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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ओवैसी ने एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की माँग की, सरकार पर साधा निशाना

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ओवैसी ने एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की माँग की, सरकार पर साधा निशाना

सारांश

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक न करने पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर वोट लिए गए और मंदिर में लूट हुई — यह सवाल अब जवाब माँगता है।

मुख्य बातें

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने 3 सितंबर को राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की माँग की।
ओवैसी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने और रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद उसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नियुक्तियों को लेकर उन्होंने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) को ट्रस्ट का पहला सीईओ नियुक्त किया गया है।
ओवैसी ने तेलंगाना एसआईआर में मतदाताओं को गलत तरीके से 'मृत' या 'स्थानांतरित' दर्ज किए जाने पर भी आपत्ति जताई।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार, 3 सितंबर को अयोध्या राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की जाँच को लेकर केंद्र सरकार पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने माँग की कि इस मामले में गठित विशेष जाँच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक की जाए। ओवैसी ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है और जनता को यह जानने का अधिकार है कि चोरी के पीछे कौन था।

ओवैसी ने क्या कहा

ओवैसी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) की नियुक्ति का संदर्भ देते हुए कहा, 'इससे पहले जो नियुक्तियाँ हुई थीं, वे किसने की थीं? सरकार ने ही की थीं, है ना? आप इसे संसद में लाए और ट्रस्ट में नियुक्तियाँ कीं। उसके बाद भी करोड़ों रुपए की चोरी हुई। आज लोग नाराज हैं क्योंकि उनकी आस्था का मज़ाक उड़ाया गया है। आप जिसे चाहें नियुक्त कर सकते हैं; आप सरकार हैं।'

सांसद ने आगे कहा, 'एफआईआर दर्ज हो चुकी है और आपके पास रिपोर्ट भी है। तो उस रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है? आपने जनता की आस्था का मज़ाक उड़ाया और आस्था के नाम पर वोट और सत्ता हासिल की, जबकि इन लोगों ने वहाँ सब कुछ लूट लिया।'

सरकार पर जवाबदेही का सवाल

ओवैसी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर ट्रस्ट में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। गौरतलब है कि मंदिर ट्रस्ट की स्थापना और उसमें प्रमुख नियुक्तियाँ केंद्र सरकार की प्रत्यक्ष भूमिका से हुई थीं, जिसे ओवैसी ने जवाबदेही का आधार बताया। उनके अनुसार, एफआईआर दर्ज होने और एसआईटी जाँच पूरी होने के बावजूद रिपोर्ट को सार्वजनिक न करना पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।

तेलंगाना मतदाता सूची विवाद पर भी बोले ओवैसी

इसी संवाददाता सम्मेलन में ओवैसी ने तेलंगाना में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों — जैसे छह से अधिक बच्चों की मैपिंग वाले मामले — को आधार बनाकर मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ जीवित मतदाताओं को 'मृत' या 'स्थानांतरित' के रूप में गलत तरीके से दर्ज किया गया है।

ओवैसी ने नोटिस पाने वाले मतदाताओं से अपील की: 'जिन लोगों, महिलाओं और युवाओं को नोटिस मिल रहे हैं, वे तुरंत सुनवाई के लिए आएं और अपने आधार कार्ड तथा अन्य ज़रूरी दस्तावेज साथ लाएं।'

आगे क्या होगा

ओवैसी की माँग के बाद अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार या राम जन्मभूमि ट्रस्ट एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक करने पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं या नहीं। विपक्षी दलों के लिए यह मुद्दा आने वाले समय में संसद और सार्वजनिक बहस में और तेज़ हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके केंद्र में एक वैध प्रशासनिक सवाल है — एफआईआर और एसआईटी जाँच के बाद रिपोर्ट को सार्वजनिक न करना पारदर्शिता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। राम मंदिर ट्रस्ट जिस तरह सरकारी नियुक्तियों और संसदीय प्रक्रिया से बना, उसमें जवाबदेही का दायरा स्वाभाविक रूप से व्यापक है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि आस्था से जुड़े संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता की माँग किसी एक विचारधारा तक सीमित नहीं होनी चाहिए — यह नागरिक अधिकार का प्रश्न है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इसे केवल विपक्षी राजनीति के रूप में पेश करती है, जबकि असल मुद्दा संस्थागत जवाबदेही का है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि की कथित चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी और एसआईटी जाँच बैठाई गई। ओवैसी के अनुसार जाँच रिपोर्ट तैयार है, लेकिन उसे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
ओवैसी ने एसआईटी रिपोर्ट को लेकर क्या माँग की?
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने माँग की कि एसआईटी की जाँच रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक की जाए, ताकि जनता जान सके कि चोरी किसने की। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता के बिना श्रद्धालुओं की आस्था के साथ न्याय नहीं होगा।
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति विवाद में क्यों है?
ओवैसी ने सवाल उठाया कि ट्रस्ट में पहले की नियुक्तियाँ सरकार ने कीं और उसके बाद भी करोड़ों की चोरी हुई। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) को ट्रस्ट का पहला सीईओ नियुक्त किया गया है, जिस पर ओवैसी ने सरकारी जवाबदेही का प्रश्न खड़ा किया।
तेलंगाना एसआईआर विवाद क्या है और ओवैसी ने क्या कहा?
तेलंगाना में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर नोटिस भेजे जा रहे हैं। ओवैसी ने बताया कि कुछ जीवित मतदाताओं को 'मृत' या 'स्थानांतरित' दर्ज किया गया है और उन्होंने नोटिस पाने वालों से आधार कार्ड लेकर सुनवाई में उपस्थित होने की अपील की।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
ओवैसी की माँग के बाद सरकार और राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक करने का दबाव बढ़ सकता है। यह मुद्दा संसद सत्र और विपक्षी राजनीतिक बहस में और तीव्र होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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