सेंसेक्स 499 अंक टूटकर 75,991 पर; वैश्विक दबाव और ट्रंप टैरिफ से बाजार लाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 24 जुलाई को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारी दबाव में खुला। सुबह 9:24 बजे IST पर BSE सेंसेक्स 499 अंक (0.65%) की गिरावट के साथ 75,991 पर और NSE निफ्टी 149 अंक (0.66%) लुढ़ककर 23,725 पर कारोबार कर रहा था। यह गिरावट अमेरिकी बाजारों की बड़ी कमजोरी और ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ ऐलान के सीधे असर में आई।
मुख्य घटनाक्रम
शुरुआती कारोबार में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक 1% से अधिक की गिरावट के साथ सबसे बड़े लूजर रहे। इनके अलावा निफ्टी ऑटो, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस और निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग भी लाल निशान में थे। एकमात्र राहत निफ्टी आईटी से मिली, जो हरे निशान में बना रहा।
व्यापक बाजार में भी बिकवाली का दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 451 अंक (0.73%) गिरकर 61,233 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 164 अंक (0.87%) की कमजोरी के साथ 18,771 पर आ गया।
कौन से शेयर चढ़े, कौन से गिरे
सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और टीसीएस हरे निशान में रहे। दूसरी ओर इटरनल, इंडिगो, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, एमएंडएम, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व और एसबीआई लाल निशान में थे।
गिरावट की वजह: ट्रंप टैरिफ और मध्य पूर्व तनाव
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे दो प्रमुख कारण हैं — मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और ट्रंप प्रशासन द्वारा 60 व्यापारिक साझेदार देशों से आयातित सामान पर 10% और 12.5% के नए टैरिफ का ऐलान। ट्रंप प्रशासन के अनुसार, यह कदम इन देशों द्वारा जबरन मजदूरी पर लगी रोक को ठीक से लागू न करने के आरोपों के चलते उठाया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव पहले से ही निवेशकों की धारणा को कमजोर कर रहे हैं। गौरतलब है कि अमेरिकी टैरिफ नीति में बार-बार बदलाव ने उभरते बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है।
वैश्विक बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में भी भारी बिकवाली देखी गई। टोक्यो, हांगकांग, शंघाई, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में तीखी गिरावट आई थी — डाओ जोन्स 0.97% और टेक्नोलॉजी इंडेक्स 2.15% की कमजोरी के साथ बंद हुआ था।
आगे क्या
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक टैरिफ अनिश्चितता और मध्य पूर्व तनाव का समाधान नहीं होता, तब तक बाजार में दबाव बना रह सकता है। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी नीति के अगले संकेतों और घरेलू तिमाही नतीजों पर रहेगी।