सेंसेक्स 267 अंक टूटकर 78,686 पर खुला, फाइनेंशियल स्टॉक्स पर बिकवाली का दबाव
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स शुक्रवार, 7 अगस्त को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच 267 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,686 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 34 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,603 पर था। सुबह 9 बजकर 28 मिनट पर दर्ज इन आंकड़ों के अनुसार फाइनेंशियल सेक्टर पर सबसे अधिक दबाव देखा गया।
कौन से सूचकांक लाल, कौन से हरे
शुरुआती कारोबार में निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे अधिक नुकसान में रहा। निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑयल एंड गैस लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
दूसरी तरफ निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी फार्मा और निफ्टी इन्फ्रा हरे निशान में बने रहे।
प्रमुख शेयरों का हाल
सेंसेक्स पैक में टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, एमएंडएम, एनटीपीसी, बीईएल, सन फार्मा, एसबीआई, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाइटन और आईटीसी बढ़त में रहे।
वहीं बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, इटरनल और अल्ट्राटेक सीमेंट गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिला-जुला रुख
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 122 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की मजबूती के साथ 63,446 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 38 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,839 पर कारोबार कर रहा था। इस तरह व्यापक बाजार में कोई एकतरफा रुख नहीं दिखा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाजार जानकारों के अनुसार, 'मार्केट में स्थिरता आ रही है और यह धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ रहा है। निकट भविष्य में यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है, जिससे आगे ब्रेकआउट आ सकता है।' उन्होंने पहली तिमाही के नतीजों के तीन अहम पहलू रेखांकित किए — पहला, फाइनेंशियल, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स और टेलीकॉम क्षेत्र की अधिकतर कंपनियों ने आय और मुनाफे में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की; दूसरा, आईटी सेक्टर धीमी वृद्धि और एआई के असर को लेकर चिंताओं से जूझ रहा है; तीसरा, मेटल्स और ऑयल जैसी कमोडिटीज में मिली-जुली स्थिति बनी हुई है।
वैश्विक बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार देखा गया। टोक्यो, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे, जबकि शंघाई, हांगकांग और जकार्ता हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी दबाव में रहे — डाओ जोन्स 0.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक 0.06 प्रतिशत की मामूली कमजोरी के साथ लगभग सपाट रहा। यह वैश्विक दबाव भारतीय बाजार की धारणा पर असर डाल रहा है। आने वाले सत्रों में घरेलू और वैश्विक संकेतों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।