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गुरुकुल डिप्लोमेसी: राजदूत शंभू कुमारन ने वियना के स्कूल में सुनाईं पंचतंत्र की कहानियां

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गुरुकुल डिप्लोमेसी: राजदूत शंभू कुमारन ने वियना के स्कूल में सुनाईं पंचतंत्र की कहानियां

सारांश

वियना के एक स्कूल में भारतीय राजदूत शंभू कुमारन ने 50 से अधिक बच्चों को पंचतंत्र की कहानियां सुनाईं — यह 'गुरुकुल डिप्लोमेसी' का पहला बड़ा कदम है। जर्मन भाषा में प्रकाशित पंचतंत्र और ऑस्ट्रियाई पॉडकास्टर थॉमस ब्रेजिना की आवाज़ में डिजिटल श्रृंखला के साथ भारत ने यूरोप में सॉफ्ट पावर का नया अध्याय लिखा।

मुख्य बातें

ऑस्ट्रिया में भारत के राजदूत शंभू कुमारन ने वियना के एक स्कूल में 50 से अधिक बच्चों को पंचतंत्र की कहानियां सुनाईं।
भारतीय दूतावास ने ऑस्ट्रियाई छात्रों के लिए पंचतंत्र का जर्मन भाषा संस्करण प्रकाशित किया है।
'स्टोरीज फ्रॉम द पंचतंत्र' नाम की वीडियो पॉडकास्ट श्रृंखला में ऑस्ट्रियाई पॉडकास्टर थॉमस ब्रेजिना जर्मन में कहानियां सुनाएंगे।
यह पहल वियना सिटी की 'बाउंस बैक' परियोजना के साथ सहयोग का विस्तार है।
'गुरुकुल डिप्लोमेसी' का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से भारत-ऑस्ट्रिया के बच्चों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत करना है।

वियना स्थित भारतीय दूतावास ने 2 जुलाई 2026 को एक अनूठी सांस्कृतिक पहल के तहत ऑस्ट्रिया के स्कूली बच्चों को प्राचीन भारतीय नीति-ग्रंथ पंचतंत्र से परिचित कराया। ऑस्ट्रिया में भारत के राजदूत शंभू कुमारन ने वियना के एक स्कूल में 50 से अधिक विद्यार्थियों को 'रंगा सियार', 'मूर्ख शेर और चालाक खरगोश' तथा 'प्यासा कौवा' जैसी कालजयी कहानियां पढ़कर सुनाईं। इस पहल को 'गुरुकुल डिप्लोमेसी' नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को यूरोपीय पीढ़ी तक पहुंचाना है।

पहल का स्वरूप और उद्देश्य

भारतीय दूतावास ने हाल ही में ऑस्ट्रियाई छात्रों के लिए पंचतंत्र का जर्मन भाषा संस्करण प्रकाशित किया है। इसी पुस्तक के माध्यम से राजदूत कुमारन ने बच्चों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया और कहानियों में निहित नैतिक संदेशों पर चर्चा की। दूतावास ने इस कार्यक्रम की झलकियां और विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाओं का वीडियो सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किया।

दूतावास ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'गुरुकुल डिप्लोमेसी के तहत भारतीय राजदूत शंभू कुमारन ने वियना में स्कूली बच्चों को पंचतंत्र की कहानियां सुनाईं। भारतीय दूतावास ने हाल ही में ऑस्ट्रियाई छात्रों के लिए पंचतंत्र का जर्मन भाषा संस्करण प्रकाशित किया है।'

वीडियो पॉडकास्ट श्रृंखला: 'स्टोरीज फ्रॉम द पंचतंत्र'

इस पहल के अंतर्गत 'स्टोरीज फ्रॉम द पंचतंत्र' शीर्षक से एक वीडियो पॉडकास्ट श्रृंखला भी शुरू की गई है। इसमें प्रसिद्ध ऑस्ट्रियाई पॉडकास्टर थॉमस ब्रेजिना जर्मन भाषा में पंचतंत्र की कहानियों का रोचक अंदाज में वर्णन करेंगे। यह श्रृंखला ऑस्ट्रियाई बच्चों को भारतीय साहित्य, लोककथाओं और जीवन-मूल्यों से डिजिटल माध्यम से जोड़ने का प्रयास है।

गौरतलब है कि यह पहल वियना सिटी और स्थानीय स्कूलों में चल रही 'बाउंस बैक' परियोजना के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी सॉफ्ट पावर को वैश्विक स्तर पर व्यवस्थित रूप से विस्तार दे रहा है।

बच्चों की प्रतिक्रिया

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कहानियों को उत्साह के साथ सुना और भारतीय लोककथाओं में गहरी रुचि दिखाई। वीडियो में कई छात्र पंचतंत्र के पात्रों और उनसे मिली सीख के बारे में अपने विचार साझा करते नजर आए। बच्चों ने अपनी पसंदीदा कहानियों पर खुलकर चर्चा की और कहानियों के नैतिक संदेशों को अपने जीवन से जोड़ा।

पंचतंत्र: विश्व साहित्य की अमूल्य धरोहर

पंडित विष्णु शर्मा द्वारा रचित पंचतंत्र भारतीय साहित्य की सबसे प्राचीन और लोकप्रिय नीति-कथाओं में से एक मानी जाती है। इसकी कहानियां मुख्यतः पशु-पक्षियों के पात्रों के माध्यम से नैतिक शिक्षा, बुद्धिमत्ता, नेतृत्व, मित्रता और व्यावहारिक जीवन के महत्वपूर्ण संदेश देती हैं। इन कथाओं का दुनिया की अनेक भाषाओं में अनुवाद हो चुका है और इन्हें विश्व साहित्य की अमूल्य धरोहर माना जाता है।

भारतीय दूतावास के अनुसार, यह पहल केवल साहित्यिक परिचय तक सीमित नहीं है — इसका व्यापक लक्ष्य कहानी कहने की डिजिटल शैली के माध्यम से दोनों देशों के बच्चों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करना है। आने वाले समय में इस श्रृंखला के और अधिक विद्यालयों तक विस्तार की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि एकतरफा प्रचार की शैली में। असली परीक्षा यह होगी कि यह पहल कुछ स्कूलों तक सीमित रहती है या ऑस्ट्रिया के व्यापक पाठ्यक्रम में जगह बनाती है। यदि 'बाउंस बैक' जैसी स्थापित परियोजनाओं के साथ यह सहयोग टिकाऊ साबित होता है, तो यह भारत की यूरोपीय सॉफ्ट पावर रणनीति का एक मॉडल बन सकता है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरुकुल डिप्लोमेसी क्या है?
'गुरुकुल डिप्लोमेसी' वियना स्थित भारतीय दूतावास की एक सांस्कृतिक पहल है, जिसके तहत भारतीय साहित्य, नैतिक मूल्यों और लोककथाओं को ऑस्ट्रियाई बच्चों तक पहुंचाया जा रहा है। इस पहल के पहले चरण में पंचतंत्र का जर्मन अनुवाद प्रकाशित किया गया और राजदूत ने स्वयं स्कूल जाकर बच्चों को कहानियां सुनाईं।
राजदूत शंभू कुमारन ने वियना में क्या किया?
ऑस्ट्रिया में भारत के राजदूत शंभू कुमारन ने वियना के एक स्कूल में 50 से अधिक विद्यार्थियों को पंचतंत्र की कहानियां पढ़कर सुनाईं और उनके साथ संवाद किया। यह कार्यक्रम 'गुरुकुल डिप्लोमेसी' पहल के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित किया गया।
पंचतंत्र का जर्मन संस्करण क्यों प्रकाशित किया गया?
भारतीय दूतावास ने ऑस्ट्रियाई स्कूली बच्चों को भारतीय साहित्य और नैतिक मूल्यों से परिचित कराने के लिए पंचतंत्र का जर्मन भाषा संस्करण प्रकाशित किया। इसका उद्देश्य भाषाई बाधा दूर कर भारतीय लोककथाओं को स्थानीय बच्चों तक सुलभ बनाना है।
'स्टोरीज फ्रॉम द पंचतंत्र' पॉडकास्ट श्रृंखला क्या है?
यह एक वीडियो पॉडकास्ट श्रृंखला है जिसमें प्रसिद्ध ऑस्ट्रियाई पॉडकास्टर थॉमस ब्रेजिना जर्मन भाषा में पंचतंत्र की कहानियों का रोचक अंदाज में वर्णन करेंगे। इसका उद्देश्य ऑस्ट्रियाई बच्चों को डिजिटल माध्यम से भारतीय साहित्य और लोककथाओं से जोड़ना है।
पंचतंत्र की कहानियां किसने लिखी हैं और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?
पंचतंत्र की रचना पंडित विष्णु शर्मा ने की थी और यह भारतीय साहित्य की सबसे प्राचीन नीति-कथाओं में से एक है। इसकी कहानियां पशु-पक्षियों के पात्रों के माध्यम से नैतिक शिक्षा, बुद्धिमत्ता और व्यावहारिक जीवन के संदेश देती हैं, और इनका दुनिया की अनेक भाषाओं में अनुवाद हो चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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