ज्ञानवापी मस्जिद विवाद: वुजुखाना सर्वेक्षण याचिका पर हाईकोर्ट में अगली सुनवाई १५ अप्रैल को
सारांश
Key Takeaways
- ज्ञानवापी मस्जिद का वुजुखाना विवाद महत्वपूर्ण है।
- हिंदू पक्ष का दावा शिवलिंग के अस्तित्व का है।
- मुस्लिम पक्ष इसे फव्वारा मानता है।
- अगली सुनवाई १५ अप्रैल को है।
- सुप्रीम कोर्ट का स्थगनादेश प्रभावी है।
प्रयागराज, १० मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के वुजुखाने का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने के लिए राखी सिंह द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की गई। इस मामले की सुनवाई जस्टिस रोहित व्यंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने की और अगली तारीख १५ अप्रैल निर्धारित की है।
राखी सिंह ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से वुजुखाने का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की अनुमति मांगी है। याचिका के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि सर्वेक्षण संबंधी आदेश पर सुप्रीम कोर्ट का स्थगनादेश लागू है।
हाल ही में वाराणसी कोर्ट ने एएसआई को ज्ञानवापी मस्जिद के वुजुखाना क्षेत्र का सर्वेक्षण करने से मना कर दिया था। इसके बाद, शृंगार गौरी मामले में पक्षकार राखी सिंह ने हाईकोर्ट में सिविल रिवीजन याचिका दायर की है।
हिंदू पक्ष का कहना है कि वजुखाने में मौजूद संरचना शिवलिंग है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे फव्वारा मानता है। हिंदू पक्ष ने यह भी दावा किया है कि ज्ञानवापी के मुख्य गुंबद के नीचे शिवलिंग मौजूद है। उन्होंने यहाँ खुदाई कराकर एएसआई से सर्वेक्षण कराने की मांग की है। दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष ने खुदाई के विरोध में कहा है कि इससे मस्जिद को हानि पहुँच सकती है।
यह मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुसार, निचली अदालतों को सर्वेक्षण से संबंधित कोई भी प्रभावी आदेश पारित करने से रोका गया है।