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एफएसएसएआई की शिमला में फूड बिजनेस ऑपरेटर्स संग बैठक, लाइसेंसिंग और फूड सेफ्टी नियमों पर मिली गाइडेंस

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एफएसएसएआई की शिमला में फूड बिजनेस ऑपरेटर्स संग बैठक, लाइसेंसिंग और फूड सेफ्टी नियमों पर मिली गाइडेंस

सारांश

एफएसएसएआई का यह कदम सिर्फ एक बैठक नहीं — यह नियामक और उद्योग के बीच बढ़ती दूरी को पाटने की कोशिश है। शिमला में हुई इस कॉन्फ्रेंस में हिमाचल, पंजाब और चंडीगढ़ के फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को लाइसेंसिंग, प्रोडक्ट अप्रूवल और आयात प्रक्रियाओं पर सीधी गाइडेंस मिली। अब हर तिमाही ऐसी बैठक होगी।

मुख्य बातें

एफएसएसएआई के उत्तर क्षेत्रीय कार्यालय ने 9 जून 2026 को शिमला में फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के साथ इंटरैक्टिव कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
हिमाचल प्रदेश , चंडीगढ़ और पंजाब के खाद्य निर्माता, व्यापारी और स्टार्ट-अप्स शामिल हुए।
सत्र की अध्यक्षता उत्तर क्षेत्र के निदेशक देवेश कुमार महला ने की; लाइसेंसिंग, प्रोडक्ट अप्रूवल और आयात प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन दिया गया।
घोषणा की गई कि ऐसी बातचीत अब हर तिमाही आयोजित होगी।
अगले सत्र में अनुपालन ऑडिट और फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम पर फोकस रहेगा।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के उत्तर क्षेत्रीय कार्यालय ने 9 जून 2026 को शिमला में फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के साथ एक इंटरैक्टिव कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को बेहतर बनाना और स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी को सुदृढ़ करना था। इस सत्र में हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और पंजाब के खाद्य निर्माताओं, प्रोसेसर्स, व्यापारियों और स्टार्ट-अप्स ने हिस्सा लिया।

बैठक की अध्यक्षता और मुख्य संदेश

सत्र की अध्यक्षता एफएसएसएआई के उत्तर क्षेत्र के निदेशक देवेश कुमार महला ने की। उन्होंने स्पष्ट किया कि एफएसएसएआई नियमों का पालन करने वाले फूड बिजनेस के लिए 'ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस' को प्रोत्साहित करने के प्रति प्रतिबद्ध है, साथ ही खाद्य सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, "एफएसएसएआई सिर्फ एक नियामक नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित और जिम्मेदार फूड इकोसिस्टम के विकास में एक भागीदार भी है।"

मुख्य मुद्दे और चर्चा के बिंदु

बातचीत में फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के समक्ष आने वाली तीन प्रमुख चुनौतियों — लाइसेंसिंग, प्रोडक्ट अप्रूवल और आयात प्रक्रियाएँ — पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों को पूरी डॉक्यूमेंटेशन और समय पर रेगुलेटरी जवाब देकर लाइसेंसिंग आवेदन प्रक्रिया को तेज़ करने के तरीके बताए गए। इसके अलावा प्रोप्राइटरी फूड के नियम, आयातित खाद्य कंसाइनमेंट की प्रक्रियाएँ, लाइसेंस नवीनीकरण और एफएसएसएआई पोर्टल से जुड़े सवालों का भी समाधान किया गया।

फूड बिजनेस ऑपरेटर्स की प्रतिक्रिया

भाग लेने वाले फूड बिजनेस ऑपरेटर्स ने नियामक के साथ सीधी बातचीत के इस अवसर का स्वागत किया। उनका कहना था कि इस तरह के संवाद से रेगुलेटरी आवश्यकताओं को स्पष्ट रूप से समझने और अनुपालन से जुड़ी चिंताओं को समय पर सुलझाने में ठोस मदद मिलती है। गौरतलब है कि छोटे और मध्यम खाद्य उद्यमों के लिए नियामक प्रक्रियाओं की जटिलता अक्सर परिचालन में बाधा बनती रही है।

त्रैमासिक बैठकों की घोषणा

सत्र के दौरान यह घोषणा की गई कि ऐसी इंटरैक्टिव बातचीत अब हर तिमाही आयोजित की जाएगी। अगले सत्र में अनुपालन ऑडिट और फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम पर केंद्रित चर्चा होने की उम्मीद है।

स्टेकहोल्डर्स के लिए सीधा संपर्क माध्यम

जुड़ाव को और प्रभावी बनाने के लिए फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को सलाह दी गई कि वे लाइसेंसिंग संबंधी शिकायतें, विशेष सवाल या प्रोडक्ट अप्रूवल से जुड़ी समस्याएँ सीधे निदेशक की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजें। यह पहल खाद्य उद्योग और नियामक के बीच पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या लाइसेंसिंग और अप्रूवल की औसत समय-सीमा वास्तव में घटती है। 'ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस' का नारा तभी सार्थक होगा जब पोर्टल की तकनीकी खामियाँ और दस्तावेज़ीकरण की जटिलताएँ दूर हों — जो इस बैठक में चर्चा का विषय तो बनीं, लेकिन समाधान की समयसीमा स्पष्ट नहीं हुई।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एफएसएसएआई ने शिमला में यह बैठक क्यों आयोजित की?
एफएसएसएआई के उत्तर क्षेत्रीय कार्यालय ने यह बैठक स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी मजबूत करने और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोजित की। इसमें लाइसेंसिंग, प्रोडक्ट अप्रूवल और आयात प्रक्रियाओं से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान किया गया।
इस बैठक में कौन-से राज्यों के फूड बिजनेस ऑपरेटर्स शामिल हुए?
इस सत्र में हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और पंजाब के खाद्य निर्माताओं, प्रोसेसर्स, व्यापारियों और स्टार्ट-अप्स ने भाग लिया। इन तीनों क्षेत्रों को एफएसएसएआई के उत्तर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत रखा गया है।
बैठक में लाइसेंसिंग प्रक्रिया को लेकर क्या गाइडेंस दी गई?
प्रतिभागियों को बताया गया कि पूरी डॉक्यूमेंटेशन और रेगुलेटरी आवश्यकताओं पर समय पर जवाब देकर लाइसेंसिंग आवेदन प्रक्रिया को तेज़ किया जा सकता है। लाइसेंस नवीनीकरण और एफएसएसएआई पोर्टल से जुड़े सवालों का भी समाधान किया गया।
क्या भविष्य में भी ऐसी बैठकें होंगी?
हाँ, सत्र के दौरान घोषणा की गई कि ऐसी इंटरैक्टिव बातचीत अब हर तिमाही आयोजित की जाएगी। अगले सत्र में अनुपालन ऑडिट और फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम पर केंद्रित चर्चा होने की उम्मीद है।
फूड बिजनेस ऑपरेटर्स अपनी शिकायतें एफएसएसएआई को कैसे भेज सकते हैं?
एफएसएसएआई ने सलाह दी है कि ऑपरेटर्स लाइसेंसिंग संबंधी शिकायतें, विशेष सवाल या प्रोडक्ट अप्रूवल से जुड़ी समस्याएँ सीधे उत्तर क्षेत्र के निदेशक की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजें। यह व्यवस्था नियामक और उद्योग के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा देने के लिए की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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