सरकार ने बैंकों, बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड में पड़े 73,000 करोड़ रुपए के अनक्लेम्ड फंड की वापसी के लिए तेज की अपनी कोशिशें
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नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने बैंकों, बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड में जमा ७३,००० करोड़ रुपए से अधिक की अनक्लेम्ड (बिना दावे वाली) राशि को नागरिकों को लौटाने के लिए अपने प्रयासों को तेज किया है। संसद में मंगलवार को यह जानकारी दी गई कि इसके लिए रेगुलेटर ने क्लेम प्रक्रिया को सरल बनाया है, डिजिटल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म प्रारंभ किए हैं और पूरे देश में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि सरकारी बैंकों में अनक्लेम्ड राशि ६०,५०० करोड़ रुपए से अधिक हो चुकी है, और इन्हें नागरिकों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जनवरी २०२६ के अंत तक सरकारी बैंकों ने ६०,५१८ करोड़ रुपए भारतीय रिजर्व बैंक के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (डीईए) फंड में ट्रांसफर किए हैं।
इसके अलावा, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के अनुसार, बीमा कंपनियों में ८,९७३.८९ करोड़ रुपए और म्यूचुअल फंड में ३,७४९.३४ करोड़ रुपए अनक्लेम्ड हैं।
आरबीआई ने मृत ग्राहकों के खातों के निपटान के लिए नए नियम जारी किए हैं और अक्टूबर २०२५ से एक प्रोत्साहन योजना भी शुरू की है। इसके तहत सफल क्लेम सेटलमेंट पर अनक्लेम्ड राशि का ५ से ७.५ प्रतिशत तक इंसेंटिव दिया जा रहा है (एक तय सीमा तक)।
बैंकों को यह निर्देश भी दिया गया है कि वे समय-समय पर अभियान चलाएं, अनक्लेम्ड खातों की सूची प्रकाशित करें और लोगों को जागरूक करें।
इसी प्रकार, सेबी ने म्यूचुअल फंड के लिए नियमों को सरल किया है। ५ लाख रुपए तक के दावों के लिए कम दस्तावेज मांगे जाएंगे और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से तेजी से प्रोसेस किया जाएगा।
सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर २०२५ के बीच 'आपकी पूंजी, आपका अधिकार' नामक एक राष्ट्रीय अभियान भी चलाया।
मंत्री ने बताया कि फरवरी २०२६ तक लगभग २३ लाख दावों से जुड़े ५,७७७ करोड़ रुपए नागरिकों को वापस किए जा चुके हैं।
लोगों की सहायता के लिए रेगुलेटर ने बीमा भरोसा और मित्र जैसे विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू किए हैं, जहां लोग अपने अनक्लेम्ड पैसे की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, आरबीआई ने डिजिटल बैंकिंग में धोखाधड़ी से संबंधित नए नियम भी प्रस्तावित किए हैं और इस पर लोगों से सुझाव मांगे हैं।
धोखाधड़ी को रोकने के लिए आरबीआई ने २६ बैंकों में एआई-आधारित 'म्यूलहंटर.एआई' सिस्टम लागू किया है। साथ ही, इंडियन डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस कॉरपोरेशन भी स्थापित किया गया है, जो रियल टाइम में धोखाधड़ी का पता लगाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जागरूकता बढ़ाने के लिए आरबीआई के 'आरबीआई कहता है' और सेबी की 'सेबी बनाम स्कैम' जैसे अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि लोग अपने पैसों को सुरक्षित रख सकें और सही समय पर क्लेम कर सकें।