ई-जागृति को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में रजत सम्मान, 2.07 लाख उपभोक्ता मामले निपटाए
सारांश
मुख्य बातें
उपभोक्ता मामले विभाग के ई-जागृति डिजिटल प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में रजत पुरस्कार से नवाज़ा गया है। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा प्रदत्त यह सम्मान 'डिजिटल परिवर्तन हेतु प्रौद्योगिकी के उपयोग द्वारा सरकारी प्रक्रिया पुनर्गठन — श्रेणी-I' के अंतर्गत दिया गया। 7 जून 2026 को सरकार की ओर से इसकी जानकारी साझा की गई।
ई-जागृति क्या है और कैसे काम करता है
जनवरी 2025 में शुरू किया गया ई-जागृति प्लेटफॉर्म चार पुरानी प्रणालियों — OCMS, ई-दाखिल, NCDRC CMS और CONFONET — को एक एकीकृत, AI-सक्षम और पेपरलेस ढाँचे में समेटता है। यह उपभोक्ताओं को भारत या विदेश में कहीं से भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने, मामले की प्रगति रियल-टाइम में ट्रैक करने और उपभोक्ता आयोगों तक शारीरिक रूप से पहुँचे बिना वर्चुअल सुनवाई में भाग लेने की सुविधा देता है।
मुख्य उपलब्धियाँ और आँकड़े
प्रारंभ से अब तक इस प्लेटफॉर्म पर 2.29 लाख से अधिक उपभोक्ता मामले दर्ज हुए हैं और 2.07 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इस प्रकार पोर्टल पर कुल 90.75 प्रतिशत की निपटान दर दर्ज हुई है।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उपभोक्ता आयोगों ने 1,65,456 मामले दर्ज किए और 1,52,707 मामले निपटाए — निपटान दर 92.30 प्रतिशत रही, जो वित्त वर्ष 2024-25 की 89.47 प्रतिशत की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है।
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) में 38,944 दर्ज मामलों में से 34,600 का निपटारा हुआ, जिससे 88.84 प्रतिशत की निपटान दर प्राप्त हुई — यह वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही से अधिक है।
एनआरआई उपभोक्ताओं के लिए विशेष सुविधा
ई-जागृति ने अनिवासी भारतीयों (NRI) को भारत लौटे बिना उपभोक्ता न्याय प्राप्त करने का मार्ग खोला है। पंजीकृत NRI उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़कर 3,312 हो गई है और अब तक कुल 61 NRI मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
पुरस्कार चयन प्रक्रिया और राज्यों का प्रदर्शन
यह सम्मान केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और राज्य सरकारों से प्राप्त 341 नामांकनों की गहन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद प्रदान किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 में NCDRC के अतिरिक्त उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़ (केंद्र शासित प्रदेश), मध्य प्रदेश, पंजाब, मेघालय, राजस्थान, कर्नाटक और अरुणाचल प्रदेश उन राज्यों में शामिल रहे जहाँ निपटान दर 100 प्रतिशत से अधिक रही।
यह पुरस्कार ऐसे समय में मिला है जब डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं की पहुँच और दक्षता को लेकर नागरिकों की अपेक्षाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। आने वाले समय में इस प्लेटफॉर्म के और विस्तार और अधिक राज्यों में उच्च निपटान दर हासिल करने की संभावना है।