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छत्तीसगढ़ का अद्भुत सतबहिनी देवी मंदिर: रोजगार और रोग मुक्ति का अचूक स्थल

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छत्तीसगढ़ का अद्भुत सतबहिनी देवी मंदिर: रोजगार और रोग मुक्ति का अचूक स्थल

सारांश

छत्तीसगढ़ का सतबहिनी देवी मंदिर रोजगार और रोग मुक्ति के लिए एक अद्वितीय स्थान है। यहां मां के सात रूपों के दर्शन से भक्तों की समस्याओं का समाधान होता है, जो इसे और भी खास बनाता है।

मुख्य बातें

रोजगार और रोग मुक्ति के लिए प्रसिद्ध सतबहिनी देवी मंदिर मां के सात मुखी अवतार के दर्शन स्थानीय मान्यता अनुसार चमत्कारिक प्रभाव मंदिर की अद्भुत वास्तुकला और सुरक्षा व्यवस्था भक्तों के लिए आस्था का केंद्र

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रोजगार एवं रोग मुक्ति की दिशा में लोग निरंतर प्रयास करते हैं, लेकिन कई व्यक्तियों को नौकरी प्राप्त करने में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक अद्वितीय मंदिर है, जहां केवल दर्शन करने से नौकरी से जुड़ी परेशानियों का समाधान होता है और रोगी भी स्वास्थ्य लाभ करते हैं। हम बात कर रहे हैं सतबहिनी देवी मंदिर की, जहां मां अपने विशेष रूपों में प्रकट होती हैं।

बंधवापारा में रानी सागर के किनारे स्थित इस मंदिर में मां के अद्भुत रूपों का समावेश है। यह मंदिर इसीलिए प्रसिद्ध है क्योंकि मां के एक ही रूप में सात अवतार विद्यमान हैं। भक्तों को यहां प्रतिमा में मां के सात सिर देखने को मिलते हैं, जैसे कि ब्रह्मा जी या 12 मुखी हनुमान जी के होते हैं। मां की अद्भुत प्रतिमा के आठ हाथ हैं, जिनमें अस्त्र-शस्त्र हैं। यह विश्व का पहला मंदिर है, जहां भक्तों को मां के सात मुखी अवतार के दर्शन एक ही बार में मिलते हैं।

सतबहिनी देवी मंदिर प्राचीन और जागृत सिद्धपीठ मंदिरों में शामिल है और आदिवासियों के लिए आस्था का केंद्र बन चुका है। मान्यता है कि पहले सात महुआ के पेड़ों की पूजा की जाती थी, लेकिन गांव के मुखिया को मां ने सपने में दर्शन देकर प्रतिमा को जमीन से निकालने का निर्देश दिया। हालांकि मुखिया को मां की प्रतिमा नहीं मिली, लेकिन कुछ दिनों बाद प्रतिमा अपने आप जमीन के ऊपर प्रकट हो गई।

स्थानीय लोगों ने इसे मां का चमत्कार माना और मां को एक अलग स्थान दिया। यह माना जाता है कि जो लोग गंभीर रूप से बीमार रहते हैं और इलाज से भी ठीक नहीं हो पाते, वे यहां दर्शन करने से लाभ प्राप्त करते हैं। इसके साथ ही, नौकरी न लगने से परेशान लोगों को भी यहां आकर नौकरी प्राप्त हो जाती है। इन्हीं मान्यताओं के कारण यह मंदिर पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध हो चुका है।

मंदिर की वास्तुकला की बात करें तो इसके मुख्य द्वार पर दो शेर स्थापित हैं, जो मंदिर और क्षेत्र की सुरक्षा करते हैं। मंदिर के शिखर पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी विराजमान हैं। मंदिर के अंदर कई उपमंदिर हैं, जिनमें भगवान शिव, गणेश और हनुमान जी की प्रतिमाएं भी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां देवी के सात रूप भक्तों को रोजगार और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं, एक महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहां दर्शन करने से भक्तों की कठिनाइयां दूर होती हैं।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतबहिनी देवी मंदिर कहां स्थित है?
सतबहिनी देवी मंदिर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्थित है।
इस मंदिर की विशेषता क्या है?
मंदिर में मां के सात मुखी अवतार के दर्शन एक ही बार में होते हैं।
क्या यहां आने से रोग मुक्ति मिलती है?
हां, स्थानीय मान्यता है कि यहां दर्शन करने से गंभीर बीमारियों से राहत मिलती है।
क्या इस मंदिर में नौकरी मिलने की संभावना है?
जी हां, यहां आने वाले भक्तों को नौकरी पाने में मदद मिलती है।
मंदिर की वास्तुकला कैसी है?
मंदिर के मुख्य द्वार पर दो शेर हैं और मंदिर के शिखर पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी विराजमान हैं।
राष्ट्र प्रेस
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