ई20 पेट्रोल वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित — ARAI, SIAM, IOCL के व्यापक परीक्षणों से पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 7 अगस्त 2026 को संसद में एक लिखित उत्तर के ज़रिए स्पष्ट किया कि ई20 पेट्रोल — यानी 20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल — निर्धारित मानकों के तहत वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। भारी उद्योग मंत्रालय ने बताया कि यह निष्कर्ष सरकारी एजेंसियों, वाहन निर्माताओं और उद्योग संगठनों द्वारा किए गए व्यापक प्रयोगशाला एवं वास्तविक परिस्थितियों के परीक्षणों पर आधारित है।
किन संस्थाओं ने किए परीक्षण
ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने विभिन्न वाहन निर्माताओं के साथ मिलकर ई20 ईंधन पर विस्तृत परीक्षण किए। इन परीक्षणों में इंजन की मजबूती, वाहन की संचालन क्षमता, ठंडे मौसम में इंजन स्टार्ट होने की क्षमता, जंग प्रतिरोध, विभिन्न पुर्जों के साथ ईंधन की अनुकूलता, ईंधन प्रणाली की विश्वसनीयता, उत्सर्जन स्तर और ईंधन दक्षता जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया गया।
अंतर-मंत्रालयी समिति की भूमिका
मंत्रालय के अनुसार, 26 दिसंबर 2020 को नीति आयोग के तहत एक अंतर-मंत्रालयी समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने वाहनों की ई20 ईंधन के साथ अनुकूलता, माइलेज और ईंधन दक्षता से जुड़े सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा की। IOCL, ARAI और SIAM के शोध ने इस मूल्यांकन को पूरा समर्थन दिया।
पुराने वाहनों पर भी नहीं पड़ा नकारात्मक असर
मंत्रालय ने संसद को बताया कि निर्धारित परिचालन परिस्थितियों में पुराने वाहनों पर भी ई20 पेट्रोल के उपयोग से प्रदर्शन, इंजन की टिकाऊ क्षमता या वाहन के पुर्जों की अनुकूलता पर कोई महत्वपूर्ण प्रतिकूल प्रभाव सामने नहीं आया। यह निष्कर्ष उन आशंकाओं को कम करता है जो पुराने वाहन मालिकों के बीच ई20 के प्रसार को लेकर थीं।
क्रियान्वयन में कौन-कौन शामिल
ई20 ईंधन के वैज्ञानिक परीक्षण और चरणबद्ध क्रियान्वयन की पूरी प्रक्रिया में वाहन निर्माता कंपनियाँ, ऑटोमोबाइल कलपुर्जा निर्माता, SIAM, ARAI, परीक्षण एजेंसियाँ और तेल विपणन कंपनियाँ सक्रिय रूप से शामिल रहीं। सरकार के अनुसार, ई20 ईंधन को लागू करने से पहले ईंधन प्रणाली, इंजन की मजबूती, वाहन संचालन क्षमता और उत्सर्जन प्रदर्शन का सफलतापूर्वक सत्यापन किया जा चुका था।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार 2025 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम कर रही है — जो कच्चे तेल के आयात में कमी और कृषि आधारित इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। संसद में इस पुष्टि के बाद ई20 के राष्ट्रव्यापी विस्तार को और गति मिलने की संभावना है।