राम मंदिर ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, भाजपा विधायक सीपी सिंह बोले — 'कानून अपना काम कर रहा है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक सीपी सिंह ने 13 जुलाई को रांची में कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा चोरी मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किया जाना न्यायिक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून अपना काम कर रहा है और सभी पक्षों को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट नोटिस और एसआईटी जांच
सीपी सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में पहले ही एसआईटी (SIT) का गठन कर चुकी है और जांच सक्रिय रूप से जारी है। उन्होंने बताया कि अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की जा रही है। विधायक ने कहा, 'भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहाँ कानून का शासन है। यदि कोई व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करता है तो न्यायालय अपनी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत सुनवाई करता है।' उन्होंने जोड़ा कि नोटिस जारी करना उसी प्रक्रिया का अंग है, जिसके बाद संबंधित पक्षों से जवाब और हलफनामा माँगा जाता है।
सीपी सिंह ने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है और लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। जब मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है, तो उसके निर्णय का पालन सभी को करना होगा।
कुरैशी की किताब पर विधायक की प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी की नई पुस्तक में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा चुनाव आयोग को लोकतंत्र की आत्मा बताए जाने के उल्लेख पर सीपी सिंह ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'किताबें बाद में लिखी जाती हैं। कुरैशी आखिरकार एक संप्रदाय विशेष के ही हैं, तो वे ऐसी चीजें लिखेंगे ही।' विधायक ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का उल्लेख करते हुए कहा कि वे 10 वर्षों तक उपराष्ट्रपति पद पर रहे, लेकिन उन्हें भारत सुरक्षित नहीं लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों की मानसिकता 'गजवा-ए-हिंद' के विचार से प्रेरित है।
कोलकाता एयरपोर्ट की मस्जिद पर रुख
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिसर में स्थित 136 वर्ष पुरानी मस्जिद को हटाने के प्रस्ताव पर सीपी सिंह ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों — विशेषकर हवाई अड्डों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों — में धार्मिक ढाँचे सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं हैं। उन्होंने सुझाया कि यदि किसी धार्मिक स्थल से लोगों की भावनाएँ जुड़ी हैं, तो उसे किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि न सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो और न किसी की धार्मिक भावना आहत हो।
झारखंड की कानून-व्यवस्था पर सवाल
झारखंड की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सीपी सिंह ने कहा कि प्रदेश में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई जिसके घर चोरी हुई थी, और उसने बताया कि डीजीपी ने स्वयं कहा था कि उनके घर भी चोरी हो चुकी है। विधायक ने कहा कि यदि शीर्ष पुलिस अधिकारी भी इस स्थिति से अछूते नहीं हैं, तो राज्य में आम नागरिकों की सुरक्षा की कल्पना की जा सकती है। उन्होंने राज्य सरकार से गंभीर आत्ममंथन करने की माँग की।
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में विपक्षी भाजपा लगातार सत्तारूढ़ सरकार पर प्रशासनिक विफलता के आरोप लगा रही है। सीपी सिंह के ये बयान कई संवेदनशील मुद्दों को एक साथ छूते हैं — न्यायपालिका, धार्मिक स्थल और राज्य की आंतरिक सुरक्षा — जो आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकते हैं।