सानंद और धोलेरा बनेंगे सेमीकंडक्टर हब: पीयूष गोयल ने NID गांधीनगर में इनोवेशन सेंटर का किया उद्घाटन

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सानंद और धोलेरा बनेंगे सेमीकंडक्टर हब: पीयूष गोयल ने NID गांधीनगर में इनोवेशन सेंटर का किया उद्घाटन

सारांश

गांधीनगर में NID के इनोवेशन सेंटर के उद्घाटन पर पीयूष गोयल ने साफ संकेत दिया — सानंद और धोलेरा अब सेमीकंडक्टर मानचित्र पर भारत की सबसे बड़ी बाजी हैं। गुजरात की नई नीति और केंद्र का समर्थन मिलकर देश को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 17 मई 2026 को NID गांधीनगर में इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया।
सानंद और धोलेरा देश के प्रमुख सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभर रहे हैं।
समारोह में गृह मंत्री अमित शाह , मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी उपस्थित रहे।
गोयल ने कहा कि NID जैसे संस्थान युवाओं को 'नौकरी चाहने वाले' से 'नौकरी देने वाले' बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
गोयल ने एक्स पर पोस्ट कर 'विकसित भारत' के लिए डिज़ाइन, इनोवेशन और उद्यमिता को नई पहचान बताया।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार, 17 मई 2026 को गांधीनगर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन (NID) में इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि सानंद और धोलेरा देश के प्रमुख सेमीकंडक्टर हब के रूप में तेज़ी से उभर रहे हैं। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहे।

सेमीकंडक्टर नीति की सराहना

पत्रकारों से बातचीत में गोयल ने गुजरात सरकार की सेमीकंडक्टर नीति की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को बधाई देना चाहूंगा। गुजरात ने सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने और नई नीतियों के माध्यम से इसे तेज़ी से आकर्षित करने में उल्लेखनीय काम किया है। सानंद और धोलेरा अब सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभर रहे हैं। यह देश की बहुत बड़ी ज़रूरत थी और गुजरात इस आवश्यकता को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।'

गौरतलब है कि भारत सरकार ने हाल के वर्षों में सेमीकंडक्टर विनिर्माण को रणनीतिक प्राथमिकता दी है, और गुजरात इस दिशा में निवेश आकर्षित करने वाला अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। सानंद पहले से ही ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का केंद्र रहा है, जबकि धोलेरा स्मार्ट सिटी को ग्रीनफील्ड औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

NID इनोवेशन सेंटर: युवाओं के लिए नई दिशा

गोयल ने कहा कि NID गांधीनगर में स्थापित यह इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर देश के युवा प्रतिभाशाली छात्रों को एक नई दिशा देगा। उद्घाटन के दौरान उन्होंने छात्रों द्वारा तैयार किए गए नवाचारी विचारों, क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स और भविष्योन्मुखी डिज़ाइन को करीब से देखा।

गोयल ने ज़ोर देकर कहा कि NID जैसे संस्थान देश के युवाओं को 'नौकरी चाहने वालों' से 'नौकरी देने वालों' में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र वैश्विक मंच पर भारत की रचनात्मक प्रतिभा को नई पहचान देगा और 'भारत में डिज़ाइन किया गया' को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

एक्स पर गोयल की प्रतिक्रिया

समारोह के बाद पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज NID गांधीनगर में गृह मंत्री अमित शाह के साथ छात्रों द्वारा विकसित नए विचार, क्रिएटिव प्रोजेक्ट और भविष्य के डिज़ाइन को देखने का अवसर मिला। युवाओं की सोच, उनकी क्रिएटिविटी और समस्याओं के प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस को देखकर आत्मविश्वास बढ़ा कि भारत का भविष्य नवाचार, डिज़ाइन और प्रौद्योगिकी संचालित होने वाला है। ऐसे ही नवाचार विकसित भारत की मजबूत नींव बनेंगे।'

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'आज गांधीनगर में माननीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की उपस्थिति में NID के इनक्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। डिज़ाइन, इनोवेशन और उद्यमिता विकसित भारत की नई पहचान बनने जा रहे हैं।'

आम जनता और उद्योग पर असर

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गुजरात की बढ़ती भूमिका न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए रोज़गार और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है और भारत इस क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश में है।

NID गांधीनगर का यह इनोवेशन सेंटर डिज़ाइन और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह सेंटर युवा उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र बनने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये क्षेत्र ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे स्थापित चिप-निर्माण केंद्रों से निवेश और प्रतिभा खींचने में कितने सफल होते हैं। गुजरात की सेमीकंडक्टर नीति की प्रशंसा तो हो रही है, पर अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई ठोस उत्पादन लक्ष्य या रोज़गार संख्या सामने नहीं आई है। NID जैसे संस्थानों में इनोवेशन सेंटर खोलना सही कदम है, किंतु 'भारत में डिज़ाइन किया गया' का सपना तभी साकार होगा जब इन केंद्रों से निकले स्टार्टअप को बाज़ार तक पहुंचने का वास्तविक रास्ता मिले।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सानंद और धोलेरा को सेमीकंडक्टर हब क्यों चुना गया है?
सानंद पहले से ही ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का स्थापित केंद्र है, जबकि धोलेरा को ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है जहाँ बुनियादी ढाँचा नए सिरे से बनाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, गुजरात की नई सेमीकंडक्टर नीति ने इन दोनों क्षेत्रों को निवेश के लिए आकर्षक बनाया है।
NID गांधीनगर का इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर क्या है?
यह 17 मई 2026 को उद्घाटन किया गया एक केंद्र है जो NID गांधीनगर के छात्रों को उनके नवाचारी विचारों, क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स और स्टार्टअप को आकार देने में सहायता करेगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे युवाओं को 'नौकरी चाहने वालों' से 'नौकरी देने वालों' में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से प्रमुख नेता उपस्थित थे?
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी उपस्थित रहे।
गुजरात की सेमीकंडक्टर नीति से देश को क्या फायदा होगा?
गुजरात की सेमीकंडक्टर नीति का लक्ष्य देश में चिप विनिर्माण की आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करना और वैश्विक सेमीकंडक्टर बाज़ार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना है। इससे रोज़गार सृजन और तकनीकी आत्मनिर्भरता दोनों को बल मिलने की उम्मीद है।
'भारत में डिज़ाइन किया गया' से क्या अभिप्राय है?
'भारत में डिज़ाइन किया गया' (Designed in India) एक नीतिगत दृष्टिकोण है जो भारतीय प्रतिभा द्वारा स्वदेश में उत्पाद और तकनीक डिज़ाइन करने को प्रोत्साहित करता है। पीयूष गोयल ने NID जैसे संस्थानों को इस लक्ष्य की नींव बताया और कहा कि ये केंद्र वैश्विक मंच पर भारत की रचनात्मक पहचान स्थापित करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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