होर्मुज स्ट्रेट के पास केश्म द्वीप पर धमाके, ईरानी सशस्त्र बलों की 'शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों' से भिड़ंत
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के होर्मोजगान प्रांत के दक्षिणी केश्म द्वीप पर 7 अगस्त की रात करीब रात 9:40 बजे (स्थानीय समय) दो धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रवेश द्वार पर ईरानी सशस्त्र बलों की 'शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों' से सीधी भिड़ंत के कारण ये धमाके हुए।
मुख्य घटनाक्रम
तस्नीम के अनुसार, ईरानी नौसेना को इस संघर्ष में मिली कामयाबियों की आधिकारिक घोषणा आने वाले घंटों में किए जाने की बात कही गई। हालाँकि, होर्मोजगान के राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक मामलों के उप-राज्यपाल अहमद नफीसी ने स्पष्ट किया कि केश्म द्वीप और प्रांतीय राजधानी बंदर अब्बास पर किसी हमले या अन्य घटना की कोई पुष्ट सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारी धमाकों के वास्तविक कारण की जाँच में जुटे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट को फिर खोलने की कोशिश
इसी बीच, सऊदी के अल हदथ और अल अरबिया न्यूज चैनलों ने उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 60 दिनों के लिए पुनः खोलने के समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है। रिपोर्टों के अनुसार, इस समझौते को अभी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की मंजूरी मिलनी बाकी है और कुछ ही दिनों में इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत स्ट्रेट में प्रवेश करने वाले जहाज ईरान के पास वाले मार्ग का उपयोग करेंगे, जबकि बाहर निकलने वाले जहाज ओमान की ओर के मार्ग से गुजरेंगे। सूत्रों ने यह भी बताया कि कोई ट्रांजिट शुल्क या सेवा शुल्क नहीं लगाया जाएगा और क्षेत्र की संबंधित पक्ष माइन हटाने तथा तकनीकी प्रक्रियाओं में भाग ले सकेंगी।
अमेरिका-ईरान वार्ता की पृष्ठभूमि
रिपोर्टों के अनुसार, समझौते को मंजूरी मिलने के बाद अमेरिका और ईरान अपने शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर वापस लौटेंगे और स्ट्रेट के जरिए वाणिज्यिक शिपिंग को फिर से शुरू करने से जुड़े पैराग्राफ 5 को सक्रिय करेंगे। सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष संपर्क बना हुआ है और यह बातचीत अंतिम चरण में पहुँच गई है।
संकट की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि ईरान ने 28 फरवरी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली थी — यह कदम ईरानी क्षेत्र पर इज़राइल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद उठाया गया था, जिसके बाद ईरान ने उनसे जुड़े जहाजों के सुरक्षित मार्ग पर रोक लगा दी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे व्यस्त तेल पारगमन मार्गों में से एक है और इसके बंद रहने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा असर पड़ा है।
आगे की स्थिति
केश्म द्वीप पर धमाकों का कारण अभी आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं हुआ है। एक ओर जहाँ ईरानी नौसेना की कार्रवाई की खबर है, वहीं दूसरी ओर होर्मुज को पुनः खोलने की कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं — यह दोहरी स्थिति क्षेत्रीय तनाव की जटिलता को उजागर करती है।