31 अक्टूबर 2026
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मणिपुर के नोनी जिले में तीन कुकी-जो स्वयंसेवक मारे गए, KIM ने NSCN-IM पर लगाया आरोप

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मणिपुर के नोनी जिले में तीन कुकी-जो स्वयंसेवक मारे गए, KIM ने NSCN-IM पर लगाया आरोप

सारांश

मणिपुर के नोनी जिले में तीन कुकी-जो ग्राम स्वयंसेवकों की मौत ने राज्य में तनाव को फिर भड़का दिया है। KIM ने NSCN-IM और ZUF-K पर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस इसे दो सशस्त्र गुटों की गोलीबारी बता रही है — और यह विरोधाभास खुद एक बड़ी कहानी है।

मुख्य बातें

नोनी जिले, मणिपुर में 31 अक्टूबर 2026 को तीन कुकी-जो ग्राम स्वयंसेवक मारे गए।
कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने NSCN-IM और ZUF-K के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया।
पुलिस के अनुसार तीनों व्यक्ति दो सशस्त्र समूहों के बीच हुई गोलीबारी में मारे गए; जाँच जारी है।
KIM ने राज्य सरकार पर कुकी-जो बस्तियों को पर्याप्त सुरक्षा देने में विफल रहने का आरोप लगाया।
संगठन ने पीड़ितों के लिए न्याय और दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की माँग की।

मणिपुर के नोनी जिले में 31 अक्टूबर 2026 को तीन कुकी-जो ग्राम स्वयंसेवकों की मौत के बाद राज्य में तनाव गहरा गया है। प्रमुख कुकी आदिवासी संगठन कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने आरोप लगाया कि इन स्वयंसेवकों की बेरहमी से हत्या की गई, जबकि पुलिस के अनुसार तीनों व्यक्ति दो सशस्त्र समूहों के बीच हुई भीषण गोलीबारी में मारे गए।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस ने पुष्टि की कि नोनी जिले में दो सशस्त्र गुटों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें तीन लोगों की जान गई। अधिकारियों ने कहा कि घटना की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, KIM ने अपने बयान में आरोप लगाया कि नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (इसाक-मुइवा) (NSCN-IM) और जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (कामसन गुट) (ZUF-K) के कार्यकर्ता इन मौतों के लिए जिम्मेदार हैं।

संगठन ने यह भी कथित तौर पर आरोप लगाया कि हत्यारों ने मृतकों के शवों को लात मारकर और मृत्यु के बाद उनका उपहास करके उन्हें अपमानित किया। KIM ने इन कथित कृत्यों को 'अमानवीय और अस्वीकार्य' बताते हुए कड़ी निंदा की।

आदिवासी संगठन की प्रतिक्रिया

KIM के सूचना एवं प्रचार सचिव जांघाओलन हाओकिप ने कहा कि तीन ग्राम स्वयंसेवकों की यह मौत राज्य अधिकारियों की कुकी-जो समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कथित विफलता का परिणाम है, जबकि संभावित खतरों के बारे में बार-बार चेतावनी दी जा चुकी थी।

हाओकिप ने दावा किया कि पर्याप्त सुरक्षा के अभाव ने स्थानीय निवासियों को सशस्त्र खतरों से अपने घरों और समुदायों की रक्षा के लिए स्वेच्छा से आगे आने पर मजबूर किया है। संगठन ने इस घटना को कुकी-जो समुदाय के जीवन और सुरक्षा पर सीधा हमला करार दिया।

सुरक्षा चूक पर सवाल

KIM ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सशस्त्र गतिविधियों को रोकने में लगातार विफलता के कारण नोनी जिले की कुकी-जो बस्तियाँ और आसपास के क्षेत्र हिंसा के प्रति असुरक्षित हो गए हैं। संगठन का यह भी आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा NSCN-IM की गतिविधियों से निपटने के तरीके ने क्षेत्र में असुरक्षा को और बढ़ावा दिया है।

गौरतलब है कि मणिपुर मई 2023 से जातीय हिंसा की चपेट में है, जिसमें मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच संघर्ष ने सैकड़ों जानें ली हैं और हजारों लोगों को विस्थापित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शांति बहाली की कोशिशें अभी भी अधूरी हैं।

न्याय और जवाबदेही की माँग

नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए KIM ने पीड़ितों के लिए न्याय, जवाबदेही और हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्रवाई की माँग की है। संगठन ने नोनी जिले की संवेदनशील कुकी-जो बस्तियों में सुरक्षा बल तैनात करने की भी अपील की।

क्या होगा आगे

पुलिस ने कहा कि घटना के संबंध में जाँच जारी है और अधिक जानकारी सामने आने पर बयान जारी किया जाएगा। मणिपुर में जारी अस्थिरता के बीच यह घटना राज्य प्रशासन और केंद्र सरकार दोनों के लिए नई चुनौती खड़ी करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सशस्त्र गुटों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जाता, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरा 'क्रॉसफायर' — यह दर्शाते हैं कि तथ्य-स्थापना की प्रक्रिया भी अभी विवादित है। जब तक राज्य सरकार NSCN-IM और ZUF-K जैसे सशस्त्र गुटों पर ठोस अंकुश नहीं लगाती और कुकी-जो बस्तियों में वास्तविक सुरक्षा उपस्थिति सुनिश्चित नहीं करती, ऐसी घटनाएँ बार-बार होती रहेंगी और हर बार नई राजनीतिक आग भड़काएँगी।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के नोनी जिले में तीन कुकी-जो स्वयंसेवकों की मौत कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार तीनों व्यक्ति नोनी जिले में दो सशस्त्र समूहों के बीच हुई गोलीबारी में मारे गए। वहीं, KIM का आरोप है कि उनकी बेरहमी से हत्या की गई और घटना की विस्तृत जाँच जारी है।
KIM ने किन संगठनों पर हत्या का आरोप लगाया है?
कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने NSCN-IM (नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम, इसाक-मुइवा गुट) और ZUF-K (जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट, कामसन गुट) के कार्यकर्ताओं को इन मौतों के लिए जिम्मेदार बताया है।
KIM ने राज्य सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
KIM ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार नोनी जिले की संवेदनशील कुकी-जो बस्तियों को पर्याप्त सुरक्षा देने में बार-बार विफल रही है। संगठन का कहना है कि NSCN-IM की गतिविधियों से निपटने के सरकारी तरीके ने क्षेत्र में असुरक्षा को और बढ़ावा दिया है।
KIM ने इस घटना के बाद क्या माँगें रखी हैं?
KIM ने पीड़ितों के लिए न्याय, हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्रवाई और नोनी जिले की कुकी-जो बस्तियों में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने की माँग की है।
मणिपुर में कुकी-जो और अन्य समुदायों के बीच तनाव की पृष्ठभूमि क्या है?
मणिपुर मई 2023 से जातीय हिंसा की चपेट में है, जिसमें मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच संघर्ष ने सैकड़ों जानें ली हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। इसी अस्थिर पृष्ठभूमि में NSCN-IM जैसे सशस्त्र गुटों की सक्रियता ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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