31 अक्टूबर 2026
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संबित पात्रा का बड़ा दावा: नेहरू ने की थी पहली वोट चोरी, सरदार पटेल को PM पद से वंचित रखा गया

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संबित पात्रा का बड़ा दावा: नेहरू ने की थी पहली वोट चोरी, सरदार पटेल को PM पद से वंचित रखा गया

सारांश

सरदार पटेल की जयंती पर BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने बड़ा दावा किया — देश की पहली वोट चोरी नेहरू ने की, पटेल को PM पद से वंचित रखा गया। साथ ही खड़गे के 13 करोड़ वोट चोरी के आरोप को झूठ बताया और SIR प्रक्रिया को पारदर्शी करार दिया।

मुख्य बातें

संबित पात्रा ने 31 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि देश की पहली वोट चोरी पंडित नेहरू ने की थी।
पात्रा के अनुसार, कांग्रेस नेताओं ने सरदार पटेल को PM बनाने के पक्ष में मतदान किया था, लेकिन उन वोटों की अनदेखी हुई।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के 13 करोड़ वोट चोरी के आरोप को पात्रा ने निराधार बताया।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया अभी जारी है; पात्रा ने इसे पारदर्शी बताया।
पात्रा ने सर्वोच्च न्यायालय के 27 मई 2026 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि फॉर्म-6 में कोई संशोधन नहीं हुआ।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि SIR का निर्णय सर्वसम्मति से हुआ।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया कि देश में पहली वोट चोरी पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय हुई थी। उनका आरोप था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में मतदान किया था, किंतु उन वोटों की अनदेखी कर नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बने। यह बयान सरदार पटेल की जयंती — 31 अक्टूबर — के अवसर पर आया, जिसे राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

मुख्य आरोप और संदर्भ

पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस दावे पर पलटवार किया, जिसमें खड़गे ने 13 करोड़ मतदाताओं के वोट चोरी होने का आरोप लगाया था। पात्रा ने कहा कि यदि वास्तव में इतनी बड़ी संख्या में वोट काटे जाते, तो देशभर में व्यापक विरोध होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अभी जारी है और पूर्ण नहीं हुई है, इसलिए किसी राज्य की अंतिम मतदाता सूची में नाम न होने का अर्थ वोट चोरी नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार, विपक्ष और मीडिया — सभी की जिम्मेदारी है कि मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को मिले। पात्रा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या देश में घुसपैठियों को मतदाता सूची में स्थान मिलना चाहिए।

फॉर्म-6 विवाद पर भाजपा का पक्ष

खड़गे के इस आरोप पर कि फॉर्म-6 में संशोधन किया गया है, पात्रा ने स्पष्ट किया कि फॉर्म में कोई बदलाव नहीं हुआ — केवल उसके साथ एक घोषणा पत्र जोड़ा गया है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के 27 मई 2026 के फैसले का हवाला देते हुए दावा किया कि अदालत ने भी इसी बात की पुष्टि की है। पात्रा ने कहा कि जो व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाना चाहता है, वह फॉर्म-6 भरकर ऐसा कर सकता है।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोपों को किया खारिज

खड़गे ने आरोप लगाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों को दरकिनार कर एकतरफा तरीके से SIR का निर्णय लिया। पात्रा ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने संयुक्त रूप से तस्वीर और बयान के माध्यम से स्पष्ट किया था कि यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है।

उन्होंने कहा, '100 बार झूठ बोलने से वह सच नहीं बन जाता।' पात्रा ने यह भी कहा कि खड़गे वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी जा रही है — और जो लोग उन्हें यह जानकारी दे रहे हैं, वे खुद संसद में सोते हुए पकड़े जाते हैं।

कांग्रेस की 'मॉक पार्लियामेंट' पर तंज

पात्रा ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष आज 'मॉक पार्लियामेंट' आयोजित कर लोकतंत्र का नाटक कर रहा है, जबकि वास्तविक संसद में इन्हीं दलों के सदस्य सोते हैं, सदन से अनुपस्थित रहते हैं और वेल में आकर हंगामा करते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आरोपों को बार-बार दोहराने से वे सच नहीं हो जाते।

आगे क्या

SIR प्रक्रिया अभी जारी है और इसके पूरा होने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे को राजनीतिक रूप से आक्रामक तरीके से उठा रहा है। गौरतलब है कि यह विवाद आगामी चुनावी तैयारियों की पृष्ठभूमि में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक SIR की अंतिम सूची सार्वजनिक नहीं होती, संदेह बना रहेगा।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संबित पात्रा ने नेहरू पर वोट चोरी का क्या आरोप लगाया?
पात्रा ने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में मतदान किया था, लेकिन उन वोटों की अनदेखी कर नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बने। उनके अनुसार यही भारत की पहली वोट चोरी थी।
खड़गे के 13 करोड़ वोट चोरी के दावे पर BJP का क्या जवाब है?
पात्रा ने कहा कि यदि वास्तव में 13 करोड़ वोट काटे जाते तो देशभर में व्यापक विरोध होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए मतदाता सूची में नाम न होने का मतलब वोट चोरी नहीं है।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया क्या है और इसमें नाम कैसे जुड़वाएँ?
SIR मतदाता सूची की विशेष समीक्षा प्रक्रिया है जो अभी जारी है। पात्रा के अनुसार, जिस नागरिक का नाम सूची में नहीं है, वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है।
फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर विवाद क्या है?
खड़गे ने आरोप लगाया था कि फॉर्म-6 में संशोधन किया गया है। पात्रा ने इसे गलत बताते हुए कहा कि फॉर्म में कोई बदलाव नहीं हुआ, केवल उसके साथ एक घोषणा पत्र जोड़ा गया है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के 27 मई 2026 के फैसले का हवाला भी दिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोप क्या हैं और BJP ने क्या कहा?
खड़गे ने आरोप लगाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य दो आयुक्तों को दरकिनार कर एकतरफा SIR का निर्णय लिया। पात्रा ने इसे खारिज करते हुए कहा कि तीनों आयुक्तों ने संयुक्त बयान के ज़रिए स्पष्ट किया था कि यह निर्णय सर्वसम्मति से हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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