गन्ने की कटाई और परिवहन के लिए मजदूर उपलब्ध कराने का झांसा देकर एक किसान से ₹8,29,000 की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान नारायण पोहवा काले (निवासी कांगांव, दौंड, पुणे) की शिकायत पर पुलिस ने 4 जुलाई को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, आरोपी अक्षय गोरख गवली सोनावणे (निवासी नेर, सकरी, जिला धुले) ने शिकायतकर्ता को गन्ना ट्रांसपोर्टेशन और कटाई के मजदूर दिलाने का भरोसा दिलाकर ऑनलाइन तथा नगद दोनों माध्यमों से कुल ₹8,29,000 वसूल लिए।
पुलिस के मुताबिक, 17 नवंबर को आरोपी कुछ मजदूरों के साथ किसान के पास पहुँचा, लेकिन केवल ₹26,600 का काम करवाने के बाद वहाँ से फरार हो गया। आरोपी ने ₹8,02,400 का बिल जमा किया और शेष राशि वापस करने से इनकार कर दिया, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
आरोपी की कार्यप्रणाली
यह मामला ग्रामीण महाराष्ट्र में गन्ना किसानों को निशाना बनाकर की जाने वाली ठगी का एक विशिष्ट उदाहरण है। आरोपी ने पहले विश्वास अर्जित किया, आंशिक काम करवाया और फिर बड़ी राशि लेकर गायब हो गया — जो इस तरह के कृषि-क्षेत्र धोखाधड़ी का सामान्य तरीका है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में गन्ना कटाई का मौसम किसानों के लिए सबसे व्यस्त और आर्थिक रूप से संवेदनशील समय होता है, जब वे मजदूरों की व्यवस्था के लिए बाहरी व्यक्तियों पर निर्भर रहते हैं — और ठग इसी कमजोरी का फायदा उठाते हैं।
मुंबई में साइबर ठगी का अलग मामला
इसी दौरान मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक संगठित साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो फर्जी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग योजनाओं के जरिए निवेशकों से ₹1.07 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुका था।
अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है — जिनमें से चार को गुजरात के वडोदरा से और दो को मुंबई से पकड़ा गया। आरोपियों ने वॉट्सऐप ग्रुप, फर्जी ट्रेडिंग एप्लिकेशन और कई बैंक खातों के माध्यम से पीड़ितों को फर्जी शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ निवेश योजनाओं में आकर्षक रिटर्न का लालच दिया।
गिरोह की संरचना
साइबर पुलिस के अनुसार, यह गिरोह एक सुनियोजित नेटवर्क के रूप में काम करता था, जिसमें अलग-अलग सदस्यों को स्पष्ट भूमिकाएँ सौंपी गई थीं। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने एकाधिक राज्यों में फैले बैंक खातों का उपयोग कर धन को इधर-उधर किया।
आगे की जांच
यवत पुलिस ने किसान नारायण काले के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश जारी है। दोनों मामले महाराष्ट्र में बढ़ते वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों की ओर संकेत करते हैं, जहाँ किसान और आम निवेशक दोनों ही ठगों के निशाने पर हैं।