10 अगस्त 2026
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केरल विधानसभा में हंगामा: वॉटर कैनन में दूषित पानी के आरोप, गृह मंत्री ने सैंपल जांच का दिया आश्वासन

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केरल विधानसभा में हंगामा: वॉटर कैनन में दूषित पानी के आरोप, गृह मंत्री ने सैंपल जांच का दिया आश्वासन

सारांश

केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने वॉटर कैनन में दूषित पानी की बोतल पेश कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने जानबूझकर दुरुपयोग से इनकार करते हुए लैब जांच और कमिश्नर जांच का भरोसा दिया। बहस अब पीएम श्री विरोध से हटकर पुलिस के तरीकों पर केंद्रित हो गई है।

मुख्य बातें

22 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम में एआईवाईएफ-एआईएसएफ के विरोध मार्च के दौरान पुलिस ने चंद्रशेखरन नायर स्टेडियम के पास वॉटर कैनन का उपयोग किया।
विपक्ष नेता पिनाराई विजयन ने विधानसभा में दूषित पानी की बोतल पेश कर अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बताया।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने जानबूझकर दूषित पानी इस्तेमाल करने से इनकार किया; पुराने टैंकर में जंग को संभावित कारण बताया।
पानी का सैंपल प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाएगा; कमिश्नर को जांच के निर्देश दिए गए।
राजन ने दावा किया कि स्प्रे के बाद महिला प्रदर्शनकारियों के कपड़ों का रंग बदल गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई संभव है।

केरल विधानसभा में 22 जून 2026 को उस समय तीखा राजनीतिक विवाद उभरा, जब विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने एआईवाईएफ-एआईएसएफ के विरोध मार्च के दौरान तिरुवनंतपुरम में पुलिस द्वारा वॉटर कैनन में दूषित पानी इस्तेमाल किए जाने का गंभीर आरोप लगाया। विजयन ने सदन के पटल पर उस पानी की एक बोतल पेश की जिसे उन्होंने दूषित बताया और गृह मंत्री से विस्तृत जवाब की माँग की।

मुख्य घटनाक्रम

पीएम श्री स्कीम पर सरकार के रुख के विरोध में निकाले गए मार्च में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेता और विधायक के. राजन सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया, तो पुलिस ने चंद्रशेखरन नायर स्टेडियम के निकट वॉटर कैनन का उपयोग किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पानी के संपर्क में आने के बाद उन्हें खुजली हुई और कुछ महिला प्रदर्शनकारियों के कपड़ों का रंग भी बदल गया।

विपक्ष के आरोप

विधानसभा में विजयन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर इस्तेमाल किया गया पानी अत्यधिक दूषित था और इससे अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा, 'वॉटर कैनन का इस्तेमाल करने का यह सामान्य तरीका नहीं है। ऐसे समय में जब केरल स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर चर्चा कर रहा है, इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।' गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर पहले से ही संवेदनशीलता बनी हुई है।

सरकार की प्रतिक्रिया

गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने स्पष्ट किया कि दूषित पानी इस्तेमाल करने की कोई जानबूझकर कोशिश नहीं की गई थी। उन्होंने बताया कि वॉटर कैनन में जल प्राधिकरण की आपूर्ति से पानी भरा जाता है, और पुराने टैंकर में जमा गंदगी या जंग के कारण पानी का रंग बदल सकता है। चेन्निथला ने कहा, 'पानी का सैंपल प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाएगा। कमिश्नर को मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया है।' उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि यदि कोई कमी सामने आई तो सुधारात्मक कदम उठाए जाएँगे।

विधायक के. राजन का बयान

CPI नेता और मार्च के आयोजक के. राजन ने कहा कि प्रदर्शनकारी वॉटर कैनन से नहीं डरते, परंतु उनके अनुसार इस बार इस्तेमाल किया गया पानी किसी भी मानक पर स्वीकार्य नहीं था। उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों के कपड़ों के रंग बदलने का हवाला देते हुए जाँच की माँग दोहराई।

आगे क्या होगा

विधानसभा अध्यक्ष ने संकेत दिया कि प्रयोगशाला परीक्षण के परिणाम आने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इस विवाद ने राजनीतिक बहस का केंद्र पीएम श्री स्कीम के विरोध से हटाकर प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा अपनाए गए तरीकों पर आरोपों की ओर मोड़ दिया है। जाँच रिपोर्ट आने तक यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस जैसी बीमारी का उल्लेख तथ्यात्मक रूप से गंभीर दावा है जिसे लैब रिपोर्ट ही सिद्ध या खंडित कर सकती है। गृह मंत्री का 'पुराने टैंकर में जंग' वाला स्पष्टीकरण तब तक अपर्याप्त लगता है जब तक जांच पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक न हो। असली सवाल यह है कि क्या केरल पुलिस के पास वॉटर कैनन में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता जांचने का कोई मानक प्रोटोकॉल है — और यदि नहीं, तो यह घटना उस प्रोटोकॉल को बनाने की माँग को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल विधानसभा में वॉटर कैनन विवाद क्या है?
22 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम में एआईवाईएफ-एआईएसएफ के विरोध मार्च के दौरान पुलिस ने वॉटर कैनन का उपयोग किया, जिसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने खुजली और कपड़ों के रंग बदलने की शिकायत की। विपक्ष नेता पिनाराई विजयन ने विधानसभा में दूषित पानी की बोतल पेश कर पुलिस पर गंभीर स्वास्थ्य खतरा पैदा करने का आरोप लगाया।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने इस मामले पर क्या कहा?
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने जानबूझकर दूषित पानी इस्तेमाल करने से इनकार किया और बताया कि वॉटर कैनन में जल प्राधिकरण की आपूर्ति से पानी भरा जाता है। उन्होंने पुराने टैंकर में जमा जंग या गंदगी को रंग बदलने का संभावित कारण बताते हुए पानी का सैंपल लैब जांच के लिए भेजने और कमिश्नर से जांच कराने का आश्वासन दिया।
पीएम श्री स्कीम क्या है और इसके खिलाफ विरोध क्यों हुआ?
पीएम श्री स्कीम केंद्र सरकार की एक शिक्षा योजना है जिस पर केरल सरकार के रुख को लेकर एआईवाईएफ-एआईएसएफ ने विरोध मार्च निकाला। इसी मार्च के दौरान वॉटर कैनन का उपयोग हुआ और बाद में विवाद का केंद्र पानी की गुणवत्ता पर आरोप बन गया।
क्या वॉटर कैनन में दूषित पानी से वाकई स्वास्थ्य खतरा हो सकता है?
विपक्ष नेता पिनाराई विजयन ने अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी का उल्लेख किया, जो दूषित पानी के संपर्क में आने से हो सकती है। हालाँकि यह दावा कथित तौर पर है और प्रयोगशाला जांच के परिणाम आने के बाद ही इसकी पुष्टि या खंडन संभव होगा।
इस मामले में आगे क्या होगा?
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि लैब टेस्ट के नतीजे आने के बाद मामले की और जांच की जा सकती है। कमिश्नर को जांच के निर्देश दिए गए हैं और गृह मंत्री ने आश्वासन दिया है कि कमी पाए जाने पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
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