3 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर CEO नियुक्ति पर सपा सांसद सनातन पांडेय का BJP पर हमला, बोले — 'पहले मुखिया खुद को साफ करे'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर CEO नियुक्ति पर सपा सांसद सनातन पांडेय का BJP पर हमला, बोले — 'पहले मुखिया खुद को साफ करे'

सारांश

राम मंदिर ट्रस्ट में पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की CEO नियुक्ति पर सपा सांसद सनातन पांडेय ने BJP को घेरा — कहा, 'मुखिया पहले चोरी का हिसाब दे।' साथ ही 2027 के UP चुनाव में सपा-कांग्रेस सीट बंटवारे पर भी साफ किया कि जीतने की क्षमता ही आधार होगी।

मुख्य बातें

सपा सांसद सनातन पांडेय ने राम मंदिर ट्रस्ट में पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की CEO नियुक्ति को देशहित के विरुद्ध और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करने वाला बताया।
पांडेय ने कहा — 'जिस घर का मुखिया ईमानदार होगा, उसके कर्मचारी भी ईमानदार होंगे' ; ट्रस्ट नेतृत्व से पहले पारदर्शिता की माँग।
BJP पर आरोप — सरकार ने चुनाव आयोग (ECI) सहित सब कुछ अपने नियंत्रण में ले लिया है।
2027 के UP विधानसभा चुनाव के लिए सपा-कांग्रेस गठबंधन बनाए रखने के पक्ष में, लेकिन सीट आवंटन का आधार 'जीतने की क्षमता' होगी।
कांग्रेस के 115-120 सीटों की माँग पर पांडेय की चेतावनी — ऐसी बातें गठबंधन और देश के हित में नहीं।
अखिलेश यादव को पांडेय ने भाजपा हटाने और बेरोज़गारी-सामाजिक विभाजन से लड़ने का सबसे मज़बूत चेहरा बताया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडेय ने राम मंदिर ट्रस्ट में पूर्व एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में नियुक्ति पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। 3 सितंबर को लखनऊ में उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति देशहित के विरुद्ध है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करती है।

मुखिया की ईमानदारी पर सवाल

पांडेय ने तीखे अंदाज़ में कहा कि किसी भी संस्था की पारदर्शिता उसके नेतृत्व से तय होती है। उनके शब्दों में, 'जिस घर का मुखिया ईमानदार होगा, उसके घर के कर्मचारी भी ईमानदार होते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि पहले ट्रस्ट के मुखिया को यह स्पष्ट करना होगा कि 'चोरी का पैसा कहाँ गया', उसके बाद ही सीईओ की नियुक्ति की बात उचित होगी।

सपा सांसद ने यह भी कहा कि सीईओ की नियुक्ति विपक्ष ने नहीं, बल्कि ट्रस्ट ने की है — और ट्रस्ट वही करेगा जो सरकार चाहेगी। उनके अनुसार, ट्रस्ट किसके नियंत्रण में है और निर्णय किस प्रक्रिया से लिए जा रहे हैं, यह पहले सार्वजनिक होना चाहिए।

BJP पर संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप

पांडेय ने आरोप लगाया कि जो लोग भारत के संविधान में विश्वास नहीं रखते, वे जनता से किए गए झूठे वादों के ज़रिए सार्थक बदलाव नहीं ला सकते। उन्होंने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा नहीं है, तो उसका प्रशासन भी ठीक से काम नहीं कर सकता।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने सब कुछ अपने नियंत्रण में ले लिया है — जिसमें चुनाव आयोग (ECI) भी शामिल है। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव आयोग का गठन संविधान के तहत हुआ है और पहले चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए सत्ता पक्ष, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली समिति की व्यवस्था का उल्लेख किया जाता था।

सपा-कांग्रेस गठबंधन और 2027 के चुनाव

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की चर्चाओं पर पांडेय ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी गठबंधन बनाए रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कांग्रेस के साथ गठबंधन के पक्ष में हैं।

हालाँकि, पांडेय ने स्पष्ट किया कि सीटों का आधार 'जीतने की क्षमता' होना चाहिए — न कि केवल संख्या। उनके अनुसार, 'सीट बताएं कि हम यहाँ-यहाँ से जीत रहे हैं — संख्या नहीं।' उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के प्रदर्शन का हवाला दिया।

115-120 सीटों की माँग पर कड़ी प्रतिक्रिया

कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा 115 से 120 सीटों से कम पर समझौता न करने की खबरों पर पांडेय ने कहा कि इस तरह की बातें करने वाले लोग 'न पार्टी के शुभचिंतक हैं, न गठबंधन के और न ही देश के।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व — राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे — के बारे में नहीं है।

पांडेय ने कहा कि गठबंधन का उद्देश्य केवल सीटों का बंटवारा नहीं, बल्कि सरकार बनाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सीटों को लेकर विवाद गठबंधन को ही कमज़ोर कर दे, तो यह भाजपा-विरोधी लक्ष्य के खिलाफ होगा।

आगे क्या होगा

पांडेय के अनुसार, अखिलेश यादव उन सीटों पर निर्णय लेने में पीछे नहीं हटेंगे जहाँ कांग्रेस जीत सकती है। गठबंधन से अलग होने वाले किसी भी दल को उन्होंने 'देशहित के बजाय राजनीतिक स्वार्थ' से प्रेरित बताया। 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस के बीच सीट-साझा वार्ता निर्णायक दौर में पहुँचने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष की असली चुनौती यह है कि ट्रस्ट की स्वायत्तता और सरकारी प्रभाव के बीच की रेखा कहाँ खींची जाए। दूसरी ओर, 2027 के UP चुनाव को लेकर सपा का 'जीतने की क्षमता' वाला फॉर्मूला व्यावहारिक लगता है, पर यह कांग्रेस के भीतर उस खेमे को नाराज़ कर सकता है जो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी बढ़ती ताक़त का हवाला देकर अधिक सीटें माँग रहा है — और यही तनाव INDIA गठबंधन की सबसे बड़ी कमज़ोरी बन सकता है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति को लेकर विवाद क्यों है?
पूर्व एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का CEO नियुक्त किया गया है, जिस पर सपा सांसद सनातन पांडेय ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ट्रस्ट वही करेगा जो सरकार चाहेगी और नियुक्ति से पहले ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए।
सनातन पांडेय ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
सपा सांसद सनातन पांडेय ने आरोप लगाया कि BJP संविधान में विश्वास नहीं रखती और सरकार ने चुनाव आयोग सहित सब कुछ अपने नियंत्रण में ले लिया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर अविश्वास रखने वाला दल ठीक से शासन नहीं कर सकता।
2027 के UP चुनाव में सपा-कांग्रेस सीट बंटवारे की स्थिति क्या है?
सपा सांसद पांडेय ने स्पष्ट किया कि अखिलेश यादव कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाए रखने के पक्ष में हैं, लेकिन सीटों का आधार 'जीतने की क्षमता' होगी। उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वे संख्या नहीं, बल्कि उन सीटों की सूची दें जहाँ वे जीत सकते हैं।
कांग्रेस की 115-120 सीटों की माँग पर सपा का क्या रुख है?
पांडेय ने कहा कि इस तरह की माँग करने वाले लोग पार्टी, गठबंधन और देश — किसी के शुभचिंतक नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ नेताओं के बारे में नहीं है।
अखिलेश यादव के बारे में सनातन पांडेय ने क्या कहा?
पांडेय ने कहा कि देश में भाजपा हटाने और बेरोज़गारी, अराजकता तथा सामाजिक विभाजन जैसी समस्याओं से लड़ने की सबसे मज़बूत इच्छाशक्ति अखिलेश यादव में है। उन्होंने कहा कि अखिलेश सीट बंटवारे पर उचित निर्णय लेने में पीछे नहीं हटेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 15 घंटे पहले
  2. 23 घंटे पहले
  3. कल
  4. 2 दिन पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले