एयर इंडिया फ्लाइट 182 की 41वीं बरसी: मार्क कार्नी ने 329 पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि, सतर्कता का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 23 जून 2025 को एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम धमाके की 41वीं बरसी पर 329 निर्दोष पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि इस त्रासदी की विरासत केवल स्मरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए — बल्कि यह हर पल सतर्क रहने की माँग करती है। ओटावा से जारी आधिकारिक बयान में कार्नी ने इसे कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला करार दिया।
हमले का इतिहास और त्रासदी का पैमाना
23 जून 1985 को एयर इंडिया फ्लाइट 182 — जिसे 'कनिष्क' के नाम से भी जाना जाता है — मॉन्ट्रियल से मुंबई के लिए रवाना हुई थी। विमान का मार्ग लंदन और दिल्ली होते हुए था। अटलांटिक महासागर के ऊपर उड़ान के दौरान कार्गो होल्ड में रखे बम में विस्फोट हो गया, जिससे विमान हवा में ही नष्ट हो गया। इस हमले में 329 लोगों की जान गई, जिनमें 268 कनाडाई नागरिक शामिल थे। यह आज भी कनाडा के इतिहास का सबसे बड़ा एकल आतंकी हमला है।
कार्नी का बयान: स्मृति से आगे सतर्कता
कार्नी ने अपने बयान में कहा, "आज से 41 साल पहले एयर इंडिया फ्लाइट 182 में हुए बम धमाके में 329 बेगुनाह लोगों की जान गई थी, जिनमें 268 कनाडाई नागरिक थे। यह कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला है।" उन्होंने आगे कहा, "एयर इंडिया फ्लाइट 182 की विरासत हमसे सिर्फ इसे याद रखने की नहीं, बल्कि हमेशा सतर्क रहने की भी माँग करती है।"
आतंकवाद के पीड़ितों की राष्ट्रीय स्मृति दिवस पर कार्नी ने कहा कि कनाडा सरकार हर तरह की हिंसक कट्टरता का सामना कर रही है और उसकी कड़ी निंदा करती है। उन्होंने बताया कि इसके लिए नए कानून लाए जा रहे हैं, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थाओं को मज़बूत किया जा सके और आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक व अन्य मदद के नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
सरकार की प्रतिक्रिया और नई पहलें
कार्नी ने स्पष्ट किया कि सरकार समुदाय स्तर पर काम करने वाले कार्यक्रमों का समर्थन कर रही है और सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे बेहतर साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिनसे वे आतंकी गतिविधियों का समय रहते पता लगा सकें, उन्हें रोक सकें और नाकाम बना सकें। उन्होंने कहा, "सरकार की सबसे पहली जिम्मेदारी कनाडाई लोगों की सुरक्षा करना है और यह हमेशा हमारा मिशन और हमारी प्राथमिकता रहेगी।"
भारत की ओर से जयशंकर की श्रद्धांजलि
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस बरसी पर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। मंगोलिया की दो दिवसीय यात्रा पर गए जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "आज एयर इंडिया 182 'कनिष्क' बम धमाके की 41वीं बरसी पर हम उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने इस भयावह आतंकी घटना में अपनी अनमोल जान गंवाई। हम आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप के खिलाफ लड़ाई के अपने संकल्प को फिर से दोहराते हैं।" यह बयान इस घटना के प्रति भारत-कनाडा की साझा संवेदनशीलता को रेखांकित करता है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब कनाडा में आतंकवाद-विरोधी कानूनी ढाँचे को और सुदृढ़ करने की बात चल रही है। गौरतलब है कि फ्लाइट 182 हमले को लेकर कनाडा में दशकों तक जाँच और कानूनी प्रक्रियाएँ चलती रहीं। इस बरसी पर दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की श्रद्धांजलि यह संकेत देती है कि यह त्रासदी अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी एजेंडे में अभी भी केंद्रीय स्थान रखती है।