शायना एनसी का विपक्ष पर हमला: 'तुष्टिकरण की राजनीति को चुनाव में मिलेगा करारा जवाब'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना नेता शायना एनसी ने 7 नवंबर 2026 को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए विपक्ष पर तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक और सामाजिक मुद्दों का इस्तेमाल करने वाले नेताओं को आगामी चुनावों में जनता मुंहतोड़ जवाब देगी।
तुष्टिकरण की राजनीति पर शायना का प्रहार
शायना एनसी ने कहा कि विपक्ष के नेता भगवान राम को याद तो नहीं करते, लेकिन अयोध्या पर टिप्पणी करने से नहीं चूकते। उन्होंने अयोध्या दीपोत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन विश्वभर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है, फिर भी विपक्ष का कोई नेता यह नहीं कहता कि वे अयोध्या जाकर सभी के साथ दिवाली मनाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता केवल वोट बैंक के लिए धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बयानबाज़ी करते हैं, वे जनता की नज़रों में अपनी साख खो चुके हैं और आने वाले चुनावों में मतदाता उन्हें उचित जवाब देंगे।
राहुल गांधी पर टूलकिट आरोपों का समर्थन
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने और विदेशी टूलकिट की तरह काम करने के लगाए गए आरोपों का शायना एनसी ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जो लोग 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' को प्रोत्साहित करते हैं, 'भारत माता की जय' बोलने में झिझकते हैं और 'वंदे मातरम्' गाने से कतराते हैं, उनके विचारों पर कोई टिप्पणी करना कठिन है।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोग विदेशों में जाकर भारत का अपमान करते हैं और 'टूलकिट गैंग' तथा 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' की मंशा देश में अस्थिरता का माहौल पैदा करने की है। उनके अनुसार देश को अस्थिरता नहीं, बल्कि विकास और स्थिरता की ज़रूरत है।
सोनिया गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
बाबरी मस्जिद विध्वंस पर सोनिया गांधी की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर शायना एनसी ने कहा कि अच्छा है कि सोनिया गांधी ने कुछ आत्ममंथन किया है और उन्हें आपातकाल के दौरान की गई गलतियाँ दिखने लगी हैं। उन्होंने कहा कि आपातकाल के उस दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता समाप्त कर दी गई थी और लोगों को जेल में भेजा गया था — 'वह लोकतंत्र नहीं, तानाशाही थी।'
राम मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में एक भव्य मंदिर बन चुका है और यह आस्था का विषय है, राजनीति का नहीं। उन्होंने कहा कि गलतियों को स्वीकार करना ही किसी भी सुधार की पहली शर्त होती है।
सपा विधायक तूफानी सरोज का पलटवार
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के जौनपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक तूफानी सरोज ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर पलटवार करते हुए कहा कि परिवारवाद को बढ़ावा देने में BJP सबसे आगे है। उन्होंने राजनाथ सिंह और अमित शाह के परिवारों का उल्लेख करते हुए यह दावा किया।
सरोज ने अखिलेश यादव को 'अपराधियों और माफियाओं का शागिर्द' बताने वाले नितिन नवीन के बयान को खारिज करते हुए चुनौती दी कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों की सूची बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर लगाई जाए, ताकि स्पष्ट हो सके कि किन लोगों के संबंध किस राजनीतिक दल से हैं।
कानून-व्यवस्था पर सपा का योगी सरकार पर वार
तूफानी सरोज ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर उत्तर प्रदेश में 'जंगलराज' जैसी स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराध, दुष्कर्म की घटनाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का 'जीरो टॉलरेंस' का नारा खोखला साबित हुआ है।
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में तेज हुई है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ परोक्ष रूप से शुरू हो चुकी हैं और सत्तारूढ़ एवं विपक्षी दोनों खेमे अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश में हैं।