क्या फल और भोजन को एक साथ खाना उचित है? आयुर्वेद का दृष्टिकोण
सारांश
Key Takeaways
- फल और भोजन का संयोजन सही नहीं है।
- आयुर्वेद के अनुसार, दोनों का अलग-अलग सेवन करना बेहतर है।
- सुबह खाली पेट फल खाना अच्छा होता है, पर खट्टे फल न खाएं।
- फल का सेवन शाम को सूरज ढलने से पहले करना चाहिए।
- फल और दूध/dahi का संयोजन से बचें।
नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भोजन और फल दोनों ही हमारे शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। आजकल की बदलती जीवनशैली में शादियों, पार्टियों और रेस्टोरेंट्स में खाने के साथ फल परोसना एक सामान्य बात हो गई है। बच्चे और बड़े सभी लोग बिना सोचे-समझे भोजन के साथ फल खा लेते हैं, जबकि आयुर्वेद इसे सही नहीं मानता।
शादी समारोहों से लेकर रेस्टोरेंट्स में फल हमेशा परोसे जाते हैं, और बच्चे हों या बुजुर्ग, कोई भी भोजन के साथ फल खाने से परहेज नहीं करता। लेकिन क्या वास्तव में भोजन और फल को एक साथ खाना सही है? होटल या किसी समारोह में परोसे गए फल ठंडे होते हैं और कई बार ये स्टोरेज से निकाले जाते हैं। ऐसे फल हमारी पाचन अग्नि को मंद कर देते हैं, जिससे खाना पेट में सड़ने लगता है।
आयुर्वेद के अनुसार, पका हुआ भोजन जैसे दाल, रोटी, चावल आदि को पचने में अधिक समय लगता है, जबकि फल मुलायम और विभिन्न तासीर के होते हैं और इन्हें पचाने में कम समय लगता है। इस स्थिति में दोनों अलग-अलग प्रकार के आहार पचने के बजाय सड़ने लगते हैं और शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता। इससे गैस, कब्ज, भारीपन, अम्लता और शरीर में विषाक्त पदार्थों का जमाव बढ़ जाता है, जिससे शरीर रोगों से ग्रस्त हो सकता है।
फल और भोजन का सही पोषण तभी संभव है जब इन्हें अलग-अलग समय पर खाया जाए। फल और भोजन दोनों ही विशुद्ध आहार होते हैं। इसलिए इन्हें अलग-अलग खाना ही बेहतर होता है। आयुर्वेद भोजन को केवल स्वाद नहीं, बल्कि एक विज्ञान मानता है, जिसमें समय, मात्रा और संयोजन का समान महत्व है।
फल खाने का उत्तम समय सुबह और शाम होता है। आप सुबह खाली पेट फल भी खा सकते हैं, लेकिन सुबह के समय खट्टे फल खाने से बचें, क्योंकि ये गैस और जलन को बढ़ा सकते हैं।
शाम के समय सूरज ढलने से पहले भी फल खा सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि फल को दूध या दही के साथ न खाएं। आयुर्वेद इसे विरुद्ध आहार मानता है और फलों को खाने के बाद लगभग 1 घंटे तक भोजन नहीं करना चाहिए। फलों के पच जाने के बाद ही भोजन करना उचित होता है।