बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि पर देशभर के मुख्यमंत्रियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
महान क्रांतिकारी और अमर शहीद बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि पर 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। सेंट्रल असेंबली में बम विस्फोट कर ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती देने वाले इस वीर सेनानी को एक्स पर पोस्ट के माध्यम से देशभर के नेताओं ने नमन किया।
केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महान क्रांतिकारी, अमर बलिदानी बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन! बटुकेश्वर जी का जीवन संघर्ष व देशभक्ति का अप्रतिम उदाहरण है जो युवाओं को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा कि बटुकेश्वर दत्त अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे, और उनका अद्वितीय बलिदान तथा राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण सभी को कर्तव्यनिष्ठा के पथ पर प्रेरित करता रहेगा।
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के नेताओं का नमन
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा कि बटुकेश्वर दत्त ने जिस निर्भीकता और अटूट संकल्प के साथ स्वाधीनता संग्राम में योगदान दिया, वह देशवासियों को राष्ट्रसेवा के पथ पर सदैव प्रेरित करता रहेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें 'राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक' बताते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि सेंट्रल असेंबली में ऐतिहासिक बम विस्फोट कर ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाने वाले बटुकेश्वर दत्त का अद्वितीय साहस और राष्ट्रभक्ति हर देशवासी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।
मध्य प्रदेश और गुजरात की श्रद्धांजलि
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि बटुकेश्वर दत्त ने अमर शहीद भगत सिंह के साथ केंद्रीय विधानसभा में बम धमाके कर स्वतंत्रता आंदोलन को निर्णायक गति दी। उन्होंने इसे 'राष्ट्र सेवा व निष्ठा का अनुकरणीय अध्याय' बताया।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए बटुकेश्वर दत्त को मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सर्वस्व समर्पित करने वाले महान क्रांतिकारी के रूप में याद किया और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
बटुकेश्वर दत्त का ऐतिहासिक योगदान
गौरतलब है कि बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह के साथ मिलकर केंद्रीय विधानसभा (वर्तमान संसद भवन) में बम फेंका था — यह विस्फोट किसी को हानि पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि बहरी ब्रिटिश सरकार को जगाने के लिए किया गया था। इस साहसिक कदम के बाद उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा हुई और उन्होंने अंडमान की कालापानी जेल में वर्षों बिताए। स्वतंत्रता के बाद भी उनका जीवन संघर्षपूर्ण रहा, फिर भी वे राष्ट्र के प्रति समर्पित रहे।
उनकी पुण्यतिथि पर देशभर के नेताओं का एकसाथ श्रद्धांजलि अर्पित करना इस बात का प्रमाण है कि स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे नायकों की विरासत आज भी भारतीय राजनीति और समाज में प्रासंगिक बनी हुई है।