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बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि पर देशभर के मुख्यमंत्रियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

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बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि पर देशभर के मुख्यमंत्रियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

सारांश

बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि पर देश के कोने-कोने से नेताओं ने नमन किया — वही दत्त जिन्होंने 1929 में भगत सिंह के साथ केंद्रीय विधानसभा में बम फेंककर ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी थी। उनकी विरासत आज भी राजनीतिक चेतना में जीवित है।

मुख्य बातें

महान क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि 20 जुलाई को देशभर में मनाई गई।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल , राजस्थान CM भजनलाल शर्मा , उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी , UP CM योगी आदित्यनाथ , दिल्ली CM रेखा गुप्ता , MP CM मोहन यादव और गुजरात उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह के साथ केंद्रीय विधानसभा में बम फेंका था, जिसके बाद उन्हें आजीवन कारावास हुआ।
नेताओं ने उन्हें अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान का प्रतीक बताते हुए युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत कहा।

महान क्रांतिकारी और अमर शहीद बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि पर 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। सेंट्रल असेंबली में बम विस्फोट कर ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती देने वाले इस वीर सेनानी को एक्स पर पोस्ट के माध्यम से देशभर के नेताओं ने नमन किया।

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महान क्रांतिकारी, अमर बलिदानी बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन! बटुकेश्वर जी का जीवन संघर्ष व देशभक्ति का अप्रतिम उदाहरण है जो युवाओं को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।'

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा कि बटुकेश्वर दत्त अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे, और उनका अद्वितीय बलिदान तथा राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण सभी को कर्तव्यनिष्ठा के पथ पर प्रेरित करता रहेगा।

उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के नेताओं का नमन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा कि बटुकेश्वर दत्त ने जिस निर्भीकता और अटूट संकल्प के साथ स्वाधीनता संग्राम में योगदान दिया, वह देशवासियों को राष्ट्रसेवा के पथ पर सदैव प्रेरित करता रहेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें 'राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक' बताते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि सेंट्रल असेंबली में ऐतिहासिक बम विस्फोट कर ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाने वाले बटुकेश्वर दत्त का अद्वितीय साहस और राष्ट्रभक्ति हर देशवासी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।

मध्य प्रदेश और गुजरात की श्रद्धांजलि

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि बटुकेश्वर दत्त ने अमर शहीद भगत सिंह के साथ केंद्रीय विधानसभा में बम धमाके कर स्वतंत्रता आंदोलन को निर्णायक गति दी। उन्होंने इसे 'राष्ट्र सेवा व निष्ठा का अनुकरणीय अध्याय' बताया।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए बटुकेश्वर दत्त को मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सर्वस्व समर्पित करने वाले महान क्रांतिकारी के रूप में याद किया और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

बटुकेश्वर दत्त का ऐतिहासिक योगदान

गौरतलब है कि बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह के साथ मिलकर केंद्रीय विधानसभा (वर्तमान संसद भवन) में बम फेंका था — यह विस्फोट किसी को हानि पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि बहरी ब्रिटिश सरकार को जगाने के लिए किया गया था। इस साहसिक कदम के बाद उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा हुई और उन्होंने अंडमान की कालापानी जेल में वर्षों बिताए। स्वतंत्रता के बाद भी उनका जीवन संघर्षपूर्ण रहा, फिर भी वे राष्ट्र के प्रति समर्पित रहे।

उनकी पुण्यतिथि पर देशभर के नेताओं का एकसाथ श्रद्धांजलि अर्पित करना इस बात का प्रमाण है कि स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे नायकों की विरासत आज भी भारतीय राजनीति और समाज में प्रासंगिक बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि उनका बलिदान और संघर्ष किसी से कम नहीं था। हर वर्ष पुण्यतिथि पर नेताओं की एक्स-पोस्ट तो आती हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पाठ्यक्रमों और सार्वजनिक स्मृति में उन्हें वह स्थान मिला है जिसके वे हकदार हैं। श्रद्धांजलि की राजनीति और विरासत के वास्तविक सम्मान के बीच की खाई को पाटना अभी बाकी है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बटुकेश्वर दत्त कौन थे?
बटुकेश्वर दत्त भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी थे, जिन्होंने 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह के साथ केंद्रीय विधानसभा (वर्तमान संसद भवन) में बम फेंककर ब्रिटिश शासन को चुनौती दी थी। इस कार्रवाई के बाद उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा हुई और वे अंडमान की कालापानी जेल में रहे।
केंद्रीय विधानसभा बम विस्फोट क्यों किया गया था?
यह विस्फोट किसी को हानि पहुँचाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि ब्रिटिश सरकार को जगाने और स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक जन-चर्चा में लाने के लिए किया गया था। बटुकेश्वर दत्त और भगत सिंह ने 'बहरों को सुनाने के लिए ऊँची आवाज़ ज़रूरी है' — इस विचार के साथ यह कदम उठाया था।
20 जुलाई को किन-किन नेताओं ने बटुकेश्वर दत्त को श्रद्धांजलि दी?
20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, राजस्थान CM भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी, UP CM योगी आदित्यनाथ, दिल्ली CM रेखा गुप्ता, MP CM मोहन यादव और गुजरात उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर पोस्ट कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि कब होती है?
बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष 20 जुलाई को मनाई जाती है। इस दिन देशभर में उनके बलिदान और राष्ट्रसेवा को याद किया जाता है।
बटुकेश्वर दत्त और भगत सिंह का क्या संबंध था?
बटुकेश्वर दत्त और भगत सिंह दोनों हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्य थे और घनिष्ठ क्रांतिकारी साथी थे। दोनों ने मिलकर 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधानसभा में बम फेंका और गिरफ्तारी दी, जो स्वतंत्रता आंदोलन की एक ऐतिहासिक घटना बनी।
राष्ट्र प्रेस
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