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मौलाना यासूब अब्बास: वक्फ पंजीकरण की समयसीमा बढ़े, उत्तराखंड मदरसा बोर्ड बंद करना गलत

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मौलाना यासूब अब्बास: वक्फ पंजीकरण की समयसीमा बढ़े, उत्तराखंड मदरसा बोर्ड बंद करना गलत

सारांश

शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने एक साथ कई मोर्चों पर बोलते हुए वक्फ पंजीकरण की समयसीमा बढ़ाने की माँग का समर्थन किया, उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड बंद करने को दोहरी नीति बताया और 31,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन रद्द होने पर गंभीर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

मौलाना यासूब अब्बास ने 1 जुलाई को लखनऊ में वक्फ पंजीकरण की समयसीमा बढ़ाने की माँग का समर्थन किया।
ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली में तकनीकी खामियों के कारण 31,000 से अधिक वक्फ रजिस्ट्रेशन रद्द होने से लोग परेशान हैं।
उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त करने के फैसले को उन्होंने 'दोहरी नीति' करार दिया — मदरसे बंद, शिशु मंदिर जारी।
असदुद्दीन ओवैसी के अयोध्या दान घोटाले पर बयान से असहमति जताई; कहा — राज्य की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप उचित नहीं।
PM नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच टेलीफोन वार्ता का ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने स्वागत किया।

शिया धर्मगुरु एवं ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रमुख मौलाना यासूब अब्बास ने 1 जुलाई को लखनऊ में कई अहम मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समयसीमा बढ़ाने की माँग का पुरज़ोर समर्थन किया और उत्तराखंड सरकार के मदरसा बोर्ड समाप्त करने के फैसले को सिरे से गलत बताया।

वक्फ पंजीकरण: समयसीमा बढ़ाने की माँग

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा सरकार से वक्फ संपत्तियों की पंजीकरण समयसीमा बढ़ाने की माँग पर मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यह माँग पूरी तरह उचित है और ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड भी इसी पक्ष में खड़ा है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली में तकनीकी खामियों के कारण रजिस्ट्रेशन सही तरीके से अपलोड नहीं हो पा रहे हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, यह मामला वक्फ संपत्तियों के अस्तित्व और संरक्षण से सीधे जुड़ा है, इसलिए राज्य सरकार को इस प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय देना चाहिए।

31 हज़ार रजिस्ट्रेशन रद्द: गंभीर आरोप

31,000 से अधिक वक्फ पंजीकरण रद्द किए जाने के मुद्दे पर मौलाना यासूब अब्बास ने कड़ी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी संख्या में लोग कठिनाइयों में पड़ गए हैं और ऐसे कई प्रभावित लोग उनके पास भी पहुँचे हैं। उनके अनुसार, यह एक सुनियोजित योजना प्रतीत होती है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड के कुछ जिम्मेदार लोग प्रतिष्ठित वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण रद्द कर रहे हैं — और आशंका है कि बाद में उन्हें अपने हिसाब से बेचने की कोशिश की जा सकती है। गौरतलब है कि यह आरोप अत्यंत गंभीर है और अभी तक किसी आधिकारिक जाँच की पुष्टि नहीं हुई है।

उत्तराखंड मदरसा बोर्ड: दोहरी नीति का आरोप

उत्तराखंड सरकार द्वारा मदरसा बोर्ड को समाप्त किए जाने के फैसले पर मौलाना यासूब अब्बास ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शिशु मंदिरों में धार्मिक शिक्षा दी जाती है, उसी प्रकार मदरसों में भी धार्मिक शिक्षा दी जाती है। उनका तर्क था कि एक ओर मदरसों को बंद करना और दूसरी ओर शिशु मंदिरों को बढ़ावा देना — यह स्पष्ट दोहरी नीति है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य या देश को दो अलग-अलग नज़रियों से नहीं देखा जाना चाहिए।

अयोध्या दान घोटाला और ओवैसी के बयान पर असहमति

अयोध्या दान घोटाले के मामले में असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर मौलाना यासूब अब्बास ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मुख्यमंत्री स्तर पर और एसआईटी द्वारा मामले की जाँच पहले से चल रही है। उनके अनुसार, बाहरी लोगों को राज्य की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

भारत-ईरान संबंध: प्रधानमंत्री की पहल का स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच हुई टेलीफोन वार्ता का मौलाना यासूब अब्बास ने स्वागत किया। उन्होंने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि भारत और ईरान के संबंध ऐतिहासिक और गहरे रहे हैं, और यह बातचीत द्विपक्षीय रिश्तों को और मज़बूत करने की दिशा में एक अच्छा कदम है। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से इस पहल का औपचारिक स्वागत किया गया है। आने वाले दिनों में दोनों मुद्दों — वक्फ पंजीकरण और मदरसा शिक्षा — पर सरकार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 रजिस्ट्रेशन रद्द होने का आँकड़ा इस तनाव को और गहरा करता है। उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड की समाप्ति और शिशु मंदिरों को मिलती छूट के बीच जो विरोधाभास उन्होंने उठाया है, वह एक वैध संवैधानिक प्रश्न है — लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इसे अक्सर महज़ 'सांप्रदायिक बयानबाज़ी' के रूप में देखती है। ओवैसी के बयान से उनकी असहमति यह भी दर्शाती है कि मुस्लिम नेतृत्व एकमत नहीं है — और यह बारीकियाँ राष्ट्रीय विमर्श में अक्सर गुम हो जाती हैं।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना यासूब अब्बास ने वक्फ पंजीकरण पर क्या कहा?
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समयसीमा बढ़ाने की माँग पूरी तरह उचित है और ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड भी इसी पक्ष में है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्रणाली में तकनीकी खामियों के कारण रजिस्ट्रेशन सही तरीके से अपलोड नहीं हो पा रहे हैं।
उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त करने पर उनका क्या रुख है?
मौलाना यासूब अब्बास ने उत्तराखंड सरकार के मदरसा बोर्ड समाप्त करने के फैसले को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने इसे दोहरी नीति करार दिया — एक ओर मदरसे बंद किए जा रहे हैं और दूसरी ओर शिशु मंदिरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
31,000 से अधिक वक्फ रजिस्ट्रेशन रद्द होने पर क्या आरोप लगाए गए?
मौलाना यासूब अब्बास ने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित योजना प्रतीत होती है, जिसमें वक्फ बोर्ड के कुछ जिम्मेदार लोग प्रतिष्ठित संपत्तियों के पंजीकरण रद्द कर रहे हैं और बाद में उन्हें अपने हिसाब से बेचने की कोशिश हो सकती है। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
मौलाना यासूब अब्बास ने भारत-ईरान संबंधों पर क्या कहा?
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच हुई टेलीफोन वार्ता का स्वागत किया और इसे द्विपक्षीय रिश्तों को मज़बूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस पहल का औपचारिक स्वागत किया है।
ओवैसी के अयोध्या दान घोटाले पर बयान पर उनकी क्या राय है?
मौलाना यासूब अब्बास ने असदुद्दीन ओवैसी के बयान से असहमति जताई और कहा कि ऐसे बयानों की ज़रूरत नहीं है। उनके अनुसार मामले की जाँच पहले से मुख्यमंत्री स्तर और एसआईटी द्वारा हो रही है, और बाहरी लोगों को राज्य की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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