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वेनेजुएला में मृत भारतीय नाविक राकेश चौहान के शव से गायब मिले सभी अंग, परिवार ने माँगी जाँच

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वेनेजुएला में मृत भारतीय नाविक राकेश चौहान के शव से गायब मिले सभी अंग, परिवार ने माँगी जाँच

सारांश

वेनेजुएला में मई 2026 में मृत भारतीय नाविक राकेश चौहान का शव जब देवरिया पहुँचा, तो री-ऑटोप्सी में दिमाग, दिल, फेफड़े सहित सभी आंतरिक अंग गायब मिले। न कोई आधिकारिक रिपोर्ट, न मौत की वजह — सिर्फ 43 टाँके और अनगिनत सवाल।

मुख्य बातें

राकेश चौहान (33 वर्ष, देवरिया, उत्तर प्रदेश) की मई 2026 में वेनेजुएला में मौत हुई; शव 4 जून 2026 को परिवार को सौंपा गया।
देवरिया में जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई री-ऑटोप्सी में दिमाग, दिल, दोनों फेफड़े, लिवर, किडनी सहित सभी आंतरिक अंग गायब पाए गए।
शव पर गर्दन से प्यूबिक सिम्फिसिस तक 22 टाँके और कान से कान तक 21 टाँके लगे थे; शव 7 मई से 5 जून 2026 तक डीप फ्रीज में रखा गया था।
FSUI ने वेनेजुएला में भारतीय दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप और पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की माँग की है।
शिपिंग कंपनी और वेनेजुएला के अधिकारियों ने परिवार को अब तक कोई आधिकारिक दस्तावेज़ नहीं दिया।

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के 33 वर्षीय भारतीय नाविक राकेश चौहान की मई 2026 में वेनेजुएला में मौत के बाद जब उनका शव भारत लाया गया और दोबारा पोस्टमार्टम किया गया, तो एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया — उनके शरीर के लगभग सभी आंतरिक अंग गायब पाए गए। परिवार के दावों और फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) की माँग के बाद यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

मौत की परिस्थितियाँ और शव की वापसी

परिवार के अनुसार, राकेश चौहान नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी के एक जहाज पर क्रू मेंबर के रूप में वेनेजुएला गए थे। शिपिंग कंपनी ने शुरू में परिवार को फोन पर बताया कि जहाज पर गिरने से चौहान घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। अगली सुबह कंपनी ने कहा कि उनके बचने की संभावना केवल 5 प्रतिशत है, और उसी शाम मौत की पुष्टि कर दी गई।

परिवार का आरोप है कि कंपनी ने शव एक सप्ताह में लौटाने का वादा किया था, लेकिन राकेश का पार्थिव शरीर उन्हें 4 जून 2026 को — यानी मौत के लगभग एक महीने बाद — सौंपा गया। शव के साथ न तो वेनेजुएला की कोई आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट थी, न ही मौत का कारण स्पष्ट करने वाला कोई दस्तावेज़।

री-ऑटोप्सी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

देवरिया में डॉक्टरों की एक टीम ने पहले शव की बाहरी जाँच की, लेकिन यह देखते हुए कि पोस्टमार्टम पहले ही किया जा चुका प्रतीत होता है, उन्होंने दोबारा जाँच के लिए आधिकारिक आदेश की माँग की। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई री-ऑटोप्सी में डॉक्टरों ने पाया कि शरीर के अंदर के लगभग सभी अंग अनुपस्थित हैं।

देवरिया के डॉक्टरों द्वारा तैयार पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, शव पर गर्दन से प्यूबिक सिम्फिसिस तक 22 टाँके (लंबाई 60 सेमी) और बाएँ कान से दाएँ कान तक 21 टाँके (लंबाई 20 सेमी) लगे हुए थे। रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि शव को 7 मई 2026 से 5 जून 2026 तक डीप फ्रीज में रखा गया था।

FSUI के अनुसार, री-ऑटोप्सी में निम्नलिखित अंग गायब पाए गए: दिमाग, दिल, दोनों फेफड़े, लिवर, किडनी, प्लीहा (स्प्लिन), अग्न्याशय (पैंक्रिआज), पेट, आँतें, थायरॉयड, हायोइड हड्डी, लैरिंक्स (स्वरयंत्र), ट्रेकिया (श्वास नली), पेरिकार्डियम, कोरोनरी आर्टरी और मुख्य रक्त वाहिकाएँ। इसके अलावा मेनिंगेस (दिमाग की झिल्ली) और खून की नसें भी अनुपस्थित थीं।

FSUI की माँग और विशेषज्ञों की राय

फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, 'यह मंजूर नहीं है। नाविकों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।' संगठन ने माँग की है कि वेनेजुएला के अधिकारी पूरी जाँच करें और जवाबदेही तय करें, वेनेजुएला में भारतीय दूतावास तुरंत हस्तक्षेप करे, पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए और परिवार को न्याय व मुआवजा दिया जाए।

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि फोरेंसिक जाँच के दौरान दिल, किडनी और पित्त की थैली जैसे कुछ अंगों को निकाला जा सकता है। हालाँकि, विवाद इसलिए गहरा हो गया है क्योंकि न तो वेनेजुएला के अधिकारियों और न ही शिपिंग कंपनी ने परिवार को कोई आधिकारिक ऑटोप्सी रिपोर्ट या मौत के हालात की विस्तृत जानकारी दी।

परिवार की पीड़ा और जवाबदेही की माँग

परिवार का आरोप है कि शिपिंग कंपनी ने मौत की वजह को लेकर पहले 'जहाज पर गिरने से चोट' बताया, फिर 'गंभीर चोटों से मौत' कहा — लेकिन कोई लिखित दस्तावेज़ नहीं दिया। वेनेजुएला से शव भेजते समय भी मौत का कारण स्पष्ट करने वाला कोई आधिकारिक कागज़ संलग्न नहीं था।

परिवार ने अब इस पूरे मामले की गहन जाँच और जिम्मेदारों की जवाबदेही की अपील की है। उनका कहना है कि जब तक निष्पक्ष जाँच नहीं होती, यह स्पष्ट नहीं हो सकता कि राकेश चौहान की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनके अंग कहाँ गए।

आगे क्या होगा

यह मामला विदेशों में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा, शवों की वापसी में पारदर्शिता और विदेशी अधिकारियों की जवाबदेही जैसे व्यापक सवाल उठाता है। FSUI और परिवार दोनों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से इस मामले में सक्रिय हस्तक्षेप की माँग की है। यह देखना होगा कि वेनेजुएला में भारतीय दूतावास और संबंधित शिपिंग कंपनी इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न मौत का स्पष्ट कारण — यह लापरवाही नहीं, जवाबदेही का पूर्ण अभाव है। विदेश मंत्रालय और नौवहन मंत्रालय को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में किसी भी भारतीय नाविक का शव बिना पूर्ण दस्तावेज़ीकरण के स्वदेश न लाया जाए। जब तक नाविकों के लिए बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल और द्विपक्षीय समझौते नहीं बनते, ऐसे मामले दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेनेजुएला में भारतीय नाविक राकेश चौहान की मौत कैसे हुई?
परिवार के अनुसार, शिपिंग कंपनी ने पहले जहाज पर गिरने से चोट की बात कही, बाद में गंभीर चोटों से मौत बताई। वेनेजुएला के अधिकारियों ने कोई आधिकारिक ऑटोप्सी रिपोर्ट नहीं दी, इसलिए मौत की सटीक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं है।
राकेश चौहान के शव से अंग गायब होने का पता कैसे चला?
देवरिया में जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई री-ऑटोप्सी के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि शरीर के सभी आंतरिक अंग — दिमाग, दिल, फेफड़े, लिवर, किडनी सहित — अनुपस्थित हैं। शव पर कुल 43 टाँके लगे थे और उसे एक महीने तक डीप फ्रीज में रखा गया था।
FSUI ने इस मामले में क्या माँगें रखी हैं?
फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) ने वेनेजुएला के अधिकारियों से पूरी जाँच और जवाबदेही, वेनेजुएला में भारतीय दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप, पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार के लिए न्याय व मुआवजे की माँग की है।
क्या अंगों का गायब होना फोरेंसिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, फोरेंसिक जाँच के दौरान दिल, किडनी और पित्त की थैली जैसे कुछ अंग निकाले जा सकते हैं। हालाँकि, विवाद इसलिए गंभीर है क्योंकि न तो वेनेजुएला के अधिकारियों और न ही शिपिंग कंपनी ने परिवार को कोई आधिकारिक दस्तावेज़ दिया जो इस प्रक्रिया की पुष्टि करे।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
परिवार और FSUI दोनों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से सक्रिय हस्तक्षेप की माँग की है। वेनेजुएला में भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया और शिपिंग कंपनी का रुख अभी सामने नहीं आया है; निष्पक्ष जाँच के बाद ही मौत की वजह और अंगों के गायब होने का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
राष्ट्र प्रेस
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