मुंबई एयरपोर्ट पर दबोचा गया 5 साल से फरार आरोपी मुदासिर जहूर, सऊदी अरब से लौटते ही गिरफ्तारी
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने 19 जून को एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाँच वर्षों से फरार वांछित आरोपी मुदासिर जहूर को मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया। आरोपी सऊदी अरब के जेद्दा से भारत लौट रहा था, तभी लुकआउट सर्कुलर के चलते इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया। उस पर धोखाधड़ी, रंगदारी, जान से मारने की धमकी और आईटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
कौन है आरोपी और क्या है मामला
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुदासिर जहूर पुत्र जहूर अहमद (38 वर्ष), निवासी अरम मस्जिद, खानयार, जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। मामले की जड़ें वर्ष 2020 में हैं, जब एक पीड़ित महिला ने मथुरा जिले के नौहझील थाने में मुदासिर और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था।
रंगदारी और साइबर धमकी के आरोप
महिला का आरोप है कि उक्त मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने के लिए मुदासिर और उसके साथियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके अलावा आरोप है कि आरोपी ने महिला का मोबाइल फोन हैक कर ₹40 लाख की रंगदारी माँगी और सोशल मीडिया पर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी भी दी। वर्ष 2021 में इस शिकायत के आधार पर थाना फेस-3 में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 67-सी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
कैसे हुई गिरफ्तारी
जाँच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी देश छोड़कर सऊदी अरब में रह रहा है। पुलिस ने न्यायालय से गैर-जमानती वारंट (NBW) और धारा 82 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई कराई तथा उसके नाम पर लुकआउट सर्कुलर जारी करवाया। गुरुवार को जैसे ही मुदासिर जेद्दा से मुंबई पहुँचा, एयरपोर्ट के इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया। सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-58 की पुलिस टीम मुंबई रवाना हुई और आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर नोएडा लाया गया।
आगे की जाँच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से फिलहाल पूछताछ जारी है। जाँचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि फरारी के दौरान मुदासिर किन गतिविधियों में संलिप्त रहा और क्या इस मामले में अन्य सहयोगी भी शामिल हैं। आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। यह गिरफ्तारी साइबर अपराध और फरार आरोपियों के मामलों में अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय समन्वय की बढ़ती अहमियत को रेखांकित करती है।