8 अगस्त 2026
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कर्नाटक: कोडागु के आदिवासी स्कूल में गेट गिरने से ४ साल की अपूर्वा की मौत, परिवार ने लगाया लापरवाही का आरोप

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कर्नाटक: कोडागु के आदिवासी स्कूल में गेट गिरने से ४ साल की अपूर्वा की मौत, परिवार ने लगाया लापरवाही का आरोप

सारांश

कोडागु के बसवनहल्ली गाँव में एक सरकारी आदिवासी स्कूल की जर्जर दीवार और जंग खाया गेट शुक्रवार शाम बारिश में गिर पड़ा और चार वर्षीय अपूर्वा की जान ले गया। परिवार ने ITDP विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है और पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है।

मुख्य बातें

8 अगस्त 2026 को कर्नाटक के कोडागु जिले के वाल्मीकि आश्रम स्कूल में जर्जर दीवार और गेट गिरने से चार वर्षीय अपूर्वा की मौत हो गई।
अपूर्वा अपनी बड़ी बहन का इंतज़ार करने स्कूल गेट के पास खड़ी थी, तभी बारिश के दौरान पुरानी दीवार गेट पर गिरी और गेट बच्ची पर आ गिरा।
स्कूल कर्नाटक जनजातीय कल्याण विभाग की ITDP परियोजना के तहत चलता है और इसमें लगभग 200 छात्र पढ़ते हैं।
परिवार ने आरोप लगाया कि गेट जंग खाया हुआ और बदहाल था, जो लंबे समय से खतरा बना हुआ था।
पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है; परिवार ने ITDP विभाग और स्कूल स्टाफ से जवाबदेही की माँग की है।

कर्नाटक के कोडागु जिले के कुशलनगर तालुक स्थित बसवनहल्ली गाँव में 8 अगस्त 2026 को एक दर्दनाक हादसे में चार वर्षीय अपूर्वा की मौत हो गई, जब सरकार द्वारा संचालित वाल्मीकि आश्रम आदिवासी कल्याण स्कूल की जर्जर कंपाउंड वॉल और गेट उस पर गिर पड़े। परिवार ने स्कूल प्रबंधन और इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (ITDP) विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

शुक्रवार शाम बारिश के दौरान अपूर्वा अपनी बड़ी बहन को घर लाने के लिए वाल्मीकि आश्रम स्कूल गई थी। वह स्कूल गेट के पास बहन का इंतज़ार कर रही थी, तभी परिसर की पुरानी और कमज़ोर हो चुकी दीवार अचानक गेट पर आ गिरी। गेट का भारी ढाँचा सीधे बच्ची के सिर पर गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। तत्काल चिकित्सा सहायता के बावजूद अपूर्वा की जान नहीं बचाई जा सकी। मृतका सतीश और पवित्रा की बेटी थी।

परिवार का आरोप: जंग खाया गेट था खतरे की निशानी

परिवार के सदस्यों के अनुसार स्कूल का गेट लंबे समय से जंग खाया हुआ और बदहाल स्थिति में था। उनका कहना है कि इसे कब का हटाया या मरम्मत किया जाना चाहिए था। परिवार ने कहा, 'जिन लोगों ने बच्चों की जिम्मेदारी ली है, उन्हें उनकी ठीक से देखभाल करनी चाहिए।' परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि परिसर की दीवार काफी समय से खतरनाक स्थिति में थी और इसकी शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

स्कूल और विभाग की पृष्ठभूमि

वाल्मीकि आश्रम स्कूल कर्नाटक के जनजातीय कल्याण विभाग की इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (ITDP) के अंतर्गत संचालित होता है। इस स्कूल में लगभग 200 छात्र अध्ययन करते हैं। यह घटना ऐसे समय में आई है जब राज्य में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढाँचे की स्थिति पहले से ही सवालों के घेरे में है।

आम जनता और अभिभावकों पर असर

इस हादसे ने कोडागु जिले में सरकारी जनजातीय कल्याण स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों ने चिंता ज़ाहिर की है कि स्कूल परिसरों में जर्जर दीवारें और पुराने ढाँचे छात्रों की जान के लिए निरंतर खतरा बने हुए हैं। परिवार ने माँग की है कि अधिकारी स्कूल परिसर का गहन निरीक्षण करें और असुरक्षित ढाँचों को तत्काल हटाया जाए या उनकी मरम्मत की जाए।

जाँच और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। परिवार ने ITDP विभाग और स्कूल स्टाफ को इस घटना के लिए सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए जवाबदेही की माँग की है। यह देखना होगा कि विभाग इस त्रासदी के बाद राज्य के अन्य जनजातीय स्कूलों के बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा जाँच के लिए क्या कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि व्यवस्थागत उपेक्षा का परिणाम है — परिवार का कहना है कि गेट की जर्जर हालत पहले से ज़ाहिर थी। सरकारी जनजातीय कल्याण स्कूलों में बुनियादी ढाँचे की नियमित जाँच न होना एक पुरानी और राष्ट्रव्यापी समस्या है, जो बार-बार त्रासदियों के रूप में सामने आती है। असली सवाल यह है कि क्या ITDP विभाग इस एक घटना पर प्रतिक्रिया देकर आगे बढ़ जाएगा, या राज्य के सभी जनजातीय आवासीय स्कूलों का संरचनात्मक ऑडिट अनिवार्य किया जाएगा। चार साल की बच्ची की जान की कीमत पर यह सवाल और टाला नहीं जाना चाहिए।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक के कोडागु स्कूल में क्या हुआ?
कोडागु जिले के बसवनहल्ली गाँव स्थित वाल्मीकि आश्रम स्कूल में 8 अगस्त 2026 को शाम बारिश के दौरान पुरानी कंपाउंड वॉल और जंग खाया गेट गिर गया, जिससे स्कूल गेट के पास खड़ी चार वर्षीय अपूर्वा की मौत हो गई। वह अपनी बड़ी बहन का इंतज़ार कर रही थी।
मृत बच्ची अपूर्वा कौन थी?
अपूर्वा सतीश और पवित्रा की चार वर्षीय बेटी थी। वह अपनी बड़ी बहन को स्कूल से लेने गई थी और गेट के पास इंतज़ार के दौरान इस हादसे की शिकार हो गई।
परिवार ने किस पर लापरवाही का आरोप लगाया है?
परिवार ने ITDP विभाग और स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गेट लंबे समय से जंग खाया और बदहाल था और इसे पहले ही ठीक किया जाना चाहिए था।
वाल्मीकि आश्रम स्कूल किस विभाग के अंतर्गत आता है?
यह स्कूल कर्नाटक जनजातीय कल्याण विभाग की इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (ITDP) के तहत संचालित होता है और इसमें लगभग 200 छात्र पढ़ते हैं।
इस घटना के बाद क्या कार्रवाई हुई है?
पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। परिवार ने माँग की है कि स्कूल परिसर का गहन निरीक्षण हो और असुरक्षित ढाँचों को तत्काल हटाया या मरम्मत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएँ न हों।
राष्ट्र प्रेस
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