रत्नागिरी में दाऊद इब्राहिम की पुश्तैनी संपत्तियां नीलामी में बिकीं, दो खरीदार मिले

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रत्नागिरी में दाऊद इब्राहिम की पुश्तैनी संपत्तियां नीलामी में बिकीं, दो खरीदार मिले

सारांश

रत्नागिरी में दाऊद इब्राहिम की पुश्तैनी भूमि की नीलामी में दो खरीदार सामने आए हैं। लंबे समय तक बिना खरीदार के इन संपत्तियों का बिकना एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। जानिए इस नीलामी का पूरा विवरण।

Key Takeaways

  • दाऊद इब्राहिम की पुश्तैनी संपत्तियों की नीलामी में दो खरीदार सामने आए हैं।
  • यह नीलामी 5 मार्च को आयोजित की गई थी।
  • सरकार ने संपत्तियों को तस्करी के संबंध में जब्त किया था।
  • खरीदारों को राशि जमा करने के लिए अप्रैल 2026 तक का समय दिया गया है।
  • यह नीलामी पहले कई बार असफल रही थी।

मुंबई, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भगोड़े अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़े रत्नागिरी की पुश्तैनी भूमि को आखिरकार नए खरीदार मिल गए हैं। लंबे समय से बार-बार नीलामी के बावजूद इन संपत्तियों के लिए कोई खरीदार नहीं आ रहा था, लेकिन हालिया नीलामी में दो व्यक्तियों ने बोली लगाई है।

जानकारी के अनुसार, यह नीलामी 5 मार्च को केंद्र सरकार द्वारा आयोजित की गई थी। इसमें रत्नागिरी जिले के खेड़ तालुका के मुम्बके गांव में चार कृषि भूखंडों के लिए बोली लगाई गई। ये सभी संपत्तियां दाऊद इब्राहिम के परिवार, विशेष रूप से उनकी मां अमीना बी के नाम पर थीं। हालांकि, खरीदारों के नाम और उनकी पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

नीलामी के दौरान, एक खरीदार ने एक भूखंड के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई, जबकि दूसरे ने शेष तीन भूखंड अपने नाम किए। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक दोनों खरीदारों की पहचान को उजागर नहीं किया गया है।

सरकार ने इन संपत्तियों को “स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (फॉरफीचर ऑफ प्रॉपर्टी) एक्ट” के तहत जब्त किया था। यह कानून उन संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति देता है जिनका संबंध तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों से होता है। इसी प्रक्रिया के तहत इन जमीनों को नीलामी के लिए पेश किया गया।

यह उल्लेखनीय है कि इन संपत्तियों की नीलामी पहले कई बार असफल रही थी। वर्ष 2017, 2020, 2024 और 2025 में भी इन्हें बेचने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार या तो कोई बोली लगाने वाला नहीं मिला या प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। नवंबर 2025 की नीलामी में तो एक भी खरीदार सामने नहीं आया था।

इस बार चारों भूखंडों के लिए अलग-अलग रिजर्व प्राइस तय किए गए थे। एक प्रमुख भूखंड, जिसकी कीमत लगभग 9.41 लाख रुपए थी, वह 10 लाख रुपए से अधिक में बेचा गया है।

नीलामी में सफल बोली लगाने वालों को अप्रैल 2026 तक पूरी राशि जमा करनी होगी। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी मिलने पर यह सौदा पूरी तरह वैध हो जाएगा। लंबे इंतजार के बाद इन संपत्तियों का बिकना सरकार की कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

Point of View

बल्कि यह एक संकेत भी है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां गंभीर अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठा रही हैं। यह घटना समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

दाऊद इब्राहिम की संपत्तियों की नीलामी कब हुई?
नीलामी 5 मार्च को हुई थी।
नीलामी में कितने खरीदार सामने आए?
नीलामी में दो खरीदार सामने आए हैं।
इन संपत्तियों के लिए किस कानून के तहत कार्रवाई की गई?
इन संपत्तियों को "स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट" के तहत जब्त किया गया था।
खरीदारों की पहचान कब सार्वजनिक होगी?
अभी तक खरीदारों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस नीलामी का रिजर्व प्राइस क्या था?
एक प्रमुख भूखंड का रिजर्व प्राइस लगभग 9.41 लाख रुपए था।
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