10 अगस्त 2026
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एमओएसपीआई और जीआरएएएम के बीच एसओआई पर हस्ताक्षर, एम्बार्क इंडिया फेलोशिप के तहत नियुक्त होंगे दो फेलो

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एमओएसपीआई और जीआरएएएम के बीच एसओआई पर हस्ताक्षर, एम्बार्क इंडिया फेलोशिप के तहत नियुक्त होंगे दो फेलो

सारांश

एमओएसपीआई और जीआरएएएम के बीच हुई यह साझेदारी 'विकसित भारत 2047' के विजन को ज़मीन पर उतारने की कोशिश है — जहाँ शोध-आधारित युवा सीधे नीति-निर्माण की प्रक्रिया में शामिल होंगे। 18 महीने की फेलोशिप और ₹65,000 मासिक स्टाइपेंड के साथ यह कार्यक्रम सरकार-नागरिक समाज सहयोग का नया मॉडल पेश करता है।

मुख्य बातें

एमओएसपीआई और जीआरएएएम ने 25 जून 2026 को एसओआई पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत दो फेलो नियुक्त किए जाएंगे।
फेलोशिप की अवधि 18 महीने होगी, जिसमें 6 महीने की संस्थागत नियुक्ति (प्लेसमेंट) शामिल है।
चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह ₹65,000 तक का स्टाइपेंड मिलेगा।
फेलो सार्वजनिक वित्त , आर्थिक विकास , जन स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन क्षेत्रों में काम करेंगे।
यह कार्यक्रम 'विकसित भारत 2047' के विजन के अनुरूप जीआरएएएम द्वारा संचालित ईआईडीएफ का हिस्सा है।
हस्ताक्षर समारोह में पी.आर.
मेश्राम , बसवराजु आर.
श्रेष्ठा और प्रसून वर्मा उपस्थित रहे।

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने 25 जून 2026 को ग्रासरूट्स रिसर्च एंड एडवोकेसी मूवमेंट (जीआरएएएम) के साथ एक स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (एसओआई) पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत एम्बार्क इंडिया डेवलपमेंट फेलोशिप (ईआईडीएफ) प्रस्ताव के अंतर्गत दो फेलो की नियुक्ति की जाएगी। यह साझेदारी युवा शोधकर्ताओं और नीति विशेषज्ञों को सीधे मंत्रालय के कार्यों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

साझेदारी का उद्देश्य

आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पहल का प्रमुख लक्ष्य फेलो की शोध क्षमता और विशेषज्ञता को एमओएसपीआई के नीतिगत कार्यों में शामिल करना है। साथ ही, इन फेलो को सार्वजनिक नीति और प्रशासन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना भी इस कार्यक्रम का अहम हिस्सा है। यह मंच शोध-आधारित और प्रेरित युवाओं को सीधे केंद्रीय मंत्रालय के साथ काम करने का अवसर देगा।

फेलोशिप की संरचना और कार्यक्षेत्र

एम्बार्क इंडिया डेवलपमेंट फेलोशिप कुल 18 महीनों की होगी, जिसमें 6 महीने की संस्थागत नियुक्ति (प्लेसमेंट) शामिल है। इस दौरान फेलो चल रही और नई परियोजनाओं में सहयोग करेंगे तथा नवाचारपूर्ण, शोध-आधारित नीतिगत समाधान विकसित करने में योगदान देंगे।

फेलो सार्वजनिक वित्त, आर्थिक विकास, जन स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य करेंगे। उन्हें राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन, फील्ड अनुभव और जमीनी स्तर पर डेटा एवं नीति संबंधी शोध का अवसर भी मिलेगा।

स्टाइपेंड और अन्य लाभ

इस फेलोशिप के तहत चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह ₹65,000 तक का स्टाइपेंड मिलेगा। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को प्रमाण-आधारित नीतिगत समाधान तैयार करने की प्रक्रिया में सीधी भागीदारी का अवसर भी दिया जाएगा, जो उनके करियर निर्माण की दृष्टि से अत्यंत मूल्यवान है।

विकसित भारत 2047 से जुड़ाव

ईआईडीएफ को जीआरएएएम ने 'विकसित भारत 2047' के विजन के अनुरूप तैयार किया है। यह राष्ट्रीय नेतृत्व और क्षमता निर्माण कार्यक्रम युवा पेशेवरों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को सरकारी संस्थानों एवं विकास एजेंसियों से जोड़ने का काम करता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब सरकार नीति-निर्माण में युवा प्रतिभाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है।

हस्ताक्षर समारोह में उपस्थित अधिकारी

एसओआई हस्ताक्षर समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें एमओएसपीआई के महानिदेशक (डेटा गवर्नेस) पी.आर. मेश्राम, जीआरएएएम के कार्यकारी निदेशक बसवराजु आर. श्रेष्ठा और एमओएसपीआई के क्षमता विकास प्रभाग की प्रशिक्षण इकाई के निदेशक प्रसून वर्मा शामिल थे। इस साझेदारी से भविष्य में सरकार और नागरिक समाज संगठनों के बीच और अधिक सहयोगी पहलों की उम्मीद जगी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी। मात्र दो फेलो की नियुक्ति एक सीमित शुरुआत है; यह देखना होगा कि इन फेलो के शोध-आधारित सुझाव वास्तव में नीति-निर्माण को प्रभावित करते हैं या केवल कागज़ी रिपोर्टों तक सिमट जाते हैं। 'विकसित भारत 2047' के व्यापक लक्ष्यों को देखते हुए, इस मॉडल को बड़े पैमाने पर दोहराने की क्षमता ही इसकी सफलता का असली पैमाना होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमओएसपीआई और जीआरएएएम के बीच हुई साझेदारी क्या है?
सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने 25 जून 2026 को ग्रासरूट्स रिसर्च एंड एडवोकेसी मूवमेंट (जीआरएएएम) के साथ एक स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (एसओआई) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत एम्बार्क इंडिया डेवलपमेंट फेलोशिप (ईआईडीएफ) प्रस्ताव के अंतर्गत दो फेलो को मंत्रालय में नियुक्त किया जाएगा।
एम्बार्क इंडिया डेवलपमेंट फेलोशिप (ईआईडीएफ) क्या है?
ईआईडीएफ जीआरएएएम द्वारा 'विकसित भारत 2047' के विजन के अनुरूप शुरू किया गया एक राष्ट्रीय नेतृत्व और क्षमता निर्माण कार्यक्रम है। यह युवा पेशेवरों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को सरकारी संस्थानों के साथ सीधे जोड़ता है ताकि वे नीति और प्रशासन की चुनौतियों पर काम कर सकें।
इस फेलोशिप की अवधि और स्टाइपेंड कितना है?
फेलोशिप की कुल अवधि 18 महीने है, जिसमें 6 महीने की संस्थागत नियुक्ति (प्लेसमेंट) शामिल है। चयनित फेलो को प्रति माह ₹65,000 तक का स्टाइपेंड मिलेगा।
फेलो किन क्षेत्रों में काम करेंगे?
फेलो सार्वजनिक वित्त, आर्थिक विकास, जन स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य करेंगे। वे चल रही और नई परियोजनाओं में सहयोग करते हुए शोध-आधारित और प्रमाण-आधारित नीतिगत समाधान तैयार करने में भागीदारी करेंगे।
इस साझेदारी से युवा पेशेवरों को क्या फायदा होगा?
इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को सार्वजनिक नीति और प्रशासन का सीधा व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। साथ ही राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन, फील्ड अनुभव और जमीनी स्तर पर डेटा एवं नीति संबंधी शोध का अवसर भी प्राप्त होगा, जो उनके करियर के लिए अत्यंत मूल्यवान है।
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