राहुल गांधी देश की राजनीति समझने में कमज़ोर: बिहार मंत्री श्रवण कुमार का तंज
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने 30 जून 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और कहा कि राहुल गांधी देश की राजनीति को समझने में बार-बार चूक करते रहे हैं। यह बयान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा राहुल गांधी को 'पार्ट टाइम नेता' बताए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी के तेज़ होते दौर में आया।
श्रवण कुमार का राहुल गांधी पर निशाना
मंत्री श्रवण कुमार ने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, 'राहुल गांधी में अनुभव की कमी है, नहीं तो वे कहाँ से कहाँ पर होते? कई बार देश की राजनीति में उनसे चूक हो चुकी है और वह लगातार चूक करते जा रहे हैं। जिसके कारण वह पिछड़ते जा रहे हैं। न उन्हें समय की पहचान है और न ही उन्हें व्यक्ति की पहचान है और न देश के बारे में कुछ अच्छी समझ है।'
गौरतलब है कि BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के 'पार्ट टाइम नेता' वाले बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, और श्रवण कुमार ने उस बयान का खुलकर समर्थन किया।
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर सरकार का रुख
श्रवण कुमार ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'कहीं पर कोई गड़बड़ी, कोई दुर्घटना या कोई घटना होती है, तो उसकी जाँच के लिए सरकार काम करती है। मामले को लेकर सरकार तत्परता दिखाती है और मामले को संज्ञान में लेती है। इस मामले की भी जाँच हो रही है, जब तक जाँच नहीं हो जाती, तब तक हमारे लिए कोई बात कहना मुनासिब नहीं है।'
मंत्री ने आगे कहा, 'एक बात को पूरे दावे से कह सकता हूँ कि जिन लोगों ने गड़बड़ी किया होगा, वो किसी भी हालत में बचने वाले नहीं हैं।'
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
सर्वोच्च न्यायालय ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता को उच्च न्यायालय का रुख करने को कहा। सर्वोच्च न्यायालय के वकील विशाल तिवारी ने यह याचिका दाखिल की थी, जिसमें केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से जाँच कराने, सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने और एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की माँग की गई थी।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी की मौत हत्या का मामला है और इसकी निष्पक्ष जाँच अनिवार्य है। यह ऐसे समय में आया है जब एनकाउंटर की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में तेज़ हुई है जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और BJP के बीच संसद के भीतर और बाहर तीखी नोकझोंक जारी है। नितिन नवीन का 'पार्ट टाइम नेता' वाला बयान BJP की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें विपक्ष के नेतृत्व की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जाते हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा करते हैं।
आगे क्या होगा
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में जाँच जारी है और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद मामला अब उच्च न्यायालय की ओर जा सकता है। राजनीतिक मोर्चे पर, BJP और कांग्रेस के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले दिनों में और तीखा होने की संभावना है।