रियाद में 'डेजर्ट हार्मनी' कॉन्सर्ट: उस्ताद शुजात हुसैन खान की सितार से गूंजी भारत-सऊदी दोस्ती
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय दूतावास, रियाद ने रियाद के लिए रॉयल कमीशन, सऊदी अरब (RCRCSA) के सहयोग से 7 जून 2026 को डिप्लोमैटिक क्वार्टर स्थित कल्चरल पैलेस में भारतीय शास्त्रीय संगीत कॉन्सर्ट 'डेजर्ट हार्मनी – सितार मेलोडीज' का आयोजन किया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सितार वादक उस्ताद शुजात हुसैन खान की मनमोहक प्रस्तुति ने सऊदी अधिकारियों, राजनयिकों, भारतीय समुदाय के सदस्यों और संगीत प्रेमियों को एकसाथ एक मंच पर लाकर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु को और मज़बूत किया।
कार्यक्रम का विवरण
यह संगीत संध्या शुक्रवार को रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर के कल्चरल पैलेस में आयोजित हुई। भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'रियाद में एक यादगार सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। भारतीय दूतावास द्वारा प्रस्तुत 'डेजर्ट हार्मनी – सितार मेलोडीज' कार्यक्रम ने सऊदी सरकारी अधिकारियों, राजनयिकों, भारतीय समुदाय के सदस्यों और संगीत प्रेमियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की मधुरता और आत्मीयता से रूबरू कराया।'
इस हफ्ते की शुरुआत में, सऊदी अरब और यमन में भारत के राजदूत डॉ. सुहेल खान ने उस्ताद शुजात हुसैन खान का रियाद में गर्मजोशी से स्वागत किया था। दूतावास के अनुसार, राजदूत ने इस अवसर को संगीत और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण बताया।
भारत-सऊदी सांस्कृतिक संबंध
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भारत और सऊदी अरब ने सांस्कृतिक सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, 'इस MoU का उद्देश्य कला, विरासत, संगीत और साहित्य जैसे विविध सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग को प्रोत्साहित कर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करना है। इसका ध्यान सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने, नियामक एवं नीतिगत अनुभव साझा करने तथा त्योहारों व आयोजनों में भागीदारी सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।'
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और सऊदी अरब के बीच राजनयिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। 'डेजर्ट हार्मनी' जैसे आयोजन इस द्विपक्षीय संबंध को जन-स्तर पर मज़बूत करने की कोशिश का हिस्सा हैं।
उस्ताद शुजात हुसैन खान: एक परिचय
उस्ताद शुजात हुसैन खान विश्वविख्यात सितार वादक हैं, जो भारतीय शास्त्रीय संगीत के इतिहास में अपनी विशिष्ट शैली के लिए जाने जाते हैं। उनकी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति ने भारतीय संगीत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। रियाद में उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने भरपूर सराहा।
आगे की राह
भारतीय दूतावास के अनुसार, इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन दोनों देशों के बीच 'लोगों से लोगों के संपर्क' को बढ़ावा देने की व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं। सांस्कृतिक MoU के ढाँचे के तहत आने वाले समय में और अधिक संयुक्त आयोजनों की संभावना है, जो दोनों देशों के बीच मैत्री को और गहरा करेंगे।