29 जुलाई 2026
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पटियाला हाउस कोर्ट ने एसएफआई नेता आइशी घोष के एनबीडब्ल्यू पर रोक लगाई, 30 अगस्त को व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य

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पटियाला हाउस कोर्ट ने एसएफआई नेता आइशी घोष के एनबीडब्ल्यू पर रोक लगाई, 30 अगस्त को व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य

सारांश

पटियाला हाउस कोर्ट ने एसएफआई नेता आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट पर अंतरिम रोक लगाई है। 2021 के बाराखंभा रोड थाना मामले में बार-बार अनुपस्थिति के बाद यह राहत मिली है। अब 30 अगस्त को उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य है।

मुख्य बातें

पटियाला हाउस कोर्ट ने 29 जुलाई 2026 को आइशी घोष के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाई।
मामला 2021 में बाराखंभा रोड पुलिस थाने में दर्ज आपराधिक शिकायत से जुड़ा है, जिसमें विरोध-प्रदर्शन के दौरान सरकारी आदेशों के उल्लंघन का आरोप है।
11 अप्रैल 2026 को अदालत ने दर्ज किया था कि एनबीडब्ल्यू की तामील नहीं हो सकी क्योंकि आइशी घोष दिए गए पते पर नहीं मिलीं।
आइशी घोष की याचिका में अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला देते हुए वारंट निरस्त करने की माँग की गई।
अगली सुनवाई 30 अगस्त 2026 को; उस दिन व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 29 जुलाई 2026 को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की संयुक्त सचिव आइशी घोष के विरुद्ध जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। अदालत ने यह अंतरिम राहत उनकी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रदान की, जिसमें वारंट को निरस्त करने की माँग की गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि 30 अगस्त 2026 को आइशी घोष को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होना होगा।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद वर्ष 2021 में नई दिल्ली के बाराखंभा रोड पुलिस थाने में दर्ज एक आपराधिक मामले से उपजा है। आरोप है कि आइशी घोष ने एक विरोध-प्रदर्शन में भाग लिया और इस दौरान सरकारी अधिकारी द्वारा जारी आदेशों का उल्लंघन किया। मामले की सुनवाई के दौरान उनकी बार-बार अनुपस्थिति के कारण अदालत को गैर-जमानती वारंट जारी करना पड़ा।

अदालत का पूर्व आदेश और नया घटनाक्रम

11 अप्रैल 2026 को अदालत ने अपने आदेश में दर्ज किया था कि जारी एनबीडब्ल्यू की तामील नहीं हो सकी, क्योंकि आइशी घोष जाँच एजेंसियों को दिए गए पते पर उपलब्ध नहीं थीं। अदालत ने यह भी नोट किया था कि उन्हें फोन के ज़रिये सुनवाई की तारीख की सूचना दी गई थी, फिर भी वह उपस्थित नहीं हुईं। इन परिस्थितियों के मद्देनज़र अदालत ने दिल्ली पुलिस के उपायुक्त (डीसीपी) के माध्यम से नया गैर-जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया था और मामले को 30 जुलाई की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया था।

याचिका में क्या कहा गया

30 जुलाई की सुनवाई के दौरान आइशी घोष की ओर से अदालत को बताया गया कि वह पिछली तारीख पर अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सकीं। इसी आधार पर एनबीडब्ल्यू को निरस्त करने का अनुरोध किया गया। अदालत ने फिलहाल इस याचिका पर सुनवाई करते हुए वारंट के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी।

आगे क्या होगा

अदालत ने 30 अगस्त 2026 को अगली सुनवाई निर्धारित की है। उस तारीख पर आइशी घोष की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य की गई है, और अदालत उनकी याचिका तथा मामले की आगे की कार्यवाही पर निर्णय करेगी। यदि वह उस दिन भी उपस्थित नहीं होतीं, तो अदालत एनबीडब्ल्यू पर पुनर्विचार कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या यह उदारता सभी आरोपियों को समान रूप से मिलती है। 30 अगस्त की सुनवाई अहम होगी — यदि आइशी घोष फिर अनुपस्थित रहीं, तो अदालत का अगला कदम इस मामले की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आइशी घोष के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट का मामला क्या है?
यह मामला 2021 में दिल्ली के बाराखंभा रोड पुलिस थाने में दर्ज एक आपराधिक शिकायत से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि आइशी घोष ने एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान सरकारी अधिकारी द्वारा जारी आदेशों का उल्लंघन किया। सुनवाई में बार-बार अनुपस्थिति के कारण अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
पटियाला हाउस कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट पर रोक क्यों लगाई?
आइशी घोष की ओर से याचिका दायर की गई, जिसमें अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला देते हुए एनबीडब्ल्यू निरस्त करने की माँग की गई। अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए 30 अगस्त 2026 तक वारंट के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी।
आइशी घोष को अगली बार अदालत में कब पेश होना है?
अदालत ने 30 अगस्त 2026 को अगली सुनवाई निर्धारित की है और आइशी घोष को उस दिन व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उस तारीख पर अदालत उनकी याचिका और मामले की आगे की कार्यवाही पर विचार करेगी।
11 अप्रैल 2026 को अदालत ने क्या आदेश दिया था?
11 अप्रैल 2026 को अदालत ने दर्ज किया था कि आइशी घोष के खिलाफ जारी एनबीडब्ल्यू की तामील नहीं हो सकी, क्योंकि वह दिए गए पते पर नहीं मिलीं। फोन पर सूचना देने के बावजूद वह उपस्थित नहीं हुईं, जिसके बाद अदालत ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी के माध्यम से नया वारंट जारी करने का निर्देश दिया था।
आइशी घोष कौन हैं और एसएफआई क्या है?
आइशी घोष स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की संयुक्त सचिव हैं। एसएफआई एक वामपंथी छात्र संगठन है। आइशी घोष जेएनयू छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष के रूप में भी जानी जाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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