चुनाव आयोग ने 25 लाख अधिकारियों की तैनाती से चुनावों को किया हिंसामुक्त

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चुनाव आयोग ने 25 लाख अधिकारियों की तैनाती से चुनावों को किया हिंसामुक्त

सारांश

चुनाव आयोग ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को हिंसामुक्त और प्रलोभनमुक्त बनाने के लिए 25 लाख से अधिक अधिकारियों की तैनाती की है। यह कदम चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है।

Key Takeaways

  • चुनाव आयोग ने 25 लाख से अधिक अधिकारियों की तैनाती की है।
  • मतदाताओं की संख्या 17.4 करोड़ से अधिक है।
  • पूर्ण निष्पक्षता के साथ चुनाव कराने का प्रयास।
  • केंद्रीय पर्यवेक्षकों की संख्या 1,111 है।
  • मतदाताओं के लिए बीएलओ कॉल बुकिंग सेवा उपलब्ध है।

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और उपचुनाव को हिंसामुक्त और प्रलोभनमुक्त बनाने के उद्देश्य से 25 लाख से अधिक अधिकारियों की तैनाती की है। चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभा चुनावों के साथ-साथ छह राज्यों में उपचुनावों की घोषणा की थी।

इन पांच राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चुनाव के विभिन्न चरणों को सुचारू और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए 25 लाख से अधिक चुनाव अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। इन चुनावों में मतदान करने योग्य मतदाताओं की कुल संख्या 17.4 करोड़ से अधिक है। इसका अर्थ है कि लगभग हर 70 मतदाताओं पर एक चुनाव अधिकारी तैनात है। चुनाव की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि अधिकारियों को पूर्ण निष्पक्षता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है ताकि चुनाव हिंसामुक्त और प्रलोभनमुक्त हों और प्रत्येक मतदाता बिना किसी डर या पक्षपात के मतदान कर सके।

तैनात कर्मियों में लगभग 15 लाख मतदान कर्मी, 8.5 लाख सुरक्षा कर्मी, 40 हजार मतगणना कर्मी, 49 हजार सूक्ष्म पर्यवेक्षक, 21 हजार सेक्टर अधिकारी और मतगणना के लिए 15 हजार सूक्ष्म पर्यवेक्षक शामिल हैं। अन्य अधिकारियों के साथ-साथ, 2.18 लाख से अधिक मतदान अधिकारी (बीएलओ) सहित जमीनी स्तर की चुनाव मशीनरी मतदाताओं के लिए फोन कॉल और ईसीआईनेट ऐप पर 'बीएलओ को कॉल बुक करें' सुविधा के माध्यम से उपलब्ध है। डीईओ/आरओ स्तर पर किसी भी शिकायत या प्रश्न को दर्ज करने के लिए कॉल सेंटर नंबर +91 (एसटीडी कोड) 1950 भी उपलब्ध है।

तैनात किए गए सभी कर्मियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 28ए के प्रावधानों के अनुसार चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा। आम चुनाव और उपचुनावों के दौरान आयोग की निगरानी के लिए 832 विधानसभा क्षेत्रों में 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।

इनमें 557 सामान्य पर्यवेक्षक, 188 पुलिस पर्यवेक्षक और 366 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं। तैनात किए गए अधिकांश केंद्रीय पर्यवेक्षक अपने-अपने निर्धारित निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं। पर्यवेक्षक अपने संपर्क विवरण साझा करेंगे और उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों या उनके प्रतिनिधियों या जनता के किसी भी सदस्य से प्रतिदिन एक निर्धारित समय पर मिलकर उनकी चुनाव संबंधी शिकायतों को सुनेंगे।

Point of View

जो लोकतंत्र को सशक्त बनाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का प्रयास है। यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि सभी मतदाता बिना किसी भय के अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकें।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

चुनाव आयोग ने कितने अधिकारियों की तैनाती की है?
चुनाव आयोग ने 25 लाख से अधिक अधिकारियों की तैनाती की है।
इन चुनावों में कितने मतदाता मतदान करेंगे?
इन चुनावों में मतदान के पात्र मतदाताओं की संख्या 17.4 करोड़ से अधिक है।
केंद्रीय पर्यवेक्षकों की संख्या कितनी है?
832 विधानसभा क्षेत्रों में 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।
क्या चुनाव आयोग ने अधिकारियों को कोई निर्देश दिए हैं?
हाँ, अधिकारियों को पूर्ण निष्पक्षता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है।
मतदाताओं के लिए क्या सुविधाएँ उपलब्ध हैं?
मतदाताओं के लिए फोन कॉल और ईसीआईनेट ऐप पर 'बीएलओ को कॉल बुक करें' सुविधा उपलब्ध है।
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