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इंडिया ब्लॉक बैठक से पहले दिल्ली में कांग्रेस विरोधी पोस्टर, सहयोगी नेताओं के बयान इस्तेमाल

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इंडिया ब्लॉक बैठक से पहले दिल्ली में कांग्रेस विरोधी पोस्टर, सहयोगी नेताओं के बयान इस्तेमाल

सारांश

इंडिया ब्लॉक की बैठक से ठीक पहले दिल्ली के प्रमुख चौराहों पर कांग्रेस विरोधी पोस्टर लगाए गए, जिनमें गठबंधन के ही सहयोगी — ममता, केजरीवाल, पवार, उदयनिधि और विजयन — के बयानों से कांग्रेस को घेरा गया। पोस्टर लगाने वाले अज्ञात हैं, लेकिन संदेश साफ है: इंडिया ब्लॉक के भीतर दरारें गहरी हैं।

मुख्य बातें

8 जून को इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले नई दिल्ली के प्रमुख चौराहों पर कांग्रेस विरोधी पोस्टर लगाए गए।
पोस्टरों में उदयनिधि स्टालिन (DMK) , शरद पवार (NCP-SP) , पी.
विजयन (CPI-M) , ममता बनर्जी (TMC) और अरविंद केजरीवाल (AAP) के बयानों का हवाला दिया गया।
सभी पोस्टरों पर साझा स्लोगन: 'इंडी अलायन्स वाले जो आपस में लड़ रहे हैं, वो साथ क्या लड़ेंगे!' पोस्टर लगाने वाले संगठन या व्यक्ति की पहचान अभी तक अज्ञात है।
पोस्टर अशोका रोड , रेल भवन और ली मेरिडियन गोलचक्कर समेत कई स्थानों पर दिखे।

नई दिल्ली में 8 जून को विपक्षी इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक से ठीक पहले राजधानी के प्रमुख चौराहों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के खिलाफ बड़े पैमाने पर पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में गठबंधन के ही सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए कांग्रेस को धोखेबाज और अविश्वसनीय करार दिया गया है।

कहाँ-कहाँ दिखे पोस्टर

अशोका रोड गोलचक्कर, रेल भवन गोलचक्कर और ली मेरिडियन गोलचक्कर समेत दिल्ली के कई प्रमुख स्थानों पर ये पोस्टर नजर आए। यह ऐसे समय में हुआ जब सोमवार को होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक को गठबंधन की एकजुटता की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन पोस्टरों को किसने लगवाया है।

किन नेताओं के बयान इस्तेमाल हुए

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के नेता उदयनिधि स्टालिन के हवाले से एक पोस्टर में लिखा गया है: '20 साल से ज़्यादा समय तक कांग्रेस हमारी पीठ पर बैठकर आगे बढ़ती रही, और आज उन्होंने हमारी ही पीठ में छुरा घोंप दिया।'

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) — NCP(SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार के हवाले से एक पोस्टर में दर्ज है: 'राहुल गांधी में कंसीस्टेंसी की कमी है।'

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) के नेता पी. विजयन के बयान के रूप में लिखा गया है: 'राहुल गांधी एक राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं, लेकिन फिर भी उनमें इतनी भी समझ नहीं है जितनी कांग्रेस के एक आम स्थानीय कार्यकर्ता में होती है।'

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के दो बयान पोस्टरों में प्रमुखता से छापे गए हैं — 'कांग्रेस अपनी विश्वसनीयता खो रही है। हम कांग्रेस पर निर्भर नहीं रह सकते।' और 'अगर कांग्रेस गठबंधन (इंडिया ब्लॉक) नहीं चला सकती, तो मैं इसे चला सकती हूं।'

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के हवाले से पोस्टर में लिखा है: 'लोग कहते हैं कि हम कांग्रेस को कमजोर कर रहे हैं। भला, मैं कांग्रेस को क्या कमजोर करूंगा? राहुल गांधी खुद ही अकेले इस काम को बहुत अच्छे से कर रहे हैं।'

पोस्टरों का केंद्रीय संदेश

सभी पोस्टरों के नीचे एक समान स्लोगन छपा है: 'इंडी अलायन्स वाले जो आपस में लड़ रहे हैं, वो साथ क्या लड़ेंगे!' गौरतलब है कि इन पोस्टरों में इस्तेमाल किए गए सभी बयान इंडिया ब्लॉक के भीतर के दलों के नेताओं के हैं, जो गठबंधन में आंतरिक तनाव को रेखांकित करते हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह पहली बार नहीं है जब इंडिया ब्लॉक में आंतरिक मतभेद सार्वजनिक हुए हों। TMC, AAP, DMK और वामपंथी दलों ने अलग-अलग मौकों पर कांग्रेस के नेतृत्व और रणनीति पर सवाल उठाए हैं। बैठक से पहले इस तरह के पोस्टरों का प्रकट होना गठबंधन की एकता के लिए एक नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

आगे क्या

सोमवार की बैठक में शामिल दलों की प्रतिक्रिया और यह स्पष्ट होना कि पोस्टर अभियान के पीछे किसका हाथ है — ये दोनों बातें इंडिया ब्लॉक के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जो बयान उनमें इस्तेमाल हुए हैं वे असली और सार्वजनिक हैं — यही इंडिया ब्लॉक की असली समस्या है। गठबंधन के भीतर के नेता ही कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाते रहे हैं, और अब वे बयान विरोधियों के हथियार बन रहे हैं। बैठक से पहले इस तरह का माहौल बनना दर्शाता है कि गठबंधन की एकता महज औपचारिकता बनती जा रही है। जब तक इंडिया ब्लॉक नेतृत्व और समन्वय के बुनियादी सवालों का जवाब नहीं देता, बैठकें केवल तस्वीरों तक सीमित रहेंगी।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में कांग्रेस विरोधी पोस्टर किसने लगाए?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन पोस्टरों को किसने लगवाया। पोस्टरों पर किसी राजनीतिक दल या संगठन का नाम नहीं है, लेकिन इनमें इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दलों के नेताओं के बयानों का इस्तेमाल किया गया है।
इन पोस्टरों में किन नेताओं के बयान थे?
पोस्टरों में DMK के उदयनिधि स्टालिन, NCP(SP) के शरद पवार, CPI(M) के पी. विजयन, TMC की ममता बनर्जी और AAP के अरविंद केजरीवाल के बयानों का हवाला दिया गया, जिनमें कांग्रेस के नेतृत्व और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं।
इंडिया ब्लॉक की यह बैठक क्यों महत्वपूर्ण है?
सोमवार को होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक को गठबंधन की एकजुटता और आगामी राजनीतिक रणनीति की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। पोस्टर विवाद ने बैठक से पहले ही गठबंधन की आंतरिक स्थिति पर सवालिया निशान लगा दिया है।
पोस्टरों का मुख्य संदेश क्या था?
सभी पोस्टरों पर एक साझा स्लोगन था — 'इंडी अलायन्स वाले जो आपस में लड़ रहे हैं, वो साथ क्या लड़ेंगे!' इसके जरिए इंडिया ब्लॉक में शामिल दलों की आपसी एकजुटता पर सवाल उठाया गया।
क्या इंडिया ब्लॉक में पहले भी इस तरह के मतभेद सामने आए हैं?
हाँ, इससे पहले भी TMC, AAP, DMK और वामपंथी दलों ने अलग-अलग मौकों पर कांग्रेस के नेतृत्व और रणनीति पर सार्वजनिक रूप से असंतोष जताया है। पोस्टरों में इस्तेमाल बयान इन्हीं पहले के सार्वजनिक वक्तव्यों से लिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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